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Thursday, September 3, 2026

पति की मौत को पत्नी ने बताया हत्या की साजिश, निष्पक्ष जांच के लिए SSP को दिया प्रार्थना पत्र

 


नित्य संदेश ब्यूरो

मेरठ। थाना टीपी नगर क्षेत्र के मलियाना निवासी मनीषा उत्तम पत्नी स्व. सोनू सिंह ने अपने पति की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र देकर निष्पक्ष जांच और कानूनी कार्रवाई की मांग की है। दिए गए प्रार्थना पत्र में मनीषा ने पति की मौत को साजिश और सोची-समझी योजना के तहत हत्या करार दिया है। उन्होंने इलाज में लापरवाही बरतने, गंभीर हालत और मृत्यु की जानकारी छिपाने, उनकी गैरमौजूदगी में अंतिम संस्कार करने तथा संपत्ति में पत्नी और बच्चे के अधिकारों को खत्म करने का प्रयास करने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं।


शादी 2022 में हुई थी, एक साल का बेटा है
जानकारी के अनुसार सोनू सिंह पुत्र जसवंत सिंह की शादी मनीषा से 7 मार्च 2022 को हुई थी। दंपति का करीब एक वर्ष का बेटा है। सोनू सिंह सहारनपुर जिले के थाना फतेहपुर में हेड कांस्टेबल के पद पर तैनात थे, जबकि मनीषा मिजोरम के एक स्कूल में अध्यापिका के पद पर कार्यरत हैं।


15 करोड़ के जमीन सौदे को लेकर विवाद का आरोप
प्रार्थना पत्र में पुश्तैनी कृषि भूमि को लेकर विवाद का भी उल्लेख है। बताया गया है कि परिवार की कृषि भूमि में जसवंत सिंह का नाम विरासत के आधार पर सहखातेदार के रूप में दर्ज है। इस जमीन का सौदा पारसनाथ स्टेट डेवलपर्स के साथ करीब 15 करोड़ रुपये में होने तथा 8 अगस्त 2025 को एग्रीमेंट निष्पादित होने की बात कही गई है, जिसमें बिक्री कीमत 7 करोड़ रुपये दर्शाई गई है।


आरोप है कि जमीन में अपने हिस्से की धनराशि मांगने पर सोनू सिंह का पिता और भाइयों से विवाद हुआ, जिसमें गाली-गलौच और मारपीट भी हुई। इस मामले में जसवंत सिंह, देवेंद्र सिंह और मनोज कुमार के नाम सामने आए हैं। प्रार्थना पत्र के अनुसार इस घटना के बाद सोनू सिंह ने फोन पर अपनी पत्नी को पूरी जानकारी दी थी और परिवार पर अविश्वास जताते हुए अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता व्यक्त की थी।


इलाज और मौत का घटनाक्रम
प्रार्थना पत्र के अनुसार 6 अगस्त 2026 को तबीयत बिगड़ने पर सोनू सिंह के बड़े भाई देवेंद्र कुमार उन्हें दिल्ली के राजधानी हॉस्पिटल, कोंडली में भर्ती कराया। करीब दो दिन बाद अस्पताल से डिस्चार्ज करने पर भी सवाल उठाए गए हैं। इसके बाद 11 अगस्त 2026 को दिल्ली में डॉ. अंकुर जिंदल को OPD में दिखाया गया। बताया गया है कि हालत अत्यंत नाजुक होने पर 12 अगस्त की रात 8:05 बजे उन्हें KMC हॉस्पिटल, मेरठ में भर्ती कराया गया, जहां 13 अगस्त शाम 4:20 बजे उनकी मृत्यु हो गई।


मनीषा का आरोप है कि पति की गंभीर हालत और मृत्यु की सूचना उन्हें समय पर नहीं दी गई और उनकी गैरमौजूदगी में ही अंतिम संस्कार कर दिया गया। मृत्यु की जानकारी उन्हें अपनी मां के माध्यम से मिली। मेरठ पहुंचने पर जानकारी मांगने पर ससुराल पक्ष द्वारा गाली-गलौच, मारपीट कर घर से बाहर निकालने का आरोप भी लगाया गया है, जिसकी सूचना 112 नंबर पर पुलिस को दी गई।


सामान और संपत्ति को लेकर भी आरोप
मनीषा ने अपने और पति के सामान की वापसी की मांग भी की है। बताया गया है कि पुलिस की मदद से कुछ सामान वापस मिला है, जबकि शेष सामान अभी भी ससुराल पक्ष के कब्जे में है। वहीं, पति के हिस्से वाले मकान को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं। प्रार्थना पत्र में कहा गया है कि 24 अगस्त 2026 को जसवंत सिंह ने अपने बड़े बेटे मनोज कुमार के नाम दान पत्र निष्पादित कर दिया, जिसे पत्नी और बच्चे के संपत्ति संबंधी अधिकारों को प्रभावित करने वाला कदम बताया गया है। फिलहाल, पीड़िता ने SSP मेरठ से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

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