एक पशुपालन विभाग तो दूसरा व्यक्ति कर रहा सेना में नौकरी, मंडल आयुक्त से शिकायत
नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ। शिक्षा से जुड़ा एक बड़ा फर्जीवाड़ा जिले में उजागर हुआ है। मामला
हाईस्कूल की एक ही अंक तालिका और प्रमाणपत्र का है, जिसका उपयोग दो अलग-अलग
व्यक्तियों ने अलग-अलग सरकारी विभागों में नौकरी पाने के लिए किया। इस गंभीर
प्रकरण की शिकायत मंडल आयुक्त से की गई है।
शिकायतकर्ता अरविंद कुमार निवासी प्रभात नगर सरधना ने आरोप लगाया है कि सनोज कुमार पुत्र
रविन्द्र सिंह निवासी ग्राम बहजादका थाना फलावदा वर्तमान समय में भारतीय
सेना में कार्यरत हैं। उन्होंने वर्ष 1999 में अनुक्रमांक 1892693, जन्मतिथि 11.01.1984, प्राप्तांक 396/600, प्रथम श्रेणी के साथ
सनातन धर्म इंटर कॉलेज कंकरखेड़ा से हाईस्कूल उत्तीर्ण
किया था। वहीं, सचिन कुमार मलिक
(परिवर्तित नाम सनोज कुमार) पुत्र रविन्द्र सिंह निवासी ग्राम पिलौना थाना फलावदा वर्तमान समय में पशुधन
प्रसार अधिकारी, पशुधन सेवा केन्द्र
नागौरी फलावदा के पद पर
कार्यरत हैं। उन्होंने भी नौकरी के लिए ठीक वही विवरण और अंकतालिका का उपयोग किया।
आपसी सहमति से की
अदला-बदली
शिकायत में कहा गया है कि दोनों व्यक्तियों ने आपसी सहमति से मूल अंकतालिका और
डुप्लीकेट प्रति का अदला-बदली करके दो अलग-अलग सरकारी विभागों में नौकरी प्राप्त
की। आरोप है कि सेना में कार्यरत व्यक्ति ने डुप्लीकेट अंक तालिका जमा की, जबकि पशुपालन विभाग में
कार्यरत व्यक्ति ने मूल अंकतालिका प्रस्तुत की।
कागजों के विवरण एक जैसे
दोनों व्यक्तियों के परीक्षा वर्ष, अनुक्रमांक, जन्मतिथि, प्राप्तांक, श्रेणी और विद्यालय सभी
विवरण पूरी तरह एक जैसे हैं। इससे स्पष्ट है कि एक ही प्रमाणपत्र का उपयोग दो अलग-अलग
नौकरियों में किया गया है, जो सीधी-सीधी धोखाधड़ी
और जालसाजी की श्रेणी में आता है।
दोनों के गांव नजदीक
अरविंद कुमार का कहना है कि दोनों आरोपी आपस में नजदीकी गांवों के निवासी हैं
और सरकारी विभागों की आंखों में धूल झोंककर यह अपराध कर रहे हैं। इस कृत्य से न
केवल सरकारी तंत्र को नुकसान हो रहा है, बल्कि समाज में गलत संदेश भी जा रहा
है। उन्होंने अपनी शिकायत
के साथ अंकतालिका व प्रमाणपत्र की छायाप्रति और सचिन कुमार की हाईस्कूल फेल
अंकतालिका व ट्रांसफर सर्टिफिकेट (टीसी) भी सबूत के तौर पर संलग्न किए हैं।
प्रशासन से कार्यवाही
की मांग
शिकायतकर्ता ने मंडल आयुक्त से अनुरोध किया है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष
जांच कराई जाए और दोषियों के विरुद्ध कठोर से कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
उनका कहना है कि यह मामला जनहित, राष्ट्रहित और समाजहित से जुड़ा हुआ है, इसलिए प्रशासन को तत्काल प्रभाव से कदम उठाना चाहिए।
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