नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ। उत्तर प्रदेश दिवस–2026 के अवसर पर उत्तर प्रदेश शासन द्वारा विधान परिषद सदस्य धर्मेंद्र भारद्वाज को हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में आयोजित कार्यक्रम हेतु राज्य प्रतिनिधि के रूप में नामित किया गया। आज धर्मेंद्र भारद्वाज ने शिमला स्थित राजभवन में आयोजित इस गरिमामयी कार्यक्रम में सहभागिता की।
कार्यक्रम का शुभारंभ हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल शिवप्रताप शुक्ल, उनकी पत्नी जानकी शुक्ला, ज्ञानेश सिंह (मुख्य गोपनीय महानिदेशक), नीलम माला (आईजी एडीजीसी), चंद्र प्रकाश वर्मा एवं गोपाल शर्मा द्वारा दीप प्रज्वलन कर किया गया। आयोजन के दौरान उत्तर प्रदेश की समृद्ध परंपरा और सांस्कृतिक विरासत को दर्शाते हुए आकर्षक सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए गए।
इस अवसर पर उत्तर प्रदेश सरकार के संस्कृति विभाग द्वारा भेजे गए स्मृति चिह्न से धर्मेंद्र भारद्वाज को सम्मानित किया गया। राज्यपाल शिवप्रताप शुक्ल ने उन्हें गर्म शॉल एवं हिमाचल की पारंपरिक टोपी पहनाकर सम्मान प्रदान किया। वहीं धर्मेंद्र भारद्वाज ने राज्यपाल शिवप्रताप शुक्ल एवं उनकी पत्नी को शाल ओढ़ाकर तथा भगवान श्रीराम की प्रतिमा भेंट कर सम्मानित किया।
अपने संबोधन में धर्मेंद्र भारद्वाज ने कहा कि उत्तर प्रदेश केवल एक राज्य नहीं, बल्कि भारत की आत्मा और सांस्कृतिक चेतना का केंद्र है। अयोध्या, मथुरा, काशी और प्रयागराज का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इन तीर्थों ने देश को मर्यादा, कर्म, मोक्ष और एकता का शाश्वत संदेश दिया है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश आज भयमुक्त, आत्मविश्वासी और विकास की दिशा में तेज़ी से अग्रसर है। महिला सुरक्षा, किसान सम्मान, युवा सशक्तिकरण और निवेश के क्षेत्र में प्रदेश ने उल्लेखनीय उपलब्धियाँ हासिल की हैं।
“एक भारत–श्रेष्ठ भारत” की भावना को रेखांकित करते हुए धर्मेंद्र भारद्वाज ने कहा कि उत्तर प्रदेश दिवस राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक संवाद का सशक्त प्रतीक है। उन्होंने हिमाचल प्रदेश सरकार एवं शिमला की जनता का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन राज्यों के बीच आपसी सद्भाव, सहयोग और एकात्मता को और अधिक मजबूत करते हैं।
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