तरुण आहूजा
नित्य संदेश, मेरठ। लोहियानगर स्थित सत्यकाम इंटरनेशनल स्कूल में चल रहा विवाद अब एक नए मोड़ पर पहुंच गया है। 26 जनवरी गणतंत्र दिवस कल है, लेकिन स्कूल प्रशासन की स्थिति ऐसी है कि ध्वजारोहण कौन करेगा, यह तय नहीं हो पा रहा।
पुरानी व्यवस्था पर सवालस्कूल की पूर्व प्रधानाचार्य रश्मि मिश्रा पर अनुज मिश्रा सहित गंभीर आरोपों में मुकदमा दर्ज है। मामले में अनुज मिश्रा इस समय जेल में बंद हैं, जिससे स्कूल की छवि और अधिक धूमिल हो गई है। इसके बावजूद रश्मि मिश्रा का प्रभाव अभी भी स्कूल पर बना हुआ बताया जा रहा है, जिस पर अभिभावक और शिक्षक सवाल उठा रहे हैं।
नई प्रधानाचार्य, लेकिन एंट्री नहींवहीं दूसरी ओर, प्रबंधन द्वारा नव नियुक्त प्रधानाचार्य नेहा आनंद को अब तक स्कूल में प्रवेश नहीं मिल पाया है। नियुक्ति पत्र होने के बावजूद उन्हें स्कूल में कार्यभार संभालने से रोका जा रहा है। यह स्थिति साफ तौर पर प्रशासनिक अराजकता को दर्शाती है।
सबसे बड़ा सवालजब स्कूल में यह तय ही नहीं कि वैध प्रधानाचार्य कौन है, तो गणतंत्र दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्व पर ध्वजारोहण कौन करेगा?
• क्या मुकदमों में घिरी पुरानी टीम आगे आएगी?
• या कागज़ों में नियुक्त नई प्रधानाचार्य को मौका मिलेगा?
अभिभावकों में रोष और चिंताअभिभावकों का कहना है कि बच्चों की पढ़ाई और भविष्य से ज्यादा स्कूल में सत्ता संघर्ष चल रहा है। शिक्षक भी असमंजस की स्थिति में हैं कि वे किसके निर्देश मानें।
प्रशासन की भूमिका पर नजरअब सभी की निगाहें शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन पर टिकी हैं कि वे समय रहते हस्तक्षेप कर इस विवाद को सुलझाते हैं या फिर गणतंत्र दिवस भी विवादों की भेंट चढ़ जाएगा।
सवाल साफ है—तिरंगे का सम्मान होगा या स्कूल का विवाद फिर शर्मिंदगी बनेगा?

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