डॉ. मनीष गुच के अनुसार मधुमेह से पीड़ित लोगों में अक्सर कम उम्र में ही हृदय संबंधी समस्याएं विकसित हो जाती हैं। दोनों स्थितियों को एक साथ मैनेज करना एक मुश्किल लेकिन जरुरी भी है इसलिए इस तरह के मरीजों पर हम ज्यादा ध्यान देते है। डॉ. मनीष गुच कहते हैं, मधुमेह और हृदय रोग का एक साथ इलाज करने के लिए विभिन्न विशेषज्ञों- हृदय रोग विशेषज्ञों, एंडोक्रिनोलॉजिस्ट और यहाँ तक कि आहार विशेषज्ञों के बीच कोआर्डिनेशन की आवश्यकता होती है। एक साथ काम करके, हम यह सुनिश्चित कर सकते हैं कि ब्लड वेसल, बीपी और कोलेस्ट्रॉल के लेवल एक साथ मैनेज हों सकें जिससे हृदय से संबंधीटी जटिलताओं का जोखिम कम हो। डॉ. गुच आगे बताते हैं कि जितनी जल्दी लोग अपने जोखिम के कारणों को समझते हैं और उसके लिए सही कदम उठाते हैं, उनके स्वास्थ्य को मैनेज करने और गंभीर परिणामों से बचने की संभावना उतनी ही बेहतर होती जाती है।
डॉ. मनीष गुच बताते हैं कि व्यायाम ब्लड वेसल को नियंत्रित करने और हृदय रोग के जोखिम को कम करने के लिए जरुरी है। नियमित रूप से टहलना या समूह फिटनेस एक्टीविट्ज में भाग लेने जैसे छोटे-छोटे कदम भी आपके स्वास्थ को बेहतर कर सकते है। रोगियों की भावनात्मक और मानसिक स्वास्थ को बेहतर करने के लिए हम ट्रीटमेंट प्रोजेक्ट में स्ट्रेस मैनेजमेंट को भी जोड़ रहे है। डॉ. गुच के अनुसार दवा, जीवनशैली में बदलाव, तनाव प्रबंधन और नियमित निगरानी से मरीज एक स्वस्थ जीवन जी सकता हैं और गंभीर जोखिमों को काफी कम कर सकता हैं। मेदांता लखनऊ की टीम मरीजों को इस सभी खतरों से बचाने और बेहतर स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।

No comments:
Post a Comment