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Tuesday, October 6, 2026

सभी को मिले सुरक्षित और सम्मानजनक आशियाना, तभी बनेगा समावेशी विश्व


नित्य संदेश ब्यूरो

मेरठ। द इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स (इंडिया), मेरठ लोकल सेंटर के तत्वावधान में चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के सर छोटूराम इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (SCRIET) के सहयोग से मंगलवार को विश्व हैबिटेट डे-2026 मनाया गया। कार्यक्रम का विषय “Adequate Housing for All” (सभी के लिए पर्याप्त आवास) रहा। आयोजन SCRIET के प्रशासनिक भवन स्थित कमेटी हॉल में हुआ।


उल्लेखनीय है कि द इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स (इंडिया), मेरठ लोकल सेंटर और चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के SCRIET के बीच तकनीकी एवं शैक्षणिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए पूर्व में हुए एमओयू के अंतर्गत विश्व हैबिटेट डे के अवसर पर यह कार्यक्रम आयोजित किया गया। विश्व हैबिटेट डे की शुरुआत संयुक्त राष्ट्र की पहल के तहत हुई थी। इसका उद्देश्य दुनिया का ध्यान मानव बस्तियों की स्थिति और प्रत्येक व्यक्ति के लिए पर्याप्त एवं सुरक्षित आवास की आवश्यकता की ओर आकर्षित करना है। इस वर्ष का कार्यक्रम भी आवास को केवल भवन नहीं, बल्कि सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन की आधारभूत आवश्यकता के रूप में देखने का संदेश देता है।


कार्यक्रम में SCRIET के निदेशक डॉ. नीरज सिंघल मुख्य अतिथि रहे। आर्किटेक्ट मीनल अग्रवाल, अध्यक्ष, मेरठ आर्किटेक्ट्स एसोसिएशन (MAA) सहित इंजीनियरिंग एवं वास्तुकला क्षेत्र के विशेषज्ञों ने सहभागिता की। डॉ. नीरज सिंघल ने कहा कि तेजी से बढ़ते शहरीकरण के दौर में सभी के लिए पर्याप्त, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण आवास उपलब्ध कराना बड़ी चुनौती है। आवास केवल रहने के लिए भवन उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि बेहतर जीवन-परिस्थितियां, मूलभूत सुविधाएं, सुरक्षित वातावरण और पर्यावरणीय संतुलन भी इसका हिस्सा हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से भविष्य की आवासीय जरूरतों को ध्यान में रखते हुए नवाचार और सतत विकास पर विशेष ध्यान देने का आह्वान किया।


चेयरमैन इंजीनियर एससी मित्तल ने कहा कि हैबिटेट की अवधारणा केवल भवन निर्माण तक सीमित नहीं है। सुरक्षित भवन के साथ स्वच्छता, जल, ऊर्जा, हरित क्षेत्र और पर्यावरणीय संतुलन भी बेहतर आवासीय वातावरण के लिए जरूरी हैं। इंजीनियरों और वास्तुविदों को ऐसी तकनीक और डिजाइन विकसित करने पर ध्यान देना चाहिए, जो किफायती होने के साथ टिकाऊ हों और समाज के सभी वर्गों की जरूरतों को पूरा कर सकें। आर्किटेक्ट ईशान कुमार गर्ग ने कहा कि “Adequate Housing for All” की अवधारणा को साकार करने के लिए आवासीय डिजाइन को स्थानीय परिस्थितियों, जलवायु, उपलब्ध संसाधनों और लोगों की वास्तविक जरूरतों से जोड़ना जरूरी है। आधुनिक वास्तुकला में ऐसे समाधान विकसित किए जाने चाहिए जो किफायती, टिकाऊ, ऊर्जा-कुशल और पर्यावरण के अनुकूल हों। उन्होंने विद्यार्थियों से समाज के प्रत्येक वर्ग के लिए उपयोगी और व्यवहारिक आवासीय समाधान विकसित करने का आह्वान किया।


कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि बेहतर आवास केवल एक छत नहीं, बल्कि सम्मानजनक जीवन और सतत विकास की आधारशिला है। कार्यक्रम के आयोजन में डॉ. लक्ष्मी शंकर सिंह, इंजीनियर प्रशांत शर्मा, कन्वीनर, इंजीनियर निखिल किशोर सहित अन्य सदस्यों का सहयोग रहा।

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