इंस्पेक्टर
ने कहा, दो पक्षों का आपसी विवाद, परिजनों ने पुलिस पर उठाए सवाल
वसीम अहमद
नित्य
संदेश, किठौर। जनपद के अधिकांश थानों में इन
दिनों दलालों की चांदी है, फरियादी बेहाल होते हुए नजर आ रहे
हैं, जहां पर फरियादियों को अपनी बात पुलिस से कहने के लिए
दलालों के पास से होकर गुजरना पड़ता है। शासन के फरमान के बाद भी पुलिस और
फरियादियों के बीच का रिश्ता सुधरने का नाम नहीं ले रहा है। जिसके कारण फरियादी
पुलिस के पास जाने से भी कतराते हैं, जिसका बेजा फायदा थाने
में सक्रिय दलाल उठाते हैं, जो कि फरियादियों का काम कराने
के एवज में पुलिस के नाम पर मोटी रकम वसूलते हैं, जिसमें
साहब भी खुश और दलाल भी मालामाल हो रहे हैं। क्योंकि थाने में कुछ दलाल अपनी गहरी
पैठ बना बैठे हैं।
क्षेत्रिय लोगों का कहना है थानाध्यक्ष कोई भी रहे, उनके संबंध हमेशा से ही मधुर रहते हैं। रहे भी क्यो ना, जब दलाल साहब
को मोटी रकम दिलाते हैं, जिसका प्रतिफल उन्हें भी मिल ही
जाता होगा। ताज़ा मामला थाना किठौर का प्रकाश में आया है, जहां पर किठौर
के शाहजहमाल निवासी सुहेल पुत्र सलीम व सद्दाम पुत्र अहशान के बीच किसी बात को
लेकर झगड़ा हुआ था, जिसमें किठौर थाना पुलिस मौके पर पहुंची
और दोनों पक्षों को लेकर थाने आ गई थी, जहां से कुछ ही देर
बाद छुठ भैया नेता की सेटिंग हो गई और पुलिस ने दोनों पक्षों को थाने से रिहा कर
दिया था। उसके बाद छुटभैय्या नेता ने पीड़ित सद्दाम से पुलिस के नाम पर दस हजार
रुपये ठग लिए। पीड़ित ने बताया कि फैसले के नाम पर जावेद नाम के एक व्यक्ति, जो कि खुद को बीजेपी का नेता बताता है ने हमसे दस हजार रुपये लिए थे। कहा
था कि अब पुलिस तुम्हे परेशान नही करेगी। हालांकि यह स्पष्ट नही है कि पीड़ित से लिए गए पैसे पुलिस को गए है या नही। इस घटना का भंडाफोड़ तब हुआ जब पीड़ित के
खिलाफ ही पुलिस ने कार्यवाही करने की तैयारी कर दी और सद्दाम पुलिस के संपर्क में
आया, जिसके बाद पता चला कि पीड़ित द्वारा दिए गए पैसे पुलिस
या प्रतिवादी के पास तक नहीं पहुंचे हैं, आनन फानन में पुलिस
ने पीड़ित को ही डरा धमकाकर उसका शांति भंग में चालान कर दिया।
पीड़ित परिजनों का आरोप है कि पैसे भी हम ही दे और जेल भी जाए तथा जिन्होंने
पैसे लिए वह खुली हवा में घूम रहे हैं। कहीं ना कहीं पीड़ित परिजनों द्वारा लगाए
गए आरोपों से ऐसा प्रतीत होता है कि पुलिस अधिकारी भी इस प्रकरण में सामिल है। इस
घटना से क्षेत्र व किठौर कोतवाली का माहौल गर्मा गया है। क्योंकि पिछले कुछ दिनों
से लगातार पुलिस पर लग रहे दलाली और भ्रष्टाचारी के आरोप कानून के रखवालो के प्रति
जनता के विश्वास को कमजोर कर रहे हैं।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि कुछ पुलिसकर्मी और थाने के अधिकारी रिश्वत लेकर
अपराधियों को बचाते हैं और आम जनता की समस्याओं को नजरअंदाज कर रहे हैं, जिसके कारण
अपराधियों के खिलाफ होने वाली कार्रवाई धीमी हो गई है और पीड़ित न्याय पाने के लिए
भटकने को मजबूर है। इस स्थिति को लेकर क्षेत्रीय जनता और अधिकारिक संस्थाओं ने
गंभीर चिंता जताते हुए आरोपियों के खिलाफ आलाधिकारियों को कठोर कार्रवाई करने की
मांग की है। जनता ने भी थाने में हो रहे भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाई है और एक
पारदर्शी और प्रभावी प्रणाली की मांग की है, जिससे कि कानून
और व्यवस्था को बहाल किया जा सके और गरीब जनता को दलालों के चंगुल से बचाते हुए
उन्हें न्याय मिल सके।
ये
कहना है इंस्पेक्टर
इस मामले में इन्स्पेक्टर किठौर बृजेश पांडे का कहना है कि दो पक्षों में दस
हजार रुपए को लेकर विवाद था। जिसके पैसे थे उसको दिलवा दिए गए हैं। कानून का
उल्लंघन करने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर न्यायालय में पेश किया गया है।

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