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Tuesday, September 8, 2026

छात्र-छात्राओं की बढ़ती संख्या के अनुरूप छात्रावास सुविधाओं का होगा विस्तार

 

कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला ने छात्रावासों की क्षमता बढ़ाने एवं सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण के दिए निर्देश


नित्य संदेश ब्यूरो

मेरठ। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय में पिछले पांच वर्षों में विभिन्न नवीन एवं रोजगारपरक पाठ्यक्रमों के प्रारंभ होने से विश्वविद्यालय परिसर में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। विद्यार्थियों की बढ़ती संख्या के साथ उनकी शैक्षणिक एवं आवासीय सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन लगातार प्रयासरत है।


इसी क्रम में छात्र-छात्राओं की बढ़ती मांग एवं छात्रावासों में उपलब्ध सीमित क्षमता को देखते हुए माननीय कुलपति प्रोफेसर संगीता शुक्ला की अध्यक्षता में छात्रावासों के विस्तार एवं उनमें उपलब्ध सुविधाओं को और बेहतर किए जाने के संबंध में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में विश्वविद्यालय में अध्ययनरत विद्यार्थियों को पर्याप्त एवं बेहतर आवासीय सुविधा उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न प्रस्तावों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। विवि परिसर में छात्राओं के लिए पीएम उषा निधि के अंतर्गत 200 बेड के छात्रावास का निर्माण कार्य प्रगति पर है। कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला ने संबंधित निर्माण एजेंसी को निर्देशित किया कि छात्रावास का निर्माण कार्य अगले शैक्षणिक सत्र से पूर्व हर स्थिति में पूर्ण किया जाए, ताकि छात्राओं को शीघ्र इसका लाभ मिल सके।


छात्राओं की बढ़ती संख्या एवं आवासीय आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए मौजूदा छात्रावासों में डोरमेट्री के निर्माण की संभावनाओं पर भी बैठक में विचार किया गया। डोरमेट्री की सुविधा विकसित होने से अधिक संख्या में छात्राओं को सुरक्षित एवं सुविधाजनक आवासीय व्यवस्था उपलब्ध कराई जा सकेगी तथा छात्रावास में आवास की समस्या को काफी हद तक दूर करने में मदद मिलेगी। इसी प्रकार, विश्वविद्यालय परिसर में छात्रों के लिए निर्मित छात्रावास का निर्माण कार्य हाल ही में पूर्ण हुआ है, जिसमें वर्तमान में विश्वविद्यालय परिसर में अध्ययनरत छात्र निवास कर रहे हैं। विद्यार्थियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए बैठक में छात्रावासों की वर्तमान क्षमता को और बढ़ाने तथा उपलब्ध संसाधनों के अधिकतम उपयोग पर भी गंभीरता से विचार किया गया।


बैठक में यह भी प्रस्तावित किया गया कि छात्र-छात्राओं की बढ़ती संख्या के अनुरूप वर्तमान छात्रावासों का एक्सटेंशन किया जाए। इसके साथ ही बीटेक भवन के समीप छात्रों के लिए एक नए छात्रावास के निर्माण की संभावनाओं पर भी विचार किया गया, जिससे तकनीकी एवं अन्य पाठ्यक्रमों में अध्ययनरत छात्रों को परिसर में ही बेहतर आवासीय सुविधा उपलब्ध कराई जा सके। छात्रावासों में विद्यार्थियों को होने वाली ट्रिपलिंग की समस्या को दूर करने के संबंध में भी महत्वपूर्ण चर्चा हुई। इस दिशा में यह विचार किया गया कि जहां ट्रिपलिंग आवश्यक हो, वहां छात्रों की सहमति एवं उनकी सुविधा को प्राथमिकता देते हुए ही व्यवस्था की जाए। विश्वविद्यालय प्रशासन का उद्देश्य विद्यार्थियों को बेहतर, सुरक्षित एवं सुविधाजनक आवासीय वातावरण उपलब्ध कराना है। वहीं छात्राओं के छात्रावासों को अधिक सुविधाजनक एवं आधुनिक बनाने के लिए कमरों तथा उनके बाहर के हिस्सों के रिनोवेशन के साथ-साथ आवश्यकतानुसार बालकनी निर्माण की संभावनाओं पर भी विचार किया गया। इससे छात्राओं को बेहतर आवासीय वातावरण के साथ अतिरिक्त सुविधा एवं सुरक्षा का अनुभव होगा।


कुलपति प्रोफेसर संगीता शुक्ला ने स्पष्ट किया कि विश्वविद्यालय प्रशासन विद्यार्थियों की समस्याओं के प्रति पूरी तरह संवेदनशील और प्रतिबद्ध है। विद्यार्थियों की आवश्यकताओं एवं मांगों को प्राथमिकता के आधार पर संज्ञान में लेकर उनके समाधान की दिशा में तत्काल प्रभाव से आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। विश्वविद्यालय का प्रयास है कि बढ़ती छात्र संख्या के अनुरूप शैक्षणिक सुविधाओं के साथ-साथ आवासीय, आधारभूत एवं छात्रहित से जुड़ी सभी सुविधाओं का भी निरंतर विस्तार किया जाए।


उन्होंने कहा कि विद्यार्थी विश्वविद्यालय की प्राथमिकता हैं और उनकी सुविधा, सुरक्षा एवं बेहतर शैक्षणिक वातावरण सुनिश्चित करना विश्वविद्यालय प्रशासन की सर्वोच्च जिम्मेदारी है। इसी सोच के साथ विश्वविद्यालय में छात्रावासों की क्षमता बढ़ाने, नए छात्रावासों के निर्माण, डोरमेट्री विकसित करने तथा मौजूदा छात्रावासों के आधुनिकीकरण की दिशा में चरणबद्ध तरीके से कार्य किया जा रहा है।


विश्वविद्यालय प्रशासन का स्पष्ट प्रयास है कि किसी भी विद्यार्थी को आवासीय सुविधा के अभाव में असुविधा का सामना न करना पड़े। छात्र-छात्राओं की समस्याओं और उनकी मांगों को गंभीरता से लेते हुए उनके त्वरित एवं व्यावहारिक समाधान के लिए आवश्यक निर्णय लिए जा रहे हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन विद्यार्थियों के हितों के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है और आने वाले समय में छात्रावासों की क्षमता एवं सुविधाओं में और अधिक विस्तार किया जाएगा।


विश्वविद्यालय प्रशासन ने विश्वास व्यक्त किया कि इन प्रयासों के परिणामस्वरूप आने वाले समय में परिसर में अध्ययनरत अधिक से अधिक छात्र-छात्राओं को सुरक्षित, सुविधाजनक एवं बेहतर आवासीय सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी तथा उन्हें छात्रावास के लिए होने वाली असुविधा से राहत मिलेगी।

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