विश्व धर्म संसद के लिए समर्थन और सहयोग मांगने महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी महाराज मेरठ पहुँचे
शाहिद खान
नित्य संदेश, मेरठ। बांग्लादेश के हिन्दुओ के साथ जो हो रहा है, यही इस्लाम का असली चेहरा है, जो भीषण नरसंहार आज बांग्लादेश के हिन्दुओ का हो रहा है, एक दिन ये भारत के कोने कोने में भी होगा, क्योंकि जो इस्लाम बांग्लादेश के मुस्लिम मानते हैं, वो ही इस्लाम भारत सहित पूरे विश्व के मुस्लिम मानते हैं। अब ये सम्पूर्ण विश्व को तय करना है कि वो इस्लाम के इन जिहादी दरिंदों के साथ कैसे निर्वाह करेंगे।आज जो बांग्लादेश के हिंदुओ के कातिलों के साथ क्रिकेट खेल रहे हैं, कल वो हमारे कत्ल के बाद हमारे कातिलों के साथ भी क्रिकेट खेलेंगे।
ये विचार शिवशक्ति धाम डासना के पीठाधीश्वर व श्रीपंचदशनाम जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी महाराज ने आज मेरठ में रखे, जहां वो विश्व धर्म संसद के लिए सहयोग और समर्थन जुटाने के लिए आए थे।
महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी महाराज अपने साथियों के साथ इस्लाम के जिहाद की अवधारणा को सम्पूर्ण विश्व को समझाने के लिये 5 दिवसीय विश्व धर्म संसद का आयोजन कर रहे हैं, जिसमे सम्पूर्ण विश्व के सभी गैर मुस्लिम धर्मगुरुओ और विचारकों को बुलाया जा रहा है। इस आयोजन को वो सम्पूर्ण भारत के हिन्दुओ से भिक्षा माँगकर कर रहे हैं। आज वो इस उद्देश्य के लिए समर्थन और सहयोग मांगने मेरठ आये।
श्रीपरशुराम मंदिर में प्रेस वार्ता करते हुए उन्होंने विस्तार से विश्व धर्म संसद के विषय में जानकारी दी। विश्व धर्म संसद का आयोजन 17,18,19,20 और 21 दिसंबर 2024 को गाजियाबाद में यति नरसिंहानंद सरस्वती फाउंडेशन के द्वारा अन्य संस्थाओं के सहयोग से किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि संपूर्ण विश्व में अपने मजहब के नाम पर निर्दोष जनों की हत्या करने का नाम ही इस्लामिक जिहाद है और ये सिखाने वाले संपूर्ण मानवता के अपराधी हैं। इनसे आज विश्व के सभी गैर मुस्लिमो को संघर्ष करना ही होगा। इस बार के लोकसभा चुनावों में जिस तरह से भारत के प्रधानमंत्री को जगह जगह अपनी सभाओ में इस्लामिक जिहाद की चर्चा करनी पड़ा, ये बहुत ही चिंता की बात है। यह दर्शाता है कि स्थिति अब कितनी खराब हो चुकी है। प्रधानमंत्री ने अपनी चुनावी सभाओं में वही सब कुछ कहा है जो हम पिछले अनेक वर्षों से कहते आ रहे हैं। आज प्रधानमंत्री की बात को गम्भीरता से लेकर इसका समाधान खोजने की जरूरत है।हमे यह भी समझना पड़ेगा कि इस्लामिक जिहाद किसी समुदाय विशेष, किसी क्षेत्र विशेष या देश विशेष की समस्या नहीं है बल्कि सम्पूर्ण विश्व के गैर मुस्लिमो की समस्या है और इसके समाधान के लिये विश्व स्तर के प्रयास अति आवश्यक है।कहा कि विश्व धर्म संसद इसका रास्ता खोजने का कार्य करेगी। विश्व धर्म संसद के लिए चारो पीठो के जगद्गुरु शंकराचार्य को मार्गदर्शन के लिये निवेदन किया जा चुका है।अब हम देश के सभी पंथों,सम्प्रदाय और धार्मिक समूहों के धर्मगुरुओ से विश्व धर्म संसद का सहयोगी बनने का निवेदन करेंगे।
उन्होंने यह भी कहा कि जिहाद कि विभीषिका को न समझने के कारण ही आज सम्पूर्ण मानवता विनाश की ओर तेजी से जा रही है।हम सनातन धर्म के मानने वाले इस्लामिक जिहाद के सबसे निरीह शिकार रहे हैं।इतने अवर्णनीय अत्याचारों के बाद भी हम विश्व को अपनी पीड़ा बता नहीं पाए जिसके कारण सम्पूर्ण विश्व इस्लामिक ज़िहाद को समझने में असफल हो गया।आज समय आ चुका है कि हम अपनी गलतियों को सुधारते हुए सम्पूर्ण विश्व को अपने साथ हो रहे अन्याय और अत्याचारों की सच्चाई से अवगत कराए और सम्पूर्ण विनाश को वैचारिक रूप से संघर्ष के लिये तैयार करें।हम विश्व धर्म संसद के माध्यम से अपनी यह जिम्मेदारी पूरी करेंगे।
उन्होंने यह भी कहा कि जो अमानवीयता गत वर्ष 7 अक्टूबर को हमास के जिहादियों ने निर्दोष यहूदियों के साथ दिखाई और आज बांग्लादेश के निर्दोष हिंदुओ के साथ दिखा रहे हैं, वह उन्होंने हजारो बार हमारे साथ कि है।अब समय आ गया है कि हम हिन्दू दुनिया को दिखाए की हम अहिंसक हैं परंतु कायर या कमजोर नहीं।विश्व धर्म संसद एक दैवीय आयोजन होगा।हम इसको करने में कोई भी कसर नही छोड़ेंगे और इस आयोजन के बाद सम्पूर्ण विश्व का इस्लाम के जिहाद के बारे दृष्टिकोण बदल जायेगा।
प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि अब समय आ गया है की सभी सनातनियो को अपने सभी मतभेदों को भुला कर अपने परिवार,अपने बच्चो और अपने अस्तित्व की रक्षा के लिए स्वयं खड़ा होना पड़ेगा।हम अपने धर्म की रक्षा का कार्य किसी और पर नहीं छोड़ सकते।इस्लाम के जिहादियों से टक्कर लेने का कार्य सभी सनातानियो को ही करना होगा।हम हर तरह से महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी जी के साथ हैं और उनके हर कार्य में सहयोग करेगे।
मेरठ की बैठक में यह भी तय किया गया की दिल्ली के भारत बांग्लादेश का कोई मैच नहीं होने दिया जाएगा चाहे कुछ भी हो जाए।
बैठक में उपस्थित सभी गणमान्य व्यक्तियो ने अपनी संपूर्ण शक्ति से विश्व धर्म संसद के सहयोग और समर्थन का संकल्प लिया। बैठक में उपस्थित हिंदूवादी नेता सचिन सिरोही ने कहा 9 अक्टूबर को दिल्ली में जो बांग्लादेश की टीम मैच खेलने जा रही है मेरठ के सभी सनातनी उसे मैच का विरोध करेंगे और यति नरसिंह आनंद महाराज जी को सहयोग करेंगे हर संभव मदद करेंगे कि यह मैच भारत सरकार रद्द करें क्योंकि यह भारत में रहने वाले 100 करोड़ हिंदुओं की आस्था से खिलवाड़ है।
बैठक में उपस्थित हिंदूवादी नेता सचिन सिरोही, चहन सिंह बालियान, पंडित बालकिशन राय, डॉ योगेंद्र योगी, आशीष सिंह, भगवान परशुराम मंदिर कमेटी के अध्यक्ष सुभाष चंद्र शर्मा, बहन वंदना वर्मा, व्यापारी लीडर सचिन चोपड़ा, विश्वास भारद्वाज, प्रदीप कौशिक, चेतन त्यागी, ब्रह्म सिंह फौजी, गोपाल बंसीवाल, व्यापारी लीडर पवन गर्ग, वेदांत अरोड़ा, कन्हैया शर्मा, सुनील पवार, मधुमेह शर्मा, विक्की त्यागी, संदीप, अतुल कुमार, भोपाल सिंह चौहान, अशोक, बबलू ध्यानी, राजकुमार यादव, राकेश, रिंकू सैनी एवं अन्य सामाजिक लोग उपस्थित रहे।
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