नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय परिसर स्थित विधि अध्ययन संस्थान में गुरुवार को मूट कोर्ट हाॅल में अनुसंधान योजना की तैयारी विषय पर कार्याशाला का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का शुभारम्भ विधि अध्ययन संस्थान के समन्वयक डा. विवेक कुमार द्वारा माॅ सरस्वती के सम्मुख दीप प्रज्जवलन कर किया गया। कार्यक्रम में डा. विवेक कुमार ने अपने विचार रखते हुये छात्र-छात्राओं को अनुसंधान के मुख्य नियमों को बताते हुये। कहा कि शोध करने कि पहली आवश्यकता यह है कि आप जो भी पठन-पाठन करे उसके संदर्भ को समुचित रूप में अंकित करें तथा डिजीटल वर्ल्ड में उपलब्ध जानकारी को समय कैसे इस्तेमाल करना है इसकी जानकारी प्रदान की। एलएलएम में शोध कि महत्ता को बताते हुये कहा कि शोधार्थियों के लिये यह आवश्यक है कि वह शोध करने से पहले शोध के उचित विषय का चयन करें। विषय का चयन करते समय शोधार्थी अपनी रूचि, ज्ञान, उपलब्ध संसाधनों, विषय कि प्रासंगिकता व नैतिकता जैसी बातों पर विशेष ध्यान रखे।
डा. सुदेशना ने अनुसंधान कि रूप-रेखा विषय पर विस्तृत जानकारी प्रदान की और कहा कि जो अनुसंधान कि रूपरेखा शोध में महत्वपूर्ण पहलू है और शोध कि परियोजना को संचालित करता है।
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