नित्य
संदेश ब्यूरो
मेरठ। दिगंबर जैन मंदिर आनंदपुरी में 10 लक्षण पर्व के प्रथम दिन भगवान की पूजा बड़े धूमधाम से की गई। इसके बाद इंद्र
प्रतिष्ठा की गई। मांडले पर मंगल कलश, पंचमेरू, अष्ट द्रव्य, अखंड ज्योति तथा जिनवाणी
स्थापित की गई। विशेष प्रकार का मंडल बनाया गया, जो कि आकर्षण का केंद्र रहा।
पांडुक शिला पर श्री शांतिनाथ भगवान, श्री महावीर भगवान को विराजमान किया गया। शांति धारा विनय जैन, राजीव जैन, अर्पित जैन, प्रदीप जैन एवं अंशुल जैन ने की। उसके
उपरांत नव देवता पूजन, महावीर भगवान पूजा, पंचमेरू पूजा की गई। विश्व शांति महावीर मंडल विधान किया गया, जिसमें मांडले पर इंद्र इंद्राणीयों द्वारा 100 अर्घ चढ़ाए गए। यह सभी क्रियाएं श्री श्री नंदन शास्त्री द्वारा संपन्न कराई
गई। सभी पूजाएं और विधान ऋषभ एंड पार्टी द्वारा लब्बद्ध तरीके से कराया गया। शाम को भक्तों द्वारा सामूहिक आरती की गई, बच्चों के द्वारा संस्कृत
कार्यक्रम किए गए।
श्री श्री नंदन शास्त्री ने उत्तम क्षमा पर प्रवचन करते हुए बताया कि इस जीव का
स्वभाव क्रोध करना नहीं, बल्कि क्षमा है, जो किया जाए वह विभाव है और जो जिया जाए वह स्वभाव है। क्षमा किया नहीं
जाता, क्रोध करना छोड़ दो, वही क्षमा
भाव है। इस कार्य में सुनील जैन
प्रवक्ता, अरुण जैन, अचल जैन, तरस जैन आदि का विशेष सहयोग रहा।

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