सड़क सुरक्षा से लेकर कृषि, जल संरक्षण, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डिजिटल शिक्षा और स्मार्ट तकनीक पर विद्यार्थियों ने रखे समाधान
नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के सर छोटू राम इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (SCRIET) में ‘सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज (SFIC)-2026’ का आयोजन किया गया। सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आयोजित इस नवाचार चुनौती में विद्यार्थियों ने समाज की वास्तविक समस्याओं को तकनीक और नवाचार के माध्यम से हल करने वाले विभिन्न प्रोजेक्ट प्रस्तुत किए। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने अपने-अपने प्रोजेक्ट की कार्यप्रणाली, उपयोगिता, तकनीकी पक्ष तथा समाज पर पड़ने वाले संभावित प्रभाव के बारे में निर्णायक मंडल के समक्ष प्रस्तुतियां दीं।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सीसीएसयू के निदेशक शोध प्रो. बीरपाल सिंह रहे। इस अवसर पर साहित्यिक एवं सांस्कृतिक परिषद के समन्वयक प्रो. के. के. शर्मा, कार्यक्रम के कन्वीनर प्रो. मुकेश कुमार शर्मा, ऑर्गेनाइजिंग सेक्रेटरी इंजीनियर प्रवीण कुमार तथा सर छोटू राम इंजीनियरिंग कॉलेज के निदेशक प्रो. नीरज सिंघल, प्रेस प्रवक्ता मितेंद्र कुमार गुप्ता, डॉ के पी सिंह, डॉ अर्पित छाबड़ा सहित अन्य शिक्षक एवं अधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम में विद्यार्थियों के नवाचारों का मूल्यांकन करने के लिए डॉ. वंदना राणा, डॉ. निधि चौहान, डॉ. पारुल , डॉ सुशील कुमार यादव, इंजीनियर प्रत्यूष उपाध्याय और डॉ. आशुतोष मिश्रा निर्णायक मंडल के रूप में उपस्थित रहे। वहीं क्लब की ओर से प्रिंस गुप्ता एवं रविंद्र मिश्रा ने आयोजन में सहयोग किया।
पांच प्रमुख क्षेत्रों में नवाचार पर जोर
‘सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज’ के अंतर्गत विद्यार्थियों को मुख्य रूप से कृषि एवं ग्रामीण विकास, जल-पर्यावरण एवं स्थिरता, स्वास्थ्य-पोषण एवं कल्याण, शिक्षा-कौशल एवं सामाजिक विकास तथा शहरी सेवाएं-मोबिलिटी एवं सुशासन जैसे पांच प्रमुख विषयों पर नवाचार प्रस्तुत करने का अवसर दिया गया था। इसके साथ ही प्रतिभागियों के लिए उत्पाद/तकनीकी समाधान तथा बिजनेस मॉडल/गवर्नेंस समाधान के दो इनोवेशन ट्रैक निर्धारित किए गए थे।कार्यक्रम में दो दर्जन से ज्यादा टीम प्रतिभागियों ने पंजीकरण कराया था। प्रतिभागियों ने अलग-अलग टीमों के माध्यम से अपने विचारों और प्रोजेक्ट की प्रस्तुति दी। प्रतिभागियों ने इलेक्ट्रॉनिक्स, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, कृषि, जल संरक्षण, ई-कॉमर्स, आपूर्ति शृंखला, डिजिटल शिक्षा, सड़क सुरक्षा और unsafe क्षेत्रों की पहचान जैसे विभिन्न क्षेत्रों में समाधान प्रस्तुत किए।
‘Bolti Sadak’ टीम ने गड्ढों, सड़क में दरारों और जलभराव जैसी समस्याओं के संबंध में एक ऐसा समाधान प्रस्तुत किया, जिसमें अलग-अलग स्थानों से आने वाली शिकायतों को व्यवस्थित तरीके से सामने लाने और प्राथमिकता निर्धारित करने की समस्या पर ध्यान दिया गया। टीम में आर्यन विक्रम, अक्षांश श्रीवास्तव, धीरेंद्र प्रजापति और शुभ मिश्रा शामिल रहे। ‘Ashen Hawk’ टीम ने गेम आधारित सीखने, वास्तविक सर्किट निर्माण, कैमरा आधारित सर्किट सत्यापन, कोडिंग, परीक्षण, सेंसर और पावर सप्लाई को एक ही पोर्टेबल उपकरण में समाहित करने वाले शैक्षिक इलेक्ट्रॉनिक्स प्लेटफॉर्म की अवधारणा प्रस्तुत की। टीम में वैभव सिंह, बीरसगॉड235-हैश, यक्ष शक्य और योशित कुमार शामिल रहे। ‘Ather Spark’ टीम की ओर से वर्षा जल संचयन के आकलन से संबंधित परियोजना प्रस्तुत की गई। इस टीम में शौर्य यादव और उत्सव दुबे शामिल रहे। वहीं ‘Brainbots’ की ओर से विद्यार्थियों के लिए करियर मार्गदर्शन एवं मेंटरशिप से संबंधित डिजिटल प्लेटफॉर्म की अवधारणा प्रस्तुत की गई।
डिजिटल तकनीक और स्मार्ट समाधान भी रहे आकर्षण का केंद्र
Code.SCRIET टीम की ओर से विद्यार्थियों द्वारा स्वयं विकसित और संचालित पूर्ण डिजिटल अवसंरचना का प्रदर्शन किया गया, जिसका उपयोग विश्वविद्यालय के वास्तविक आयोजनों में भी किया जा रहा है। इस टीम का प्रतिनिधित्व लक्ष्य पांडेय ने किया। ‘Cosmeera’ टीम ने ई-कॉमर्स आधारित समाधान प्रस्तुत किया, जबकि ‘finixVI’ टीम ने अगरबत्ती सुखाने वाली मशीन का प्रोजेक्ट प्रस्तुत किया। ‘InnoMinds’ ने आपूर्ति शृंखला से संबंधित समाधान प्रस्तुत किया। ‘SustainX’ टीम ने GeoZenX.ai नामक कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित टेम्पोरल रिमोट सेंसिंग परिवर्तन विश्लेषण एवं पहचान प्रणाली प्रस्तुत की। परियोजना का उद्देश्य उपग्रह चित्रों में होने वाले परिवर्तनों को समझना तथा गलत पहचान को कम करना है। टीम में अर्जुन शुक्ला, आकाश गुप्ता और प्रियंशु कुमार शामिल रहे। इसी प्रकार ‘Team Hawk’ ने फसल रोग एवं कीट संक्रमण की प्रारंभिक पहचान और प्रबंधन से संबंधित समाधान प्रस्तुत किया। टीम में अनुराग गौतम, अविनाश यादव, आयुष कुमार सिंह और नवीन प्रताप सिंह शामिल रहे। ‘TechBytes’ टीम ने Intelligent Identification of Hazard-Based Red Zones विषय पर प्रोजेक्ट प्रस्तुत किया। टीम में रितिक कुमार अग्रहरी, नमन शुक्ला, पंकज चौधरी, शुभम यादव और अमन वर्मा शामिल रहे। इसके अतिरिक्त आदित्य गुप्ता ने कम दृश्यता और कोहरे की स्थिति में खनन वाहनों के सुरक्षित एवं कुशल संचालन के लिए Adaptive Fog-Risk & Fleet Coordination System से संबंधित समाधान प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम में Team StackVolt की ओर से विकसित एआई आधारित बिजनेस प्लेटफॉर्म ‘AITELLION’ भी प्रस्तुत किया गया। यह प्लेटफॉर्म सीआरएम, मानव संसाधन, वित्त, इन्वेंटरी और एनालिटिक्स जैसे विभिन्न व्यावसायिक कार्यों को एकीकृत प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराता है। इसकी खासियत अलग-अलग व्यावसायिक मॉड्यूल के लिए विकसित डोमेन-विशिष्ट एआई/एलएलएम मॉडल को एक इंटेलिजेंट यूनिफिकेशन लेयर के माध्यम से जोड़ना है, जिससे आवश्यक बिजनेस संदर्भ, जानकारी और कार्यों को नियंत्रित तरीके से साझा किया जा सके। प्लेटफॉर्म का कार्यशील प्रोटोटाइप तैयार है और इसमें एआई एजेंट, आरएजी तथा एलएलएम ऑर्केस्ट्रेशन जैसी तकनीकों का उपयोग किया गया है। टीम में प्रांजल श्रीवास्तव (सह-संस्थापक एवं सीईओ), अंशिका द्विवेदी (सह-संस्थापक एवं सीपीओ), सिरिन बानो (सीओओ) और हिमांशु प्रजापति (सीटीओ) शामिल हैं। टीम को INNOVAHACK मुंबई स्टार्टअप प्रतियोगिता में ThinkQbate की ओर से 10 लाख रुपये का अनुदान भी प्राप्त हो चुका है।
मुख्य अतिथि प्रो. बीरपाल सिंह ने कहा कि नवाचार तभी सार्थक है, जब वह समाज की वास्तविक समस्या को समझकर उसका व्यावहारिक समाधान प्रस्तुत करे। उन्होंने विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत परियोजनाओं की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों में शोध, नवाचार, तकनीकी सोच और समस्या समाधान की क्षमता को विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कार्यक्रम के कन्वीनर प्रो. मुकेश कुमार शर्मा ने कहा कि सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल विचार प्रस्तुत करने तक सीमित रखना नहीं, बल्कि उनके विचारों को व्यवहारिक समाधान में परिवर्तित करने के लिए मंच उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों ने सामाजिक आवश्यकताओं और तकनीकी संभावनाओं को जोड़ते हुए अनेक उपयोगी अवधारणाएं प्रस्तुत कीं।
ऑर्गेनाइजिंग सेक्रेटरी इंजीनियर प्रवीण कुमार ने कहा कि कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और अपने नवाचारों की प्रस्तुति दी। उन्होंने आयोजन से जुड़े सभी निर्णायकों, शिक्षकों, विद्यार्थियों एवं तकनीकी टीम का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम के सफल संचालन में प्रिंस गुप्ता,रविंद्र मिश्रा , लक्ष्य पांडे, गिरधारी, उत्सव दुबे, ललित भारद्वाज,अनामिका, विवेक, गौरव, स्वाति सहित क्लब से जुड़े सदस्यों ने आयोजन की व्यवस्थाओं को सुचारु बनाने में सहयोग किया।
कार्यक्रम ने विद्यार्थियों को यह अवसर प्रदान किया कि वे अपनी तकनीकी प्रतिभा को समाज की वास्तविक जरूरतों से जोड़ते हुए ऐसे समाधान प्रस्तुत करें, जो भविष्य में सेवा, सुशासन, पर्यावरण संरक्षण, कृषि, शिक्षा और तकनीकी विकास के क्षेत्र में उपयोगी साबित हो सकें।
.jpeg)
.jpeg)


No comments:
Post a Comment