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Friday, September 25, 2026

GSTAT दिवस पर ई-जर्नल का लोकार्पण, अपीलीय व्यवस्था के विभिन्न पहलुओं पर मंथन

 नित्य संदेश ब्यूरो

नई दिल्ली। वस्तु एवं सेवा कर अपीलीय न्यायाधिकरण (GSTAT) दिवस गुरुवार को वर्चुअल वेब कॉन्फ्रेंस के माध्यम से सादगीपूर्ण ढंग से मनाया गया। कार्यक्रम में GSTAT के अध्यक्ष न्यायमूर्ति डॉ. संजय कुमार मिश्रा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। देशभर की विभिन्न पीठों से न्यायिक एवं तकनीकी सदस्यों ने ऑनलाइन भागीदारी की।


कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण GSTAT के ई-जर्नल "आईएलआर GSTAT" (ILR GSTAT) के प्रथम अंक का लोकार्पण रहा। इस अवसर पर जीएसटी अपीलीय न्यायशास्त्र एवं प्रक्रियाओं से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर तकनीकी सत्र आयोजित किए गए। विशेषज्ञों ने स्क्रूटनी के दौरान अपनाई जाने वाली सावधानियों, प्रधान पीठ एवं राज्य पीठों के अधिकार क्षेत्र, सीजीएसटी अधिनियम की धारा 73 एवं 74 के तहत कर, ब्याज एवं जुर्माने के निर्धारण, प्राकृतिक न्याय एवं निष्पक्ष सुनवाई के सिद्धांतों, GSTAT (प्रक्रिया) नियम, 2025 तथा CESTAT से GSTAT तक अपीलीय व्यवस्था के विकास जैसे विषयों पर विचार साझा किए।


कार्यक्रम का शुभारंभ तकनीकी सदस्य (केंद्र) अनिल कुमार गुप्ता के स्वागत भाषण से हुआ। इसके बाद न्यायिक सदस्य न्यायमूर्ति मयंक कुमार जैन ने मुख्य वक्तव्य दिया। विभिन्न तकनीकी एवं न्यायिक सदस्यों ने निर्धारित विषयों पर अपने विचार प्रस्तुत किए। समापन संबोधन में GSTAT के अध्यक्ष न्यायमूर्ति डॉ. संजय कुमार मिश्रा ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की प्रेरणादायी पंक्तियां उद्धृत करते हुए संस्थान के सदस्यों से चुनौतियों का सामना करते हुए सामूहिक रूप से आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि न्यायिक व्यवस्था को और अधिक प्रभावी एवं पारदर्शी बनाने के लिए सभी हितधारकों को मिलकर कार्य करना होगा।


कार्यक्रम का संयोजन GSTAT दिल्ली राज्य पीठ के उपाध्यक्ष संजय कुमार अग्रवाल ने किया, जबकि संचालन दिल्ली राज्य पीठ के तकनीकी सदस्य (राज्य) संजीव जैन ने किया। अंत में दिल्ली पीठ के उपाध्यक्ष द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।

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