नित्य संदेश ब्यूरो
नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश में बिजली के निजीकरण का टेंडर होते
ही कर्मचारियों द्वारा सामूहिक जेल भरो आंदोलन के समर्थन में देशभर से बिजलीकर्मियों
के जत्थे उत्तर प्रदेश के लिए कूच करेंगे। राष्ट्रीय समन्वय समिति नेशनल कोऑर्डिनेशन
कमिटी आफ इलेक्ट्रिसिटी इंप्लाइज एंड इंजीनियर्स, संयुक्त किसान मोर्चा और केंद्रीय
ट्रेड यूनियनों के वरिष्ठ पदाधिकारियों की राजधानी दिल्ली में हुई महत्वपूर्ण मीटिंग
में यह निर्णय लिया गया। बिजली के निजीकरण और इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल-2025 के
विरोध में एक साथ मिलकर संघर्ष किया जाएगा।
ऑल इंडिया पॉवर इंजीनियर्स फेडरेशन के चेयरमैन और विद्युत
कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति उप्र के संयोजक शैलेन्द्र दुबे ने बताया कि नेशनल कोऑर्डिनेशन
कमिटी आफ इलेक्ट्रिसिटी इंप्लाइज एंड इंजीनियर्स ने यह निर्णय लिया है कि उप्र में
पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण का एक तरफा
टेंडर प्रकाशित किया गया तो इसके विरोध में पूरे देश के 27 लाख बिजली कर्मचारी उत्तर
प्रदेश के बिजली कर्मचारियों के साथ मिलकर आंदोलन में सक्रिय सहभागिता करेंगे। यह
निर्णय लिया गया कि निजीकरण का टेंडर होने पर उप्र के बिजली कर्मियों के सामूहिक जेल
भरो आंदोलन के समर्थन में पूरे देश से अलग-अलग प्रान्तों से हजारों बिजली कर्मचारी
लखनऊ कूच करेंगे और लखनऊ में व्यापक सत्याग्रह आंदोलन प्रारंभ कर दिया जाएगा। बैठक
में यह निर्णय लिया गया कि एक साल से अधिक से निजीकरण के विरोध में लगातार संघर्षरत
उप्र के बिजली कर्मियों को पूरा समर्थन दिया जाएगा।
बैठक में ये रहे मौजूद
ऑल इंडिया पावर इंजीनियर फेडरेशन के चेयरमैन शैलेंद्र
दुबे, ऑल इंडिया पावर डिप्लोमा इंजीनियर्स फेडरेशन के सेक्रेटरी जनरल अभिमन्यु धनकड़,
ऑल इंडिया फेडरेशन ऑफ इलेक्ट्रिसिटी इंप्लाइज के जनरल सेक्रेटरी मोहन शर्मा, इलेक्ट्रिसिटी
इंप्लाइज फेडरेशन ऑफ इंडिया के जनरल सेक्रेटरी सुदीप दत्ता, ऑल इंडिया पावर इंजीनियर्स
फेडरेशन के पैटर्न सत्यपाल, सेक्रेटरी हेडक्वार्टर यशपाल शर्मा, सेक्रेटरी लीगल अशोक
जैन, पंजाब के सतवंत सिंह, इलेक्ट्रिसिटी इंप्लाइज फेडरेशन ऑफ इंडिया के सुभाष लम्बा,
ऑल इंडिया फेडरेशन ऑफ इलेक्ट्रिसिटी इंप्लाइज के कृष्णा भोयूर, महेन्द्र राय मुख्यतया
सम्मिलित हुए।

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