-सुभारती एनएसएस सेल ने किया राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका पर व्याख्यान
का आयोजन
नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ। राष्ट्रीय सेवा योजना प्रकोष्ठ, स्वामी विवेकानन्द सुभारती विश्विद्यालय तथा भारतीय प्रज्ञान परिषद (प्रज्ञा प्रवाह) के संयुक्त तत्तवावधान में अतिथि व्याख्यान का आयोजन किया गया। "राष्ट्र के विकास में युवाओं की भूमिका" विषय पर आयोजित इस व्याख्यान में मुख्य अतिथि और मुख्य वक्ता भारतीय प्रज्ञान परिषद (प्रज्ञा प्रवाह) के पूर्व अखिल भारतीय संयोजक प्रोफेसर (डॉ.) सदानंद दामोद सप्रे रहे। भौतिकी विभाग सीसीएस विश्व विद्यालय के प्रोफेसर बीर पाल सिंह तथा इंजी. अवनीश त्यागी विशिष्ट वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। विश्विद्यालय के प्रतिकुलपति प्रोफे. (डॉ.) हिमांशु ऐरन, नेताजी सुभाष चंद्र बोस पीठ के अध्यक्ष डॉ. देशराज सिंह व पत्रकारिता एवं जनसंचार विभागाध्यक्ष एवं एनएसएस प्रकोष्ठ के कार्यक्रम समन्वयक प्रो. (डॉ.) सुभाष चंद्र थलेडी भी उपस्थित रहे।
व्याख्यान की शुरूआत दीप प्रज्जवलन के साथ हुई। जिसके बाद अतिथियों को पादप
भेंट कर उनका स्वागत किया गया। एनएसएस प्रकोष्ठ के कार्यक्रम समन्वयक प्रो. (डॉ.) सुभाष चंद्र
थलेडी ने स्वागत संबोधन दिया। अपने संबोधन में डॉ. थलेड़ी ने कहा कि रासेयो के स्वच्छता
ही सेवा अभियान के तहत इस राष्ट्रीय महत्व के विषय पर आयोजित यह व्याख्यान युवाओं
को राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका के बारे में जागरूक करने के लिए है। मुख्य
वक्ता प्रोफे. (डॉ.) सदानंद दामोदर सप्रे ने एनएसएस के स्वयंसेवकों को संबोधित
करते हुए कहा कि युवाओं को देश की सेवा के लिए
काम करना अति आवश्यक है। देश के युवा ही देश का भविष्य हैं। आगे उन्होंने
कहा कि यह जरूरी नहीं है कि केवल देश के लिए जान देकर ही देशसेवा का कार्य किया जा
सकता है, अपितु आप रचनात्मक व सामाजिक
कार्यों के द्वारा भी राष्ट्र सेवा के अपने लक्ष्य को प्राप्त कर सकते हैं।डॉ.
सप्रे ने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना(एनएसएस) आज देश में युवाओं को समाज सेवा
जोड़ने का एक महती कार्य कर रहा है, जोकि आज के समय की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि देश सेवा के संदर्भ में सबसे जरूरी काम है युवाओं के मन में
राष्ट्र के प्रति गौरव व अपनत्व के भाव को जागरूक किया जाए। डॉ. सप्रे ने कहा कि
राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका वास्तव में बहुत महत्वपूर्ण है। युवा वगर की
ऊर्जा, उत्साह और नवाचारी सोच राष्ट्र के विकास में महत्वपूर्ण योगदान कर सकती है।
युवा सामाजिक सेवा में जुटकर गरीबों की शिक्षा, स्वच्छता अभियान, रोजगार सृजन आदि में अहम योगदान कर सकते हैं। एनआईटी भोपाल के पूर्व प्रोफे.
सप्रे ने कहा कि युवा पीढ़ी विज्ञान और तकनीकी के क्षेत्र में नए आविष्कार और
नवाचारों के साथ योगदान करे।
विश्व विद्यालय के प्रति-कुलपति प्रोफे. (डॉ.) हिमांशु ऐरन ने अपने संबोधन में
कहा कि भारत को विकसित बनाने के राह में युवाओं की बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका है, क्योंकि भारत एक युवा राष्ट्र है। युवा वर्ग को समाज में एक महत्वपूर्ण भूमिका
निभाने का अवसर मिलता है और वे इसे सजीव रूप से निभाएं। उन्होंने कहा कि युवा ही
राष्ट्र का सर्वोत्तम विकास कर सकते हैं। यह तभी संभव होगा जब युवाओं को सही
मार्गदर्शन और संतुलित तरीके से मार्गदर्शित किया जाए। आज युवाओं को समाज सेवा के
लिए आगे आना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमारा विश्विद्यालय युवाओं के प्रेरणास्रोत
स्वामी विवेकानंद जी के नाम पर है। उन्होंने कहा कि सुभारती विश्वविद्यालय शिक्षा, सेवा, संस्कार और राष्ट्रीयता के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।
इस दौरान सीसीएस विश्वविद्यालय के प्रोफेसर व भारतीय प्रज्ञान परिषद के
प्रातीय अध्यक्ष प्रोफे. बीर पाल सिंह व प्रज्ञा प्रवाह मेरठ के संयोजक इंजी.
अवनीश त्यागी ने भी उपस्थित युवाओं को संबोधित किया। कार्यक्रम में एनएसएस के
स्वयंसेवकों को स्वच्छता अभियान से जोड़ने के लिए नेताजी सुभाषचंद्र बोस पीठ के
अध्यक्ष डॉ. देशराज सिंह ने सबको स्वच्छता शपथ दिलाई। अंत में कार्यक्रम की
संयोजिका व एनएसएस की इकाई तीन की कार्यक्रम अधिकारी शिवानी भदौरिया ने धन्यवाद
ज्ञापन दिया। कार्यक्रम का संचालन बीएजेएमसी की द्वित्तीय वर्ष की छात्राओं गरिमा
पांडेय व मनीषा कुमारी ने किया।
इस दौरान रासेयो की चारों इकाइयों के कार्यक्रम अधिकारी राम प्रकाश तिवारी, डॉ. विशाल कुमार, निशांत गौरव, शिवानी भदौरिया व कॉलेज कोऑर्डिनेटर्स डॉ. कपिल रस्तोगी, डॉ. नेहा सिंह, डॉ. सुपुर्णा पंडित, पंकज कुमार, पुष्पेंद्र कुमार, शिकेब मजीद, शैली शर्मा, व कपिल गिल सहित 400 से अधिक एनएसएस के स्वयंसेवक
उपस्थित रहे।
.jpg)
.jpg)
.jpg)
No comments:
Post a Comment