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Thursday, October 1, 2026

चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के शिक्षा विभाग में भाषण प्रतियोगिता का आयोजन



नित्य संदेश ब्यूरो

मेरठ। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के साहित्यिक सांस्कृतिक परिषद के तत्वावधान में ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत गुरुवार को विश्वविद्यालय के शिक्षा विभाग में भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता का विषय “विकसित भारत की संकल्पना अथवा सरकार की कल्याणकारी योजनाएं” निर्धारित किया गया। प्रतियोगिता में कुल 143 विद्यार्थियों ने प्रतिभाग हेतु पंजीकरण कराया, जिनमें से 67 प्रतिभागियों ने मंच से अपने विचार प्रस्तुत किए। विद्यार्थियों की उत्साहपूर्ण सहभागिता ने कार्यक्रम को विशेष रूप से महत्वपूर्ण बनाया। 


कार्यक्रम विश्वविद्यालय की कुलाधिपति एवं उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल तथा कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में साहित्यिक सांस्कृतिक परिषद की अध्यक्ष प्रो. नीलू जैन गुप्ता, परिषद समन्वयक प्रो. कृष्ण कांत शर्मा, कार्यक्रम अध्यक्ष डॉ. राकेश कुमार शर्मा तथा कार्यक्रम समन्वयक डॉ. जितेंद्र सिंह गोयल की महत्वपूर्ण भूमिका रही। प्रतियोगिता के मूल्यांकन हेतु तीन सदस्यीय निर्णायक मंडल गठित किया गया, जिसमें चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के समाजशास्त्र विभाग के सहायक आचार्य डॉ. डी.एन. भट्ट, संस्कृत विभाग के डॉ. प्रशांत तथा इस्माइल कॉलेज, मेरठ के अर्थशास्त्र विभाग की डॉ. दीक्षा शामिल रहीं। निर्णायक मंडल द्वारा प्रतिभागियों के विषय ज्ञान, विचारों की स्पष्टता, तार्किक प्रस्तुति, भाषा शैली एवं अभिव्यक्ति कौशल के आधार पर भाषणों का मूल्यांकन किया गया। प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने विकसित भारत की संकल्पना, राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका, शिक्षा एवं तकनीकी विकास, आत्मनिर्भर भारत, महिला सशक्तीकरण, सामाजिक समानता तथा सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर अपने विचार प्रस्तुत किए। प्रतिभागियों ने अपने भाषणों के माध्यम से भारत को विकसित राष्ट्र बनाने में शिक्षा, नवाचार, कौशल विकास, सामाजिक सहभागिता और नागरिक कर्तव्यों की महत्ता को रेखांकित किया। 


वक्ताओं ने यह भी बताया कि सरकारी कल्याणकारी योजनाएं समाज के विभिन्न वर्गों के जीवन स्तर में सुधार लाने तथा सामाजिक एवं आर्थिक विकास को गति प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में राष्ट्र के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण, सामाजिक चेतना, नेतृत्व क्षमता, तार्किक चिंतन एवं प्रभावशाली अभिव्यक्ति कौशल का विकास करना था। प्रतियोगिता ने विद्यार्थियों को समसामयिक राष्ट्रीय विषयों पर स्वतंत्र रूप से विचार व्यक्त करने तथा अपने दृष्टिकोण को तार्किक एवं प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने का अवसर प्रदान किया। प्रतिभागियों ने अपने भाषणों में विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की सक्रिय भागीदारी तथा जिम्मेदार नागरिक के रूप में उनकी भूमिका पर विशेष बल दिया। ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत आयोजित इस कार्यक्रम ने विद्यार्थियों में सेवा, समर्पण, राष्ट्रभक्ति एवं सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को प्रोत्साहित किया। विश्वविद्यालय का साहित्यिक सांस्कृतिक परिषद इस प्रकार की गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास, रचनात्मक अभिव्यक्ति और सामाजिक जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयासरत है। 


कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि विकसित भारत का लक्ष्य केवल आर्थिक प्रगति तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, सामाजिक समरसता, समान अवसर, नागरिक सहभागिता और मानवीय मूल्यों का भी महत्वपूर्ण स्थान है। प्रतियोगिता में 143 विद्यार्थियों द्वारा पंजीकरण तथा 67 विद्यार्थियों द्वारा भाषण प्रस्तुत किया जाना विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों में राष्ट्रीय विकास से जुड़े विषयों के प्रति रुचि और जागरूकता को दर्शाता है। निर्णायक मंडल द्वारा घोषित परिणामों के अनुसार बी.एससी. ऑनर्स भूगोल की छात्रा कशिश गोयल ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। एम.एड. की छात्रा फिरोजान यूनुस ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। बी.ए. ऑनर्स राजनीति विज्ञान की छात्रा निशा रस्तोगी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। भूगोल विषय से एम.ए. की छात्रा तनु ने चतुर्थ स्थान प्राप्त किया, जबकि इस्माइल डिग्री कॉलेज के हिंदी विभाग की छात्रा समरीन तथा नरियान ने संयुक्त रूप से पंचम स्थान प्राप्त किया।

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