डा. अभिषेक डबास
नित्य संदेश, नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय
शिक्षा शिखर सम्मेलन-2024 का उद्घाटन मोल्दोवा के शिक्षा और
अनुसंधान मंत्री डैन पर्सियुन और शोभित विश्वविद्यालय के कुलाधिपति एवं एसोचैम
राष्ट्रीय शिक्षा परिषद के अध्यक्ष कुँवर शेखर विजेंद्र द्वारा किया गया। यह शिखर
सम्मेलन, जिसे एजुकेशन वर्ल्ड वाइड इंडिया द्वारा आयोजित किया गया है, नई दिल्ली में आयोजित किया गया और इसका उद्देश्य शिक्षा और
नवाचार में वैश्विक सहयोग को बढ़ावा देना है।
सभा
को संबोधित करते हुए डैन पर्सियुन ने शिक्षा में
अंतरराष्ट्रीय साझेदारी के महत्व को रेखांकित किया और कहा, “शिक्षा सतत विकास और वैश्विक सद्भाव का आधार है। इस प्रकार
के मंच उज्जवल और एकजुट भविष्य के निर्माण का मार्ग प्रशस्त करते हैं।” कुँवर शेखर विजेंद्र ने अपने भाषण में भारत की समृद्ध
शैक्षिक विरासत और तकनीक एवं नवाचार के साथ शिक्षा को जोड़ने के प्रयासों को
रेखांकित किया। उन्होंने कहा, “तेजी से बदलते विश्व में, शिक्षा को सीमाओं से परे होना चाहिए। यह शिखर सम्मेलन
युवाओं को ज्ञान और कौशल के साथ सशक्त बनाने की हमारी साझा दृष्टि का प्रमाण है।” इस कार्यक्रम में मोल्दोवा की भारत में राजदूत एना तबान की
गरिमामयी उपस्थिति रही, जिन्होंने शिक्षा और अनुसंधान में
भारत-मोल्दोवा के संबंधों को मजबूत करने के लिए इस शिखर सम्मेलन के प्रयासों की
सराहना की।
यह
शिखर सम्मेलन विभिन्न देशों के प्रमुख शिक्षाविदों,
नीति निर्माताओं और नेताओं को
आकर्षित कर रहा है और इसमें निम्नलिखित प्रमुख विषयों पर संवाद का एक सक्रिय मंच
प्रदान किया गया है:
• छात्र गतिशीलता और विनिमय कार्यक्रम
• कृत्रिम बुद्धिमत्ता, नवीकरणीय ऊर्जा और जैव
प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में अनुसंधान सहयोग
• वैश्विक शिक्षा को फिर से आकार देने में एडटेक की भूमिका
• योग्यता और कौशल विकास की पारस्परिक मान्यता
यह
कार्यक्रम भारत और मोल्दोवा के शैक्षिक संबंधों में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है, जिसमें दोनों देश उच्च शिक्षा और सांस्कृतिक आदान-प्रदान
में गहरी साझेदारी के अवसर तलाश रहे हैं।

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