नित्य संदेश ब्यूरो
गाज़ियाबाद। नेशनल रोड सेफ्टी मंथ (1-31 जनवरी 2026) और सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के सड़क सुरक्षा अभियान (एसएसए) 2026 के अवसर पर भारत के अग्रणी क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म इंस्टामार्ट ने आज अपने डिलीवरी पार्टनर्स की सड़क पर सुरक्षा और आपात स्थिति की तैयारी को और बेहतर बनाने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा पहलों की घोषणा की। इस पहल के तहत इंस्ट्रामार्ट ने वीईसीआरईपी के साथ साझेदारी की है, जिसके अंतर्गत एक दो-स्तरीय सुरक्षा कार्यक्रम शुरू किया गया है, जिसमें एक इमरजेंसी क्यूआर कोड सॉल्युशन और निवारक वाहन जांच शामिल है।
इंस्ट्रामार्ट के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर अंकित जैन ने कहा, "हमारे डिलीवरी पार्टनर्स हमारे हर काम की रीढ़ हैं और उनकी सुरक्षा हमेशा हमारी प्राथमिकता रहेगी। रेस्क्यूटैग जैसे सॉल्युशन्स के साथ, व्यावहारिक ऑन-ग्राउंड ट्रेनिंग और निवारक सपोर्ट को जोड़कर, हम रियल-टाइम इमरजेंसी रिस्पॉन्स को मजबूत कर रहे हैं और सुरक्षित व आत्मविश्वास से भरी राइडिंग आदतों को बढ़ावा दे रहे हैं, ताकि डिलीवरी पार्टनर्स की सुरक्षा और भलाई को सबसे पहले रखा जा सके।"
इस पहल पर बात करते हुए, वीईसीआरईपी के को-फाउंडर रजत सोनी ने कहा, "डिलीवरी पार्टनर्स अपना अधिकांश समय सड़कों पर बिताते हैं, और सुरक्षा उपाय व्यावहारिक, तेज और वास्तविक परिस्थितियों के लिए बने होने चाहिए। सड़क सुरक्षा अभियान के तहत, इंस्ट्रामार्ट के साथ हमारा सहयोग रेस्क्यूटैग की त्वरित इमरजेंसी रिस्पॉन्स क्षमता को ऑन-ग्राउंड ट्रेनिंग और निवारक वाहन देखभाल के साथ जोड़ता है, जिससे एक ऐसा सुरक्षा नेटवर्क तैयार होता है जो तब काम आता है जब हर सेकंड मायने रखता है। यह पायलट देशभर में डिलीवरी पार्टनर्स की रोजमर्रा की यात्राओं में सड़क सुरक्षा जागरूकता, तैयारी और भरोसेमंद सपोर्ट को शामिल करने की एक दीर्घकालिक कोशिश की शुरुआत है।"
इस साझेदारी के केंद्र में वीईसीआरईपी द्वारा संचालित रेस्क्यूटैग है यह एक क्यूआर और एनएफसी आधारित सुरक्षा टूल है, जो डिलीवरी पार्टनर्स को दुर्घटना, वाहन खराब होने या सड़क पर किसी भी आपात स्थिति में तुरंत और प्रमाणित अलर्ट भेजने की सुविधा देता है। यह सिस्ट्म बिना व्यक्तिगत फोन नंबर उजागर किए, पंजीकृत आपात संपर्कों को तुरंत सूचित करता है, जिससे गोपनीयता बनी रहती है और कीमती समय बचता है। इमरजेंसी रिस्पॉन्स के अलावा, इंस्टामार्ट डिलीवरी पार्टनर्स को मुफ्त सुरक्षा जांच भी उपलब्ध करा रहा है। वीईसीआरईपी के सत्यापित गैरेज नेटवर्क के माध्यम से, डिलीवरी पार्टनर्स को प्राथमिकता के आधार पर सर्विसिंग और निवारक मेंटेनेंस सपोर्ट मिलता है, जिससे वाहन खराब होने के कारण होने वाले डाउनटाइम को कम करने में मदद मिलती है। यह पायलट प्रोजेक्ट वर्तमान में दिल्ली, गुरुग्राम, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, चंडीगढ़, जयपुर, फरीदाबाद, गाजियाबाद, मोहाली, जीरकपुर, पंचकुला, खरार और देहरादून में चल रहा है।
यह पहल स्विगी के चल रहे 'डिलीवरिंग सेफली' चार्टर पर आधारित है, जो एक राष्ट्रव्यापी रोड सेफ्टी अभियान है और डिलीवरी पार्टनर्स के बीच जिम्मेदार राइडिंग को बढ़ावा देने और सड़क पर जोखिम को कम करने के लिए बनाया गया है। वर्ष 2025 में, स्विगी ने शहरों के ट्रैफिक पुलिस विभागों के साथ साझेदारी में 22 से अधिक संरचित रोड सेफ्टी जागरूकता ट्रेनिंग और वर्कशॉप आयोजित कीं, साथ ही सेफ्टी रैलियां, शपथ कार्यक्रम और ट्रैफिक अधिकारियों के सहयोग से मुफ्त हेलमेट वितरण भी किया, ताकि हजारों डिलीवरी पार्टनर्स को जागरूक किया जा सके।
ये नई इमरजेंसी पहलें स्विगी के दीर्घकालिक सुरक्षा प्रोटोकॉल में और इजाफा करती हैं, जिनमें इन-ऐप एसओएस बटन शामिल है, जो डिलीवरी पार्टनर्स को हेल्पलाइन, स्थानीय पुलिस या अस्पतालों से जोड़ता है। वर्ष 2023 में, स्विगी डिलीवरी पार्टनर्स के लिए मुफ्त एम्बुलेंस सेवा शुरू करने वाला पहला डिलीवरी प्लेटफॉर्म बना। फिलहाल, प्लेटफॉर्म पर देशभर में 6.9 लाख से अधिक डिलीवरी पार्टनर्स जुड़े हुए हैं, जिन्हें दुर्घटना बीमा, मेडिकल कवरेज, दुर्घटना या बीमारी से उबरने के दौरान आय सहायता, शोक अवकाश सहित कई तरह के लाभ मिलते हैं।
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