नित्य संदेश डेस्क।
क्या हुआ मीना क्यूं उदास है?
क्या कहूं शीला रोज की दिनचर्या से उकता गई हूं।
वही घर वही बच्चे वही रोज का काम काज कितने सपने थे शादी के बाद पति के घर जाऊंगी खुद के पैरों पर खड़े होऊंगी। दुनिया को कुछ कर दिखाऊंगी, सब सपने, सपने ही रह गए, ऐसा लगता है जीवन की खुशी भी जाती रही।
कैसी बाते कर रही हो मीना तू चल मेरे साथ तुझे मेरी सखियों से मिलती हूं। तुझे उनसे मिलकर अच्छा लगेगा। हम अक्सर मिलते हैं, पार्टी करते है और खूब मजे करते है। सबको अपना-अपना हुनर दिखाने का मौका भी मिल जाता है कोई पाक कला में निपुण है, कोई गार्डनिंग कोई गाता अच्छा है। तू चल मेरे साथ सब अपने से है।
मीना खुश होकर मैं जरूर चलूंगी।
इनसे मिलो मीना ये प्रेरणा है जैसा इनका नाम है वैसा इनका काम है यह कई महिलाओं को मंच प्रदान करती है। उनकी खूबियों को निखारती है उन्हें नौकरी व प्रशिक्षण देती है। आत्मनिर्भर बनाती है यह तुम्हारी भी मदद करेगी।
प्रेरणा अरे शीला इतनी भी तारीफ न करो। मैं तो जो बन पड़ता है वो कर देती हूं।
मीना तुम्हारी रुचि क्या है? मुझे एक्टिंग का बेहद शौक था स्कूल समय में अक्सर ड्रामा में भाग लिया करती थी।
अरे वाह! तुम तो आने वाले समय की सुपर स्टार हो मेरे कई परिचित है जो फोटोशूट करते है। तुम कहो तो तुम्हारा पोर्टफोलियो बनवा दूं। मेरे पास कई सीरियल के किरदार के लिए ऑफर आते है कही भी तुम्हे फिट कर देंगे।
मीना खुशी से वाह ये तो मेरी बरसों की तमन्ना है। प्रेरणा तुम्हारे पति क्या करते है?
मीना उनका व्यवसाय है कपड़ो का फेमस दुकान है उनकी। प्रेरणा फिर तो तुम्हे पैसों की दिक्कत भी नहीं है पोर्टफोलियो के लिए ढेड़ लाख रुपए ले आना में सब तैयारी कर दूंगी। मीना जरूर ले आऊंगी।
शूट के दिन
प्रेरणा, मीना तुम बहुत सुंदर लग रही हो सारी तैयारी हो चुकी है इससे पहले हम काम में व्यस्त हो जाए कुछ नाश्ता कर लेते है। नाश्ता करते ही प्रेरणा मुझे चक्कर आ रहे है कुछ बैचैनी सी हो रही है कहते-कहते ही मीना बेहोश हो जाती है उसके साथ वो होता है जिसकी उसने कभी कल्पना ही नहीं की थी और जब होश आता है।
मीना क्या हुआ था मुझे प्रेरणा हंसते हुए यह रहा तुम्हारे फोटो। इन्हें अच्छे से देख लो और दो दिन में पांच लाख रुपए हमारे पास आ जाना चाहिए। किसी को बताने की कोशिश की तो तुम्हारे पति को बता देंगे। तुम्हारा काम धंधा सब बंद करा देंगे। मेरे साथियों की नज़र तुम पर रहेगी। पुलिस में गई तो तुम खुद समझदार हो।
मीना डरी सहमी सी घर आ जाती है। अब खुद को कोसने के सिवाय उसके पास कोई रास्ता नहीं बचता।
इस सत्य घटना से आज हर महिला और लड़कियों को जागरूक होने की जरूरत है। लोग डर का सौदा करते हैं। प्रेरणा जैसी कई महिलाएं शेर की खाल में भेड़िए के समान समाज में घूम रही है। जो आपकी भावनाओं आपके सपने आपकी मासूमियत से खेलती है। ऐसी किसी भी महिला के बहकावे मे ना आए। जो आ गए है वह कोई भी गलत कदम न उठाए जीवन रहा तो सब ठीक किया जा सकता है। हिम्मत करें। ऐसी महिलाएं आपके डर से जीतती है डरे नहीं सामना करे।
उम्मीद करती हूं आप सब सतर्क रहेंगे। इस सत्य घटनाक्रम के माध्यम से उन समस्त महिलाओं और नन्ही बालिकाओं से प्रार्थना है हमेंशा जागरूक रहे। हर स्थिति से घरवालों को वाकिफ करवाएगी। आपके परिवार के लिए पहले आप जरूरी है।
लेखिका
अर्चना राजवाल
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