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Monday, September 15, 2025

निबंध लेखन व आशु भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया

नित्य संदेश ब्यूरो 
मेरठ। हिंदी एवं आधुनिक भारतीय भाषा विभाग (चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय मेरठ) और दैनिक भास्कर के संयुक्त तत्वावधान में हिंदी की रोजगारपरकता और तकनीक विषय पर परिचय का आयोजन किया गया, साथ ही निबंध लेखन व आशु भाषण प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया.

डॉक्टर महिपाल वर्मा पुरस्कार का वितरण भी इसी कार्यक्रम में किया गया। कार्यक्रम के अध्यक्ष प्रोफेसर संजीव कुमार शर्मा (संघ का अध्यक्ष कला एवं अध्यक्ष हिंदी एवं आधुनिक भारतीय भाषा विभाग) रहे। कार्यक्रम की मुख्य वक्ता प्रोफेसर प्रज्ञा पाठक (आचार्य स डिग्री कॉलेज मेरठ) रही। कार्यक्रम में निर्णायक मंडल में डॉ आसिफ अली (उर्दू विभाग), डॉक्टर शालू (भूगोल विभाग) और डॉक्टर विवेक सिंह रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्रोफेसर संजीव कुमार शर्मा ने कहा कि अपने दैनिक कार्यों में, बोलचाल में, हस्ताक्षर में हिंदी का प्रयोग करें। हिंदी बोलते समय हीनता की भावना नहीं आनी चाहिए। उच्च शिक्षित व्यक्ति की हिंदी और अल्प शिक्षित व्यक्ति की हिंदी में अंतर होना चाहिए। सोशल मीडिया में हिंदी का प्रयोग करें।

प्रो. प्रज्ञा पाठक ने कहा कि सभी भाषाओं को सीखने पर बल दिया पर रहना। हिंदी को प्राथमिकता पर रखा। अपनी इच्छा से हिंदी विषय में उच्च शिक्षा प्राप्त करने वालों की संख्या बहुत कम है। भाषा की दक्षता रोजगार प्राप्त करने में सहायक है। दो भाषाओं में दक्ष व्यक्ति अनुवाद के क्षेत्र में आसानी से रोजगार प्राप्त कर सकता है। अनुवादक केवल लिखित सामग्री का अनुवाद नहीं करता बल्कि दुभाषिया भी एक अनुवादक होता है जो मौखिक रूप से अनुवाद करता है। राजभाषा प्रकोष्ठ को हिंदी अधिकारी और राजभाषा अधिकारी का रोजगार उपलब्ध है जो हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं का जानने वाला व्यक्ति पा सकता है। हिंदी समाचार पत्रों में संपादक, स्तंभ लेखक, रिपोर्टर,विज्ञापन लेखन का रोजगार हिंदी भाषा में दक्ष व्यक्ति के लिए उपलब्ध है। हिंदी भाषा में दक्षता के लिए किसी व्याकरण को पढ़ने की आवश्यकता नहीं है बल्कि सामान्य रुचि की किताबें पत्र पत्रिकाएं पढ़कर भी हिंदी भाषा में दक्ष हुआ जा सकता है। हिंदी समाचार चैनलों में समाचार वाचक संपादक और रिपोर्टर हो सकते हैं। ‘संगत रास’ एंकर अंजुम शर्मा एक कार्यक्रम है जिसमें एक साहित्यिक व्यक्ति के साथ बातचीत की जाती है। अच्छा शोध करने के लिए पुस्तकालय आवश्यक है। पुस्तकालय एक विद्यार्थी के लिए मंदिर के समान है। 

डॉ विवेक सिंह ने कहा कि प्रतिभागियों को बिंदुवार विषय को विस्तारित करने पर बल दिया। जिससे विषय पर पकड़ बनी रहे।जो अच्छा बोल सकते हैं। Voice over artist की माँग बढ़ी है। हिंदी की रोजगारपरकता और तकनीक पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि हिंदी में रोजगार की बहुत संभावनाएँ है। डॉ० शालू ने कहा कि प्रतिभागियों की भाषा, ज्ञान और विषय पर विस्तृत दृष्टि की प्रशंसा की। 

ईश्वर चंद गंभीर ने कहा मूल आधार पुस्तकों से मिलता है। भाषा कोई भी हो । पढ़नी सारी भाषायें' चाहिये। हर भाषा का सम्मान करना चाहिये । इस विभाग ने हम सभी को कुछ न कुछ जरूर सिखाया है। दैनिक भास्कर से प्रेरणा और ऋषभ अग्रवाल उपस्थित रहे।

डॉ महिपाल वर्मा पुरस्कार जिसमें शांति देवी संघठक महाविद्यालय जेवर के बा प्रथम द्वितीय और तृतीय वर्ष के छात्रों में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली वंदना को ₹10000 और काजल त्यागी को ₹5000 का नगद पुरस्कार प्रदान किया गया हिंदी एवं आधुनिक भारतीय भाषा विभाग चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय मेरठ से रिया सिंह को मां की परीक्षा में प्रथम पुरस्कार ₹10000 और नेहा ठाकुर को द्वितीय पुरस्कार ₹5000 नगद प्रदान किया गया।
आशु भाषण प्रतियोगिता में कुश गिरी गोस्वामी को प्रथम ₹1000, मोहम्मद नदीम को द्वितीय पुरस्कार 750 रुपए, खुशी शर्मा को तृतीय पुरस्कार ₹500, सुहानी राणा को सांत्वना पुरस्कार ढाई सौ रुपए और संध्या को सांत्वना पुरस्कार 250 रुपए प्राप्त हुए निबंध लेखन प्रतियोगिता में राशि पांचाल को प्रथम पुरस्कार ₹1000, आस्था कटारिया को ₹750, विनीता सिंह को तृतीय पुरस्कार ₹500, अपेक्षा और सृष्टि मलिक को सांत्वना पुरस्कार 500 ₹500 पुरस्कार स्वरूप प्रदान किए गए। 

कार्यक्रम का संचालन विभाग की शोधार्थी रेखा सोम ने किया। इस अवसर पर डॉक्टर अंजु, डॉक्टर प्रवीण कटारिया, डॉक्टर यज्ञेश कुमार और विभाग के छात्र-छात्रा में उपस्थित रहे।

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