नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ। गणेश चतुर्थी के पर्व पर हर-हर महादेव के जयकारे लगाते हुए यात्रियों के साथ बुधवार को पहली बार वाराणसी के लिए वंदे भारत ट्रेन मेरठ से रवाना हुई। यात्री करने वालों में अधिकतर लोग काशी विश्वनाथ और अयोध्या धाम जैसे तीर्थ स्थल पर जाने वाले थे। इसी के साथ यह ट्रेन देश की दूसरी सबसे लंबी दूरी तय करने वाली वंदे भारत बन गई है।
यह ट्रेन अभी तक सिर्फ लखनऊ तक जाती थी। इस दौरान जन प्रतिनिधि और राज्यसभा सदस्य भी यात्रियों को इसके पहले सफर की बधाई और उनका अनुभव जानने पहुंचे। स्टेशन पर पहुंचे राज्यसभा सांसद लक्ष्मीकांत वाजपेई ने कहा कि अगर यह ट्रेन अब भी घाटे में जाती है तो बीच में इसके कुछ स्टॉपेज भी बढ़ाए जाएंगे। क्योंकि यह संभव नहीं है कि कोई सरकार नुकसान में रहकर ट्रेन का संचालन करे। जिला कारागार में तैनात आरके दूबे ने बताया कि मूल रूप से बनारस का रहने वाला हू, आज अपनी माता जी को इस ट्रेन से भेज रहा हूं। पहले जब यह घर जाती थी तो गाजियाबाद या दिल्ली से इन्हें वाराणसी के लिए ट्रेन मिलती थी अब यहीं से जा सकती हैं।
राज्यसभा सांसद ने कहा कि मैं इसमें आज यात्रा करने नहीं बल्कि आज पहली बार वाराणसी और अयोध्या धाम जाने वाले यात्रियों से उनके अनुभव जानने आया हूं। मैं पहला व्यक्ति था जिसने यह मांग उठाई थी कि मेरठ से वाराणसी को सीधे रूप से जोड़ा जाए। इस वंदे भारत ट्रेन में चेयर कार में 440 और एग्जीक्यूटिव श्रेणी में 52 सीटें हैं। वाराणसी तक जाने के बाद यह ट्रेन अब लगभग 11 घंटे 50 मिनट में 783 किमी की दूरी तय करेगी। बुधवार सुबह 9.10 बजे ट्रेन वाराणसी के कैंट स्टेशन से मेरठ के लिए रवाना हुई।
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