नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ। प्रगति विज्ञान संस्था की टीम द्वारा 12 से 18 आयु वर्ग के बालकों पर किए गए शोध में स्पष्ट हुआ कि दूसरे लोगो द्वारा विभिन्न छेत्र में की जा रही अनुशासनहीनता से उनकी जीवन शैली प्रभावित हो रही हैं जिससे उनके आगे बढ़ने का आत्मविश्वास डगमगा जा रहा हैं।
पिछले 2 साल में किशोर अवस्था के वो बालक जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं ऐसे एक हजार बालकों पर मेरठ के अलग अलग ब्लॉक में रहने वाले बालकों पर ये अध्धयन किया गया, इसमें दूसरो के अनुशासन हीन होने प्रभावित होने वाले बालक 25 प्रतिशत है।
11 प्रतिशत बालक घर में आर्थिक तंगी के कारण परेशान हैं वही 11 प्रतिशत सड़क पर गढ्ढों और यातायात से परेशान हैं
9 प्रतिशत साफ सफाई को लेकर परेशान भी हैं और प्रभावित भी। घर में झगड़ो से 6 प्रतिशत परेशान हैं
6 प्रतिशत आजादी चाहते हैं
3 प्रतिशत जीवन में मोबाइल से दुखी हैं
3 प्रतिशत प्रदूषण से दुखी हैं
3 प्रतिशत महंगी दवाओ से परेशान हैं
3 प्रतिशत पानी की बरबादी से परेशान हैं तो इतने ही लोग जल निकासी से भी
सड़कों पर भीड़ और अतिक्रमण से 6 प्रतिशत दुःखी हैं
6 प्रतिशत पढ़ना नहीं चाहते और नशा से 3 प्रतिशत प्रभावित हो रहे हैं
दीपक शर्मा के मार्गदर्शन में डा तुषा अग्रवाल, अनुप्रिया शर्मा, मानवी, जोनी कुमार देवराज,कार्तिकेय और सचिन ने शोधकार्य को पूर्ण किया
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