नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ। सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन), मेरठ ने निजी वाहन स्वामियों को बड़ी राहत दी है। अब सीट क्षमता के आधार पर निजी गैर-परिवहन वाहनों (Non-Transport Vehicles) से फिटनेस प्रमाण-पत्र लेने की अनिवार्यता समाप्त कर दी गई है।
परिवहन आयुक्त, उत्तर प्रदेश के कार्यालय के आदेश संख्या-1877/सा0प्र0/2026-67टीआर/2020, दिनांक 15.09.2026 के क्रम में यह निर्णय लिया गया है।
गौरतलब है कि पूर्व में परिवहन आयुक्त कार्यालय के परिपत्र संख्या-1403/सा0प्र0/2005, दिनांक 12.12.2005 के अनुसार निजी वाहन के रूप में पंजीकृत, चालक को छोड़कर 06 सीट से अधिक एवं 09 सीट तक के प्रत्येक वाहन के लिए फिटनेस प्रमाण-पत्र अनिवार्य था। विधिक व्यवस्था के पुनर्विलोकन के बाद 12.12.2005 के उक्त परिपत्र को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया गया है।
अब क्या व्यवस्था रहेगी?
निरस्तीकरण के बाद अब केवल सीट क्षमता (6 से 9 सीट) के आधार पर निजी गैर-परिवहन वाहनों से फिटनेस प्रमाण-पत्र की मांग नहीं की जाएगी। हालांकि, मोटर यान अधिनियम, 1988, केन्द्रीय मोटर यान नियमावली, 1989 तथा अन्य प्रचलित विधिक प्रावधानों के तहत लागू सभी दायित्व और सुरक्षा संबंधी नियम यथावत लागू रहेंगे। प्रदेश के सभी पंजीयन प्राधिकारियों को इस संबंध में निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
परिवहन विभाग ने वाहन स्वामियों से अपील की है कि वे अपने वाहनों के पंजीयन, कर, बीमा, प्रदूषण प्रमाण-पत्र (PUC) एवं अन्य सुरक्षा संबंधी वैधानिक आवश्यकताओं का नियमानुसार पालन सुनिश्चित करें। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है।
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