Breaking

Your Ads Here

Thursday, September 12, 2024

हेल्थ गेम्स का उपयोग विनाशक हथियार के रूप में कर रहे आतंकवादी: प्रोफेसर शैलेंद्र वाजपेई


मितेंद्र कुमार गुप्ता
नित्य संदेश, मेरठ। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय में गणित विभाग और डीआरडीओ द्वारा आयोजित पांच दिवसीय कार्यशाला के तीसरे दिन का आयोजन गणित विभाग के रामानुजन सभागार में किया गया। 

कार्यक्रम के प्रथम सत्र के मुख्य वक्ता मोतीलाल नेहरू, नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी इलाहाबाद प्रयागराज उत्तर प्रदेश के प्रोफेसर पीतम सिंह रहे। इन्होंने क्वाड्रेचर फज्जी नंबर क्वाड्रेच्योर फजी नंबर इनट्यूशनिस्टिक फज्ज़ी सेट और उसके रैंकिंग एंड एक्यूरेसी फंक्शंस के बारे में विस्तार पूर्वक वर्णन किया तथा यह भी बताया कि स्कोर फंक्शंस को किस प्रकार से डेवलप किया जा सकता है. विभिन्न प्रकार के फजी एक्सटेंशंस के लिए इन्होंने फजी ऑप्शन समस्याओं से निपटने के लिए फजी हार्मोनिक तकनीक प्रस्तुत की। कार्यक्रम के दूसरे सत्र के मुख्य वक्ता नेशनल इंस्टीट्यूट आफ टेक्नोलॉजी जालंधर के रसायन विभाग के प्रोफेसर शैलेंद्र वाजपेई रहे। इन्होंने हमें बताया कि आतंकवादियों द्वारा हेल्थ गेम्स का उपयोग विनाशक हथियार के रूप में किया जाने के कारण आतंकवादियों द्वारा हमले का पूरा खतरा बना रहता है, इन्होंने यह भी बताया कि हम किस प्रकार फजी लॉजिक की अवधारणाओं का उपयोग करके खतरे का अधिक कुशलता से पूर्वानुमान लगा सकते हैं। कार्यक्रम के तीसरे सत्र के मुख्य वक्ता ट्रिपल आईटी इलाहाबाद के प्रोफेसर कृष्ण प्रताप सिंह रहे इन्होंने मशीन लर्निंग के महत्व पर प्रकाश डाला और इन्होंने मशीन लर्निंग और डीप लर्निंग की तुलना को भी बताया उन्होंने बताया कि जेनरेटिव आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस किस तरह से काम करता है तथा यह कितना शक्तिशाली संयंत्र है इन्होंने सेफ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बारे में भी अत्यधिक महत्वपूर्ण जानकारी दी। तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का विभिन्न क्षेत्रों में उपयोग के बारे में भी बताया। 
कार्यक्रम के चौथे सत्र के मुख्य वक्ता बात नेशनल इंस्टीट्यूट आफ टेक्नोलॉजी जालंधर के डॉक्टर अनुपम यादव रहे। इन्होंने सबसे पहले ऑप्टिमाइजेशन अप्रोच के बारे में बताया तथा इन्होंने विभिन्न एल्गोरिथम जैसे इवोल्यूशनरी एल्गोरिथम स्वार्म इंटेलिजेंस एल्गोरिथम के बारे में भी विस्तार पूर्वक बताया उन्होंने प्रकृति से प्रेरित अनुकूल आर्टिफिशियल इलेक्ट्रिकल फील्ड एल्गोरिथम को स्टेप बाय स्टेप विस्तार पूर्वक समझाया। तथा आर्टिफिशियल इलेक्ट्रिकल फील्ड एल्गोरिथम की एप्लीकेशंस पर भी चर्चा की। इन्होंने अपनी एल्गोरिथम को एक्सपेरिमेंट का नेचुरल इमेज के जरिए से भी समझाया तथा कुछ कुछ प्राकृतिक चित्रों पर प्रयोग करके अपनी एल्गोरिथम को विस्तार पूर्वक समझाया। 

कार्यक्रम के पांचवें सत्र के मुख्य वक्ता नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी दुर्गापुर के प्रोफेसर समरजीत कर रहे इसमें इन्होंने डिसीजन मेकिंग , मल्टी क्राइटेरिया मल्टी अटरीब्यूट डिसीजन मेकिंग तथा मल्टी ऑब्जेक्टिव डिसीजन मेकिंग के बारे में विस्तार पूर्वक समझाया इसमें इन्होंने बताया कि हम किस प्रकार से बहुत से विकल्पों में से सबसे उत्तम विकल्प को मल्टी क्राइटेरिया की मदद से प्राप्त कर सकते हैं तथा इन्होंने मैटेरियलिस्टिक और ह्यूरिस्टिक के बारे में बताया। इन्होंने सॉल्यूशंस के विभिन्न प्रकार जैसे की फिजिकल सॉल्यूशन नॉन फीजिबल सॉल्यूशन ऑप्टिमल सॉल्यूशन और नियर टू ऑप्टिमल सॉल्यूशंस के बारे में बताया उन्होंने यह भी बताया कि हम ममेटा ह्यूरिस्टिक्स की मदद से कभी भी ऑप्टिमल सॉल्यूशन प्राप्त नहीं कर सकते तथा इन्होंने मेटा ह्यूरिस्टिक्स के लाभ और हानि के बारे में भी अवगत कराया। इन्होंने सिंगल ऑब्जेक्टिव तथा मल्टी ऑब्जेक्टिव ऑप्टिमाइजेशन को वास्तविक जीवन के उदाहरण द्वारा विस्तार पूर्वक समझाया। 

कर्यक्रम का संचालन डॉक्टर संदीप कुमार ने किया। कार्यक्रम के चेयरपर्सन विभाग की प्रो मुकेश शर्मा तथा डॉक्टर सरू कुमारी ने किया। कार्यक्रम में कुछ प्रतिभागी ऑनलाइन माध्यम से तथा कुछ ऑफलाइन माध्यम से उपस्थित रहे।

No comments:

Post a Comment

Your Ads Here

Your Ads Here