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Monday, November 11, 2024

गन्ना किसानों के पिछले पेराई सत्र वर्ष 2023-24 का बकाया भुगतान तुरंत मय ब्याज कराया जाए: अंकुश चौधरी



गन्ने का ख़रीद मूल्य 550 रुपया प्रति क्विंटल तत्काल घोषित किया जाए: अंकुश चौधरी 

आम आदमी पार्टी के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने दिया जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम ज्ञापन

नित्य संदेश ब्यूरो 
मेरठ। जिला अध्यक्ष अंकुश चौधरी ने मांग पत्र के माध्यम से मांग की कि प्रदेश में गन्ना किसानों के साथ लगातार अन्याय हो रहा हैं, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में गन्ने की फ़सल बहुतायत में उगायी जाती है और इस क्षेत्र को गन्ना बेल्ट के रूप मे जाना जाता है, लेकिन बड़ी विडंबना है कि प्रत्येक वर्ष गन्ना किसानों को ना तो गन्ने का उचित मूल्य ही मिलता है और ना ही चीनी मिलों द्वारा समय से किसानों का भुगतान ही किया जाता है। 

बताया कि प्रत्येक वर्ष की भाँति इस वर्ष भी चीनी मीलों पर गन्ना किसानों का पिछली पेराई सत्र वर्ष 2023-24 का करोड़ो रुपया अभी तक बकाया है, जबकि नया गन्ना पेराई सत्र शुरू हुए महीनो हो गए हैं, अति दुख का विषय है कि किसानो को समय से गन्ने का भुगतान न होने के कारण काफ़ी समस्याओं का सामना करना पड़ता है, बेटी की शादी हो या बीमारी की दशा में या अन्य पारवारिक जरूरतों को पूरा करने के लिए किसानों को बड़ी समस्या का सामना करना पड़ता है। गन्ना सत्र शुरू हो गया है लेकिन अभी तक सरकार द्वारा न तो गन्ने का मूल्य (एसएपी ) घोषित किया जब की प्रदेश का किसान उम्मीद कर रहा था कि अक्टूबर में पेराई सत्र की शुरुआत से पहले ही एसएपी की घोषणा की जाएगी। लेकिन अब जब आधा नवंबर भी बीतने को है और गन्ना किसानों को अभी भी नहीं पता है कि उनकी फसल के लिए मिलों से क्या कीमत मिलेगी।

प्रदेश में जब से योगी आदित्यनाथ आपके नेतृत्व वाली भारतीय जनता पार्टी सरकार सत्ता में आई है, तब से उत्तर प्रदेश में गन्ने की कीमत केवल 35 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ी है, जो कि पूर्ववर्ती सरकारों के कार्यकाल के दौरान बढ़ाई गई कीमत से काफी कम है। इसके बावजूद सरकार द्वारा अभी तक गन्ने का रेट ही तय नहीं किया गया है और न ही इस सत्र मे गन्ना किसानों को समय से गन्ना भुगतान किये जाने का भरोसा ही दिया गया है, किसान जी तोड़ मेहनत से भयंकर गर्मी, सर्द अँधेरी रातों में जंगली जानवरों के ख़तरे के बावजूद अपनी जान जोखिम में डालकर अपनी फ़सल तैयार करता है और जब फ़सल को बेचने के लिए चीनी मिलों पर जाता है तो उसे नहीं पता होता है कि उसकी खून पसीने से तैयार की गई फ़सल की कितनी क़ीमत मिलेगी और कब मिलेगी। आज के समय में जब देश मे प्रधानमंत्री द्वारा डिजिटल इंडिया का नारा दिया जा रहा है तो गन्ना किसानों के लिए मिलों द्वारा नगद व उचित भुगतान न दिया जाना गन्ना किसानों के प्रति घोर अन्याय है। 

आम आदमी पार्टी की तीन मांग:-
1. प्रदेश के गन्ना किसानों के पिछले पेराई सत्र वर्ष 2023-24 का बकाया भुगतान तुरंत मय ब्याज कराया जाय।
2. इस पेराई सत्र 2024-25 के लिए गन्ने का ख़रीद मूल्य 550 रुपया प्रति क्विंटल तत्काल घोषित किया जाए।
3. पेराई सत्र 2024-25 से गन्ना किसानों को तुरंत मिल पर गन्ना डालने के 24 घंटे के अंदर ऑनलाइन भुगतान की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

ये रहे मौजूद 
आज प्रतिनिधि मंडल में जिलाध्यक्ष अंकुश चौधरी के साथ महानगर अध्यक्ष अंकित गिरी, जिला उपाध्यक्ष हबीब अंसारी, जिला संरक्षक एसके शर्मा, जिला वरिष्ठ उपाध्यक्ष अनिल राघव, किसान प्रकोष्ठ जिला अध्यक्ष फुरकान त्यागी, जिला मीडिया प्रभारी हर्ष वशिष्ठ, किठौर विधानसभा अध्यक्ष राहुल भाटीपुरा, कैंट विधानसभा अध्यक्ष भरत लाल यादव, जिला सचिव वैभव मलिक, जिला सचिव रॉबिन चौधरी, अंकुर आदि मुख्य रूप से मौजूद रहे।



 

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