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Wednesday, October 1, 2025

संघ यात्रा

नित्य संदेश।
2 अक्तूबर 2025 
विजया दशमी , गांधी जयंती , वैदिक क्षत्रिय वर्ण का सीमोल्लंघन पर्व और परम पूजनीय डाॅ ० केशव बलिराम हेडगेवार द्वारा रोपित " राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का " एक शतकीय स्थापना दिवस ।
   
यद्यपि मेरी दृष्टि का व्याप, संघ की विकास यात्रा के विविध कोणीय व्याप की समता नहीं कर सकता, तथापि मैने अपनी 60 - 62 वर्षीय संघायु में जितना , जैसा संघ को जाना समझा है , उन अनुभूतियों को साझा कर रहा हूं। संघ पिता को इस प्रथम शतकीय जन्मदिन पर , मुझ कनिष्ठ तम स्वयंसेवक पुत्र का यह शब्दोपहार सादर समर्पित ।

              संघ यात्रा
         *************

शत वर्षों की 
सतत साधना , 
केशव माधव 
की संरचना ।
तिल तिल 
चलती रही निरंतर ,
हिन्दु राष्ट्र की 
सुदृढ सर्जना ।

इस पथ पर 
अगणित बलिदानी ,
राष्ट्र व्योम में 
अस्त हो गए ।
प्रतिरोधी 
उत्तप्त प्रभंजन ,
संघ शक्ति से 
पस्त हो गए ।
वन पर्वत 
और नगर ग्राम में 
रचती , रमती , 
संघ भावना ।
शत वर्षों की ***** 1

रत्नाकर के 
दक्षिण तट से 
हिमगिरि के 
उत्तुंग शिखर तक ।
जगन्नाथ प्रभु के 
चरणों से ,
सोमनाथ के 
रत्नाकर तक ।
जम्बू द्वीप के 
भरत खण्ड में 
अनुगुंजित है .
संघ प्रार्थना । 
शत वर्षों की ****** 2

गर्भकाल से 
चिता ज्वाल तक ,
जीवन के 
क्षण क्षण को थामा ।
व्यक्ति व्यक्ति को
जोड़ , बनाया ,
राष्ट्र देव 
मंदिर अभिरामा ।
इस मंदिर की 
ईंट ईंट से 
मुखरित होती 
राष्ट्र वंदना ।
शत वर्षों की ***** 3

यह समाज ,
इस भरत भूमि का ,
भिन्न भिन्न 
आस्थाओं वाला ।
भिन्न आकृति ,
भाषा भूषा ,
भिन्न भिन्न  
संस्कृतियों वाला ।
हिन्दु मात्र में 
जाग उठी है ,
एक उन्मादी 
राष्ट्र चेतना । 
शत वर्षों की ***** 4

बहुत सहा , 
अपमान धर्म का ,
सुप्त सिंह , 
हुंकार भर रहा ।
अवध पुरी 
मथुरा काशी में 
धर्म द्रोह का
दैत्य डर रहा ।
कोटि कोटि मन 
अब हर्षित हैं , 
हुई सुपूरित 
मनोकामना । 
शत वर्षों की ****** 5

आजीवन 
सेवा वृत ले कर , 
निकल पड़े हैं 
संघ प्रचारक , 
मोह लोभ के 
पाश तोड़ कर ,
चले , राष्ट्र के 
ये उद्धारक ।
द्वार द्वार पर 
कर पसार कर 
देश धर्म की 
करें याचना । 
शत वर्षों की। ****** 6

वैभव ,
परम शिखर 
पर पहुंचा ।
विश्व गगन में 
विजय पताका ।
भगवा ध्वज का 
नभ उत्तोलन , 
मान बढाता 
भारत मां का । 
विश्व विजय का 
लक्ष्य निकट है । 
पस्त पराजित है 
प्रवंचना । 
शत वर्षों की ***** 7 


                     मैं 
            तुच्छ , अकिंचन  
                स्वयंसेवक 
                    जीवन

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