साजिद कुरैशी
नित्य संदेश, सरधना। नगर के कालंद चुंगी के निकट मोहल्ला किला स्थित साबरी मस्जिद के पीछे रहने वाले परिवार में गणेश चतुर्थी के दौरान एक महिला की मौत से मातम पसरा है।
मृतका के परिजनों ने आरोप लगाया है कि तेज आवाज में बज रहे डीजे के कारण उनकी तबीयत बिगड़ी और उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। मृतका मोहल्ला किला निवासी शाहवेज की पत्नी यासमीन गर्भवती थीं। परिजनों के मुताबिक आपात स्थिति में उन्हें सरधना बस स्टैंड के पास कमलेश राणा के यहां ले जाया गया, जहां ऑपरेशन के बाद बच्चे का जन्म हुआ। नवजात बच्चा सुरक्षित है।
शादी को सिर्फ 1 वर्ष हुआ था...
परिवार का कहना है कि नवजात बच्चे के सिर से जन्म के कुछ ही समय बाद मां का साया उठ गया!
परिजनों की मांग -
• पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए।
• ध्वनि मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाए।
• डीजे बजाने वालों पर कार्रवाई हो, ताकि भविष्य में किसी अन्य परिवार को ऐसी पीड़ा न झेलनी पड़े।
चिकित्सकीय पुष्टि अभी बाकी -
हालांकि तेज डीजे की आवाज और यासमीन की मौत के बीच चिकित्सकीय संबंध की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
डीजे / लाउडस्पीकर के नियम
1. समय का नियम - ध्वनि प्रदूषण नियम 2000 के अनुसार
• रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक लाउडस्पीकर और डीजे बजाने पर पूर्ण प्रतिबंध है।
• राज्य सरकारें साल में सिर्फ 15 दिन धार्मिक / सांस्कृतिक अवसर पर रात 10 से 12 बजे तक की छूट दे सकती हैं, उसके लिए भी पहले से लिखित अनुमति लेना जरूरी है।
2. आवाज की सीमा (Decibel Limit)
कानून में एरिया के हिसाब से सीमा तय है, जिसे साउंड लेवल मीटर से मापा जाता है:
• साइलेंस जोन (अस्पताल, स्कूल, कोर्ट के 100 मीटर दायरा): दिन में 50 dB / रात में 40 dB
• आवासीय क्षेत्र: दिन में 55 dB / रात में 45 dB
• कमर्शियल क्षेत्र: दिन में 65 dB / रात में 55 dB
• औद्योगिक क्षेत्र: दिन में 75 dB / रात में 70 dB
3. उत्तर प्रदेश में DJ के लिए विशेष नियम (कांवड़ यात्रा / त्योहार गाइडलाइन)
• DJ की अधिकतम ऊंचाई 10 फीट, चौड़ाई 12 फीट से ज्यादा नहीं होनी चाहिए।
• ध्वनि स्तर 75 डेसिबल से अधिक नहीं होना चाहिए।
• बिना स्थानीय प्रशासन / थाना पुलिस से लिखित अनुमति के DJ नहीं बज सकता।
• अश्लील / भड़काऊ / जातिवादी गाने बजाने पर DJ सीज और FIR।
4. सजा क्या है?
• पर्यावरण संरक्षण अधिनियम की धारा 15 - 5 साल तक जेल या 1 लाख तक जुर्माना
• भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 292 (पहले 188 IPC) के तहत अवज्ञा पर कार्रवाई
• हाईकोर्ट ने कई जिलों में कहा है - "DJ की आवाज अप्रिय और हानिकारक स्तर की होती है, इसलिए अनुमति न दी जाए"
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