नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ। आनंदपुरी स्थित दिगंबर जैन मंदिर में आज 10 लक्षण पर्व धूमधाम से मनाया गया, सर्वप्रथम भगवान को पांडुकशिला पर विराजमान करके अभिषेक किया गया। इसके उपरांत भगवान पर शांति धारा की गई। शांति धारा का सौभाग्य चैतन्य जैन, सुधीर जैन, अंशुल और गौरव जैन को प्राप्त हुआ।
इसके बाद 10 लक्षण पर्व के विशेष अवसर पर तीसरे दिन देव शास्त्र गुरु, पंचमेरू, सोलह कारण की पूजा की गई। तत्पश्चात विश्व शांति महामंडल किया गया, जिसमें 400 अर्घ मांडले पर चढ़ाए गए। संगीतकार ऋषभ एंड पार्टी द्वारा लयबद्ध तरीके से पूजा कराई गई। शाम को सामूहिक आरती की गई। आज उत्तम आर्जव का दिन है। पंडित श्री नंदन ने बताया, क्षमा और मार्दव के समान ही आर्जव भी आत्मा का स्वभाव है। आर्जवस्वभावी आत्मा के आश्रय से आत्मा में छल-कपट मायाचार के अभावरूप शांति-स्वरूप जो पर्याय प्रकट होती है, उसे आार्जव कहते हैं। यद्यपि आत्मा आर्जवस्वभावी है, तथापि अनादि से ही आत्मा में आर्जव के अभावरूप मायाकषायरूप पर्याय ही प्रकट से विद्यमान हैं।
स्वयं कॉल आरती के बाद भगवान के पंचकल्याणक की नाटिका कराई गई , सभी भक्तों ने बड़े उत्साह के साथ इस पूजा में भाग लिया। सभी कार्यक्रम में प्रवक्ता सुनील जैन, अरुण जैन, अचल जैन, सत्येंद्र जैन, विनय जैन, शैलेंद्र जैन एवं तरस जैन का विशेष सहयोग रहा।
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