डा. अभिषेक डबास
नित्य संदेश, मेरठ। शोभित इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी) द्वारा आयोजित भारतीय ज्ञान प्रणाली पर दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का समापन हुआ। सम्मेलन ने भारतीय ज्ञान परंपरा के वैज्ञानिक दृष्टिकोण, उसके वैश्विक महत्व और आधुनिक परिप्रेक्ष्य में उसकी प्रासंगिकता को नई ऊर्जा प्रदान की।
शुभारंभ पद्मश्री डॉ. भारत भूषण त्यागी के प्रेरक कीनोट एड्रेस
से हुआ, जिसमें उन्होंने वेदों की अंतर्दृष्टि और भारतीय चिंतन की गहराई पर प्रकाश
डालते हुए कहा कि मनुष्य के जीवन में परिवर्तन विचारों की गुणवत्ता से आता है। कीनोट
के बाद आयोजित तकनीकी सत्रों में देशभर के विद्वानों और विशेषज्ञों ने भाग लिया। इंदिरा
गांधी विश्वविद्यालय हरियाणा के डीन बिजेंद्र सिंह ने भारतीय ज्ञान और आधुनिक शिक्षा
के समन्वय पर विचार साझा किए, जबकि प्रो. (डॉ.) एमएल सिंघला (पूर्व डीन, फ़एमस दिल्ली
विश्वविद्यालय) ने भारतीय प्रबंधन चिंतन और नेतृत्व नैतिकता पर अत्यंत महत्वपूर्ण व्याख्यान
प्रस्तुत किया। उद्योग विशेषज्ञ अमब्रिश द्विवेदी ने गीता के दृष्टांतों के माध्यम
से विकास के लिए इनपुट पर ध्यान केंद्रित करने की अवधारणा को स्पष्ट किया। सम्मेलन
के दौरान छह अलग-अलग शोध ट्रैकों में उत्कृष्ट शोध कार्य के लिए प्रतिभागियों को सम्मानित
किया गया, जबकि सर्वश्रेष्ठ पोस्टर प्रस्तुति का पुरस्कार आंशिक अग्रवाल को प्रदान किया गया। कार्यक्रम का संचालन डॉक्टर
नेहा यजुर्वेदी द्वारा किया गया।

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