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Friday, October 2, 2026

एसटी आरक्षण सहित विभिन्न मांगों को लेकर 4 हजार से अधिक बंजारा समाजजन कलेक्टर कार्यालय पहुंचे, तपती दोपहरी में शाम 4 बजे तक चला प्रदर्शन

नवीन मौर्य

नित्य संदेश, इंदौर। अनुसूचित जनजाति (एसटी) आरक्षण सहित विभिन्न मांगों को लेकर शुक्रवार को प्रदेशभर के बंजारा समाज का इंदौर में जमावड़ा हुआ। सुबह 9 बजे से लालबाग में समाजजनों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हुआ। दोपहर करीब 12 बजे राष्ट्रीय संत श्री  महाराज धर्माधिकारी के पहुंचने के बाद समाजजनों ने अपने विचार रखे। इसके बाद दोपहर 12.30 बजे 4 हजार से अधिक समाजजन रैली के रूप में कलेक्टर कार्यालय की ओर रवाना हुए। संत सेवालाल के जयघोष के साथ निकली रैली में प्रदेश के अलग-अलग जिलों से आए समाजजन शामिल हुए।


समाज के प्रतिनिधि नेमीचंद नायक, भीमसिंह राणा, ममराज पवार, बबलू राठौर और राम पवार ने कहा कि बंजारा समाज की ओर से राष्ट्रीय संत श्री जी महाराज की अगवाई में  एसटी आरक्षण की मांग प्रमुखता से उठाई गई है। प्रतिनिधियों ने कहा कि वर्तमान व्यवस्था में समाज को अपेक्षित लाभ नहीं मिल पा रहा है। इसके साथ शिक्षा के अवसर बढ़ाने, रोजगार और व्यापार के अवसर उपलब्ध कराने, राजनीतिक सहभागिता बढ़ाने, विमुक्त एवं घुमक्कड़ जातियों के लिए विशेष प्रावधान करने तथा सामाजिक भेदभाव समाप्त करने जैसे मुद्दे भी सरकार के सामने रखे गए।


समाजजनों ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। तपती दोपहरी में भी समाजजन करीब शाम 4 बजे तक एसटी आरक्षण सहित अन्य मुद्दों को लेकर डटे रहे। इस दौरान मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया। कार्यक्रम के समापन के बाद समाजजन लालबाग लौटे।

कई जिलों से वाहन रैलियां लेकर पहुंचे समाजजन

देवास नाका, रोबोट चौराहा, खजराना, लसूड़िया, विजय नगर, सत्यसाई, राजीव गांधी चौराहा, जवाहर टेकरी, फूटी कोठी, राऊ-खंडवा नाका और बाणगंगा सहित शहर के विभिन्न क्षेत्रों से समाजजनों की वाहन रैलियां लालबाग पहुंचीं। यहां प्रदेश के अलग-अलग जिलों से आए समाजजनों के एकत्र होने का सिलसिला सुबह से जारी रहा। वाहनों की पार्किंग और स्वल्पाहार की व्यवस्था भी की गई थी।


इतिहास, शिक्षा और रोजगार के मुद्दे भी उठे

कार्यक्रम में बंजारा समाज के इतिहास और वीरों की गाथाओं को पाठ्यक्रम एवं सार्वजनिक विमर्श में स्थान देने, 1871 के क्रिमिनल ट्राइब्स एक्ट के ऐतिहासिक प्रभावों पर चर्चा तथा विभिन्न आयोगों की सिफारिशों पर कार्रवाई की मांग भी रखी गई। समाज प्रतिनिधियों ने कहा कि किसी व्यक्ति के आपराधिक प्रकरण के आधार पर पूरे समाज को बदनाम नहीं किया जाना चाहिए। कार्यक्रम में राजनीतिक सहभागिता और समाज के मुद्दों पर नीतिगत एवं संवैधानिक स्तर पर कार्रवाई की मांग भी उठाई गई।

70 लाख से अधिक आबादी का दावा

समाज प्रतिनिधि नेमीचंद नायक के अनुसार प्रदेश में बंजारा समाज की आबादी 70 लाख से अधिक है। निमाड़ के बड़वानी, खंडवा, खरगोन और बुरहानपुर, मालवा के मंदसौर, नीमच, रतलाम और उज्जैन सहित गुना, अशोकनगर, रायसेन, सागर और मंडला जैसे जिलों में समाज की बड़ी आबादी है। उनके अनुसार इंदौर जिले में भी 2 लाख से अधिक बंजारा समाजजन रहते हैं।

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