-एक माह के अभियान में 155 मिले फर्जी, पुलिस ने की एफआईआर
नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ। डीआईजी कलानिधि नैथानी ने बताया कि विगत 03 वर्षों के दौरान सम्पत्ति सम्बन्धित अपराधों जैसे डकैती, चोरी, लूट, छिनैती, फिरौती के लिए अपहरण, हत्या, धोखाधड़ी आदि के मामलों में आरोपियों की जमानत कराने वाले जमानतदारों का व्यापक सत्यापन अभियान चलाया गया। इसका उद्देश्य पेशेवर एवं फर्जी जमानतदारों पर प्रभावी अंकुश लगाना रहा, ताकि अपराधियों को जमानत दिलाने के लिए गलत तथ्यों एवं फर्जी दस्तावेजों के उपयोग को रोका जा सके।
मेरठ परिक्षेत्र के जनपदों में विगत 03 वर्षो में उक्त अभियोगों से संबंधित अभियुक्तों की जमानत लेने वाले 2283 जमानतदारों का सत्यापन कराया गया, जिसमें 155 पेशेवर-फर्जी-बाहरी जमानतदार पाए गए हैं, जिनमें से 44 फर्जी जमानतदारों के विरुद्ध 21 अभियोग पंजीकृत कर नियमानुसार कार्रवाई की गयी है। जमानतदारों के चिन्हीकरण की कार्रवाई प्रचलित है। जनपद मेरठ की बात करें तो कुल सत्यापन 720 हुए, जिसमें पेशेवर जमानतदार 26, फर्जी पाए गए 28, पंजीकृत अभियोग 12 और अभियुक्त 28 मिले।
बुलन्दशहर में सत्यापन रहा 690, जिनमें पेशेवर जमानतदार 11 मिले, फर्जी 14, बाहरी- 21 रहें। पंजीकृत अभियोग 08, जबकि अभियुक्त 14 रहे। बागपत में सत्यापन 208, फर्जी जमानतदार 02, बाहरी 10, पंजीकृत अभियोग 01, अभियुक्त 02 एवं जनपद हापुड़ में सत्यापन 665, पेशेवर जमानतदार 23, बाहरी 20 रहें।
आगे भी जारी रहेगा अभियान
डीआईजी ने कहा कि “ऑपरेशन सत्यापन” को आगे भी जारी रखते हुए जमानतदारों का सत्यापन किया जाए। पेशेवर-फर्जी जमानतदारों की पहचान कर इनके विरुद्ध कठोर एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। भविष्य में इस प्रकार की अनियमितताओं को पूर्णतः रोका जाए।
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