नित्य संदेश ब्यूरो
नोएडा: पावरिंग लाइवली
हुड्स एक स्वतंत्र थिंक टैंक काउंसिल ऑन एनर्जी, एनवायरनमेंट एंड वाटर (सीईईडब्ल्यू)
और विलग्रो की पहल है, जो स्वच्छ तकनीकी नवाचारों के माध्यम से आजीविका को सशक्त बनाने
के लिए प्रतिबद्ध है। इस पहल का लक्ष्य भारत के कृषि और वस्त्र क्षेत्रों में 3.7 करोड़
लोगों की आजीविका को प्रभावित करने वाली तकनीकों को बढ़ावा देना है। इस पहल का उद्देश्य
टिकाऊ, ऊर्जा-कुशल और स्केलेबल प्रौद्योगिकियों के साथ कोल्ड-स्टोरेज स्टार्टअप सहित
विकेन्द्रीकृत नवीकरणीय ऊर्जा (डीआरई) आधारित आजीविका प्रौद्योगिकियों की व्यावसायिक
तैनाती को बढ़ाना है।
स्टार्टअप्स को नवाचार
आधारित तकनीकों के विस्तार में सहायता प्रदान करते हुए और गो-टू-मार्केट पार्टनर्स,
एंड-यूज़र फाइनेंसर्स जैसी संस्थाओं के बीच व्यावसायिक साझेदारियों को प्रोत्साहित
करके, पावरिंग लाइवलीहुड्स ग्रामीण क्षेत्रों में डीआरई (विकेन्द्रीकृत नवीकरणीय ऊर्जा)
आधारित आजीविका तकनीकों के बड़े पैमाने पर अपनाने को बढ़ावा देता है। इन तकनीकों को
व्यापक रूप से अपनाने से स्थायी उच्च आय के अवसरों में वृद्धि, कठिन श्रम में कमी,
बाज़ार तक आसान पहुंच और खाद्य नुकसान में कमी आएगी, जिससे समुदायों को सशक्त बनाया
जा सकेगा। साथ ही, यह पहल लैंगिक समानता और पर्यावरणीय स्थिरता को भी प्रोत्साहित करती
है। कार्यक्रम के अंतर्गत समर्थित कोल्ड-स्टोरेज समाधान, विशेष रूप से उन क्षेत्रों
में जहां खाद्य अपशिष्ट और आपूर्ति श्रृंखला की अक्षमताएं अधिक हैं, फार्म गेट से लेकर
अंतिम खुदरा विक्रेता तक खाद्य नुकसान को रोकने के लिए प्रभावी समाधान प्रदान करते
हैं। जैसे-जैसे वैश्विक स्तर पर खाद्य सुरक्षा और टिकाऊ कृषि प्रथाओं की मांग बढ़ रही
है, ऊर्जा-कुशल और पर्यावरण-अनुकूल कोल्ड स्टोरेज समाधानों की आवश्यकता पहले से कहीं
अधिक महत्वपूर्ण हो गई है। विशेष रूप से जलवायु परिवर्तन और बढ़ते तापमान के कारण,
जो खाद्य नुकसान को और तेज कर रहे हैं, इन समाधानों की मांग बढ़ रही है। कोल्ड स्टोरेज
सिस्टम न केवल कृषि उत्पादों की शेल्फ लाइफ बढ़ाने और बर्बादी को कम करने में मदद करते
हैं, बल्कि यह भी सुनिश्चित करते हैं कि उत्पाद बिना खराब हुए बाज़ार तक पहुंचे। इसके
साथ ही ये किसानों को अत्यधिक उत्पादन के कारण मजबूरी में कम कीमत पर बिक्री या फसल
फेंकने की स्थिति से बचने का प्रभावी समाधान भी प्रदान करते हैं। हालांकि, कई क्षेत्रों
में मौजूदा कोल्ड स्टोरेज ढांचा या तो सीमित है या पुराना, जो अक्सर पारंपरिक, ऊर्जा-गहन
तकनीकों पर निर्भर करता है और इससे जलवायु परिवर्तन की समस्या और गंभीर हो जाती है।
पावरिंग लाइवलीहुड्स पहल
के प्रमुख फोकस क्षेत्र:
• स्टार्टअप्स को समर्थन देकर व्यावसायिक विस्तार:
यह पहल स्टार्टअप्स के विकास को गति देने के लिए अनुकूलित सहायता, रणनीतिक मार्गदर्शन
और आवश्यक संसाधन प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि वे बाज़ार में प्रभावी रूप
से अपने संचालन का विस्तार कर सकें।
• मांग सृजन के माध्यम से जागरूकता बढ़ाना: यह
पहल लक्षित जागरूकता अभियानों पर केंद्रित है, जो नवाचार आधारित उत्पादों और सेवाओं
की मांग बढ़ाने, उपभोक्ताओं को शिक्षित करने और बाज़ार में उनकी भागीदारी को प्रोत्साहित
करने के लिए तैयार किए गए हैं।
• वित्तीय समाधान देकर अफोर्डेबिलिटी सुनिश्चित
करना: यह पहल लचीले और सुलभ वित्तीय विकल्पों की पेशकश के माध्यम से उत्पादों और सेवाओं
को किफायती बनाने पर जोर देती है, ताकि उपभोक्ता और व्यवसाय आर्थिक बोझ के बिना आवश्यक
संसाधनों तक पहुंच प्राप्त कर सकें।
• चैनल साझेदारियों के माध्यम से पहुंच बढ़ाना:
रणनीतिक साझेदारियों को बढ़ावा देकर, यह पहल उत्पादों और सेवाओं की व्यापक उपलब्धता
सुनिश्चित करती है, जिससे वे विविध और विश्वसनीय वितरण नेटवर्क के माध्यम से अधिक से
अधिक लोगों तक पहुंच सकें।
कोल्ड स्टोरेज क्षेत्र
में क्रांतिकारी समाधान:
पावरिंग लाइवलीहुड्स पहल
कई प्रमुख स्टार्टअप्स को उजागर करती है, जो अपने टिकाऊ और नवाचारी समाधानों के माध्यम
से कोल्ड स्टोरेज क्षेत्र में क्रांति ला रहे हैं:
• रूकार्ट - सब्जी-कूलर (कोल्ड स्टोरेज): वाष्पीकरणीय
शीतलन (इवापोरेटिंग कूलिंग) तकनीक पर आधारित रूकार्ट का सब्जी-कूलर पत्तेदार सब्जियों
और फलों की शेल्फ लाइफ को 2 से 7 दिनों तक बढ़ाने के लिए डिज़ाइन किया गया है। खुदरा
विक्रेताओं के लिए उपयुक्त, यह कूलर बिना किसी रसायन के उत्पादों को संरक्षित करता
है, जिससे खराब होने के कारण होने वाले आय के नुकसान को रोका जा सकता है। इसके अतिरिक्त,
यह परिपक्वता कक्ष (राईपनिंग चेंबर) के रूप में भी कार्य करता है, जिससे इसकी उपयोगिता
और बढ़ जाती है।
• टेम्परेट - मल्टी-कमोडिटी कोल्ड स्टोरेज: टेम्परेट
अपनी ऊर्जा-संवर्धित और किफायती कोल्ड स्टोरेज तकनीक के जरिए भारत के कोल्ड चेन इंफ्रास्ट्रक्चर
की कमी को दूर करने का प्रयास कर रहा है। यह पारंपरिक रेफ्रिजरेशन सिस्टम की तुलना
में 80% कम बिजली की खपत करता है और फलों व सब्जियों के लिए आदर्श भंडारण परिस्थितियाँ
बनाए रखता है, जिससे उनकी शेल्फ लाइफ बढ़ती है और बर्बादी में कमी आती है।
• कूलक्रॉप - सोलर-पावर्ड फार्म-गेट कोल्ड स्टोरेज:
कूलक्रॉप सौर ऊर्जा से संचालित ऊर्जा-कुशल, पोर्टेबल और मॉड्यूलर कोल्ड स्टोरेज यूनिट्स
प्रदान करता है। फार्म-गेट उपयोग के लिए डिज़ाइन किए गए ये यूनिट्स किसानों, सहकारी
समितियों और उद्यमियों को किफायती और टिकाऊ भंडारण सुविधा उपलब्ध कराते हैं, जिससे
वे अपने उत्पादों को सुरक्षित रख सकें और प्रेडिक्टिव एनालिटिक्स की मदद से बेहतर बाज़ार
निर्णय ले सकें।
• न्यूलीफ - बायोमास-आधारित रेफ्रिजरेशन सिस्टम:
न्यूलीफ की पेटेंटेड रेफ्रिजरेशन तकनीक खेत के अपशिष्ट से ऊर्जा प्राप्त कर संचालित
होती है, जो पारंपरिक कोल्ड स्टोरेज का एक पर्यावरण-सम्मत और टिकाऊ विकल्प प्रदान करती
है। यह प्रणाली बहुउद्देशीय है और कोल्ड स्टोरेज, प्री-कूलिंग, परिपक्वता (राइपनिंग)
और मशरूम की खेती के लिए उपयुक्त है। यह किसानों को उनके उत्पादों की शेल्फ लाइफ बढ़ाने
और बेहतर कीमतों पर बिक्री सुनिश्चित करने में मदद करती है।
• सप्तकृषि - सब्जीकोठी (ठेले विक्रेताओं के
लिए सब्जी भंडारण): सब्जीकोठी इवापोरेटिव कूलिंग तकनीक पर आधारित एक किफायती, हल्का
और स्थान-कुशल कूलिंग बॉक्स है, जो ठेला विक्रेताओं को उनके उत्पादों को लंबे समय तक
ताजा बनाए रखते हुए बेचने में मदद करता है। यह कूलिंग बॉक्स एंटी -पैथोजेन कोटिंग से
लैस है, जिससे फल और सब्जियां लगभग 2 सप्ताह तक ताजा बनी रहती हैं। इसके उपयोग से ठेला
विक्रेता थोक विक्रेताओं से बड़ी मात्रा में उत्पाद खरीद सकते हैं और बेहतर सौदेबाजी
भी कर सकते हैं।
जैसे-जैसे रूकार्ट, टेम्परेट,
न्यूलीफ, कूलक्रॉप और सप्तकृषि जैसे कोल्ड-स्टोरेज स्टार्टअप्स लगातार नवाचार कर रहे
हैं, वे एक अधिक टिकाऊ और कुशल कोल्ड चेन प्रणाली के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा
रहे हैं। यह कार्यक्रम विश्वास करता है कि तकनीकी प्रदाताओं, गो-टू-मार्केट पार्टनर्स
और एंड-यूज़र फाइनेंसर्स के बीच स्थापित साझेदारियां एक स्वतंत्र और आत्मनिर्भर पारिस्थितिकी
तंत्र (इको सिस्टम) का निर्माण करेंगी। इसके परिणामस्वरूप, भविष्य में ऐसी और भी साझेदारियां
विकसित होंगी, जो पीएल जैसे कार्यक्रमों के समर्थन के बिना भी निरंतर आगे बढ़ती रहेंगी।
नवीकरणीय ऊर्जा, कम ऊर्जा
खपत वाली तकनीकों और पर्यावरण अनुकूल समाधानों का उपयोग करके, ये स्टार्टअप खाद्य अपशिष्ट
में कमी और स्थिरता से जुड़ी दोहरी चुनौतियों का समाधान कर रहे हैं। पावरिंग लाइवलीहुड्स
कार्यक्रम के सहयोग से, ऐसे उपयोग मामलों के प्रमाण उत्पन्न किए जा रहे हैं, जहाँ इन
तकनीकों की वाणिज्यिक व्यवहार्यता सिद्ध हो रही है। यह पहल पारिस्थितिकी तंत्र के प्रमुख
भागीदारों, जैसे बाज़ार वितरकों, वित्तीय संस्थानों और सरकारी निकायों के साथ-साथ किसानों,
सूक्ष्म उद्यमियों और खाद्य उत्पादन कंपनियों जैसे अंतिम उपभोक्ताओं को टिकाऊ कोल्ड
स्टोरेज तकनीकों को आत्मविश्वास के साथ अपनाने में सहायक सिद्ध हो रही है।

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