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Tuesday, October 6, 2026

सीसीएसयू के जैव प्रौद्योगिकी विभाग में ‘पादप–सूक्ष्मजीव अंतःक्रियाएं एवं सतत कृषि में जैव-प्रौद्योगिकीय अनुप्रयोग’ विषय पर अतिथि व्याख्यान



नित्य संदेश ब्यूरो

मेरठ। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय, मेरठ के जैव प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा मंगलवार को ‘पादप–सूक्ष्मजीव अंतःक्रियाएं एवं सतत कृषि में जैव-प्रौद्योगिकीय अनुप्रयोग’ विषय पर विशेष अतिथि व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बी.एससी. एवं एम.एससी. जैव प्रौद्योगिकी के विद्यार्थियों के साथ-साथ विभाग के शोधार्थियों एवं शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।


कार्यक्रम की मुख्य वक्ता एवं विशेषज्ञ प्रो. दिलफुज़ा जब्बोरोवा, वरिष्ठ वैज्ञानिक, उज़्बेकिस्तान विज्ञान अकादमी के आनुवंशिकी एवं पादप प्रायोगिक जीवविज्ञान संस्थान, रहीं। उन्होंने अपने व्याख्यान में पादपों एवं सूक्ष्मजीवों के मध्य होने वाली पारस्परिक अंतःक्रियाओं तथा सतत एवं पर्यावरण-अनुकूल कृषि में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला। प्रो. जब्बोरोवा ने बताया कि लाभकारी सूक्ष्मजीव पादपों की वृद्धि, पोषक तत्वों की उपलब्धता, मृदा स्वास्थ्य तथा रोग प्रबंधन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने सूक्ष्मजीवी जैव-संवर्धकों, जैविक रोग नियंत्रण तथा पादप वृद्धि को प्रोत्साहित करने वाले सूक्ष्मजीवों के उपयोग को रासायनिक कृषि-आदानों पर निर्भरता कम करने तथा टिकाऊ कृषि को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने विद्यार्थियों को पादप–सूक्ष्मजीव अंतःक्रियाओं के व्यावहारिक एवं जैव-प्रौद्योगिकीय पक्षों से भी अवगत कराया तथा इस क्षेत्र में हो रहे नवीन शोध एवं भविष्य की संभावनाओं पर चर्चा की।


प्रो. दिलफुज़ा जब्बोरोवा 50 से अधिक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों में सहभागिता कर चुकी हैं तथा उनके 80 से अधिक शोध-पत्र अंतरराष्ट्रीय शोध पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुके हैं। उन्हें विश्व के शीर्ष दो प्रतिशत वैज्ञानिकों की सूची में भी स्थान प्राप्त हुआ है। इसके अतिरिक्त वे विभिन्न अंतरराष्ट्रीय शोध पत्रिकाओं में शैक्षणिक संपादक एवं संपादकीय मंडल की सदस्य के रूप में भी अपना योगदान दे रही हैं। कार्यक्रम में विभाग के समन्वयक प्रो. जितेंद्र सिंह सहित डॉ. प्रदीप कुमार, डॉ. आशु त्यागी, डॉ. ज्ञानिका शुक्ला, डॉ. संगीता बजाज, डॉ. सुप्रिया तोमर एवं डॉ. विदुषी महाजन उपस्थित रहे।


विभागीय शिक्षकों एवं विद्यार्थियों ने व्याख्यान को अत्यंत ज्ञानवर्धक एवं शोधपरक बताते हुए कहा कि इससे पादप–सूक्ष्मजीव अंतःक्रियाओं तथा सतत कृषि के क्षेत्र में नवीन शोध संभावनाओं को समझने का महत्वपूर्ण अवसर प्राप्त हुआ। कार्यक्रम के अंत में विभाग की ओर से प्रो. दिलफुज़ा जब्बोरोवा के प्रति आभार व्यक्त किया गया तथा विद्यार्थियों को कृषि जैव प्रौद्योगिकी एवं सतत कृषि के उभरते क्षेत्रों में अनुसंधान के लिए प्रेरित किया गया।

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