-परिजनों का आरोप, गलत इंजेक्शन लगने से हुई मौत
नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ। मेडिकल कॉलेज के अस्पताल में प्रसूता की मौत से
हंगामा हो गया। मृतका का नाम बिंदिया था, जिसने मंगलवार को एक बच्ची को जन्म दिया था।
परिजनों ने बताया कि महिला का यह पहला बच्चा है। परिजनों का आरोप है कि मेडिकल अस्पताल
के डॉक्टरों की लापरवाही से महिला की मौत हुई है।
घरवालों ने मेडिकल अस्पताल में हंगामा कर दिया। परिजनों द्वारा हंगामा करने के बाद मेडिकल थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई। परिजनों के हंगामे की सूचना पर सीसीएसयू के छात्र नेता विनीत चपराणा सहित अन्य छात्र भी पहुंच गए। छात्रों ने कहा कि आए दिन मेडिकल अस्पताल में यही सब होता है। यहां डॉक्टरों की लापरवाही से अक्सर मरीजों की जान चली जाती है तो कभी उनके साथ अमानवीय व्यवहार की तस्वीरें सामने आती हैं। आशा कार्यकत्री प्रीति ने कहा कि मैंने ही महिला को मेडिकल अस्पताल में भर्ती कराया था। महिला से मैंने थोड़ी देर पहले ही पूछा था कि तुम सही हो उसने जबाव दिया कि वो सही है। मैं बिंदिया को छोड़कर इमरजेंसी तक गई हूं, इतने में मेरे पास उनके परिजनों का फोन आया कि महिला की हालत खराब हो गई है। वो बोल नही रही है। मैं तुरंत भागकर उसके पास गई तो पता चला कि महिला मर चुकी थी।
महिला डॉक्टर ने कोई इंजेक्शन लगाया, उसके
बाद ही महिला की हालत बिगड़ी और उसकी मौत हो गई। उसे पहले न कोई ब्लीडिंग था न परेशानी
थी, लेकिन डॉक्टरनी के इंजेक्शन लगाने के बाद ही ये सब हुआ। उसके टांकें खुल रहे थे,
लगातार उनसे ब्लीडिंग हो रही थी, लेकिन डॉक्टरों ने ध्यान नहीं दिया। उसको टांकों में
दर्द था, तब भी डॉक्टरों ने ध्यान नहीं दिया।
एनीमिया की बीमार थी बिंदिया
मेडिकल के उप प्राचार्य ज्ञानेश्वर टॉक का कहना है कि
बिंदिया को एनीमिया की बीमारी थी, उसका खून भी जिला अस्पताल में चढ़ा था, उसके बाद
उसे मेडिकल में रेफर किया गया, यहां उसको दिल के दौरा पड़ने से मौत हो गई।

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