नित्य संदेश ब्यूरो
हस्तिनापुर। वन्यजीव सप्ताह के अवसर पर वन विभाग द्वारा आयोजित कार्यक्रम में "Co-existence with Wildlife & Reducing Human-Wildlife Conflict" विषय पर चर्चा हुई। मुख्य अतिथि वन संरक्षक मेरठ आदर्श कुमार रहे। कार्यक्रम में ब्लॉक प्रमुख नितिन पोसवाल, पक्षीविद् रजत भार्गव, प्रोफेसर नरेश कुमार, WWF प्रोजेक्ट मैनेजर डॉ. अमान सहित विशेषज्ञ और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत नेचर ट्रेल और बर्ड वॉचिंग से हुई, जिसमें 10 प्राथमिक विद्यालयों और राजकीय महाविद्यालय हस्तिनापुर के विद्यार्थियों ने भाग लिया। वन विभाग द्वारा अग्निशमन और रेस्क्यू उपकरणों की प्रदर्शनी भी लगाई गई। बर्ड वॉचिंग, फोटोग्राफी और चित्रकला प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कृत किया गया।इसी क्रम में परीक्षितगढ़ रेंज में माध्यमिक विद्यालय तरबियतपुर, मेरठ रेंज में खरखौदा के पब्लिक स्कूल, रिठानी रेंज में प्राथमिक विद्यालय गगोल और सरधना देहात में भी वन्यजीव सप्ताह मनाया गया।
प्रभागीय निदेशक वंदना फोगाट ने बताया कि वन्यजीव सप्ताह का उद्देश्य संरक्षण के प्रति जागरूकता है। पिछले एक वर्ष में 602 वन्यजीवों को रेस्क्यू कर सुरक्षित छोड़ा गया है। गंगा में बिजनौर से नरौरा बैराज तक डॉल्फिन की संख्या 2018 में 31 से बढ़कर 2024 में 52 हो गई है।

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