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Thursday, August 28, 2025

उत्तम क्षमा का पर्व दूसरों को सुधारने के लिए नहीं, बल्कि स्वयं के परिणाम अच्छे रखने के लिए मनाया जाता है: नंदन शास्त्री


नित्य संदेश ब्यूरो 
मेरठ। महापर्व 10 लक्षण पर्व के प्रथम दिन उत्तम क्षमा का पर्व दिगंबर जैन मंदिर आनंदपुरी में धूमधाम से प्रारंभ हुआ। समवशरण का बहुत सुंदर मांडला बनाया गया, जिसमें आठ भूमि और 12 सभाओं का सुंदर चित्रण किया गया। 

आठ मंगल द्रव्य एवं आठ प्रातिहार्यों की स्थापना की गई, जिसमें श्री महावीर भगवान की मूर्ति सोधर्म इंद्र उमेश जैन सर्राफ द्वारा स्थापित की गई। मंगल कलश की स्थापना डोली जैन द्वारा की गई। उमेश जैन एवं ममता जैन द्वारा ध्वज आरोहण किया गया। तत्पश्चात भगवान श्री शांतिनाथ को पांडुक शिला पर विराजमान कर शांति धारा की गई। उसके पश्चात अर्हम चक्र महामंडल विधान किया गया, जिसमें प्रथम दिन दो पूजाएं की गई। मांडले पर 16 श्रीफल अर्पित किए गए। सायं काल भगवान की आरती की गई। 

प्रवचन करते हुए विद्वान नंदन शास्त्री ने कहा, सभी जीवों को सभी जीवों के साथ मैत्री का भाव रखना चाहिए। किसी भी दुर्जन पर क्रोध नहीं करना चाहिए। गाली सुनकर मन में खेद नहीं होना चाहिए। उत्तम क्षमा का पर्व दूसरों को सुधारने के लिए नहीं, बल्कि स्वयं के परिणाम अच्छे रखने के लिए मनाया जाता है। सामने वाला आपको कितना भी बुरा कहे आप शांत रहेंगे तो यह आपकी उत्तम क्षमा होगी।

उसके पश्चात पुण्य प्रभावना महिला प्रगति मंच द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश किए गए, जिसमें सभी बच्चों, महिलाओं ने बढ़ चढ़कर भाग लिया। इस कार्यक्रम में सुनील जैन प्रवक्ता, अरुण जैन, सत्येंद्र जैन, चैतन्य जैन तथा विनय जैन आदि का विशेष सहयोग रहा। 

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