नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ। अंतरराष्ट्रीय इंटर्नशिप विश्वविद्यालय द्वारा अफ्रीकी परिप्रेक्ष्य में "सतत मानव संसाधन प्रबंधन : वैश्विक विधि एवं भारतीय ज्ञान परंपरा" विषय पर विशेष अंतरराष्ट्रीय व्याख्यान का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के विधि अध्ययन संस्थान के अध्यक्ष एवं एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. विवेक कुमार त्यागी ने विचार रखे। कार्यक्रम का शुभारंभ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. चार्ल्स यूसियूलो इबोरियन ने डॉ. त्यागी के परिचय एवं स्वागत भाषण से किया। व्याख्यान में अफ्रीकी महाद्वीप सहित विश्व के कई देशों के विद्यार्थियों, शोधार्थियों एवं एचआर पेशेवरों ने भाग लिया। डॉ. त्यागी ने कहा कि अफ्रीकी देशों में अनौपचारिक क्षेत्र में बड़ी श्रम शक्ति, युवा बेरोजगारी, श्रम कानूनों के कमजोर क्रियान्वयन, कौशल विकास की कमी और ब्रेन ड्रेन जैसी गंभीर चुनौतियाँ हैं।
उन्होंने समाधान के लिए दो पूरक स्रोत बताए -
- वैश्विक विधिक ढांचे - ILO अभिसमय, UN Guiding Principles on Business and Human Rights, UN Global Compact, SDGs और EU के CSRD जैसे मानक।
- भारतीय ज्ञान परंपरा (IKS) - कौटिल्य के अर्थशास्त्र में श्रमिक कल्याण, गांधी जी का न्यासिता सिद्धांत और 'सर्वे भवन्तु सुखिनः' की वैदिक अवधारणा।
डॉ. त्यागी ने कहा, "वैश्विक कानून न्यूनतम मानक देता है, पर भारतीय ज्ञान परंपरा सिखाती है कि कर्मचारी केवल संसाधन नहीं, बल्कि न्यास का हिस्सा है।" आयोजकों ने इसे दक्षिण-दक्षिण सहयोग (South-South Cooperation) को मजबूत करने वाला प्रयास बताया और डॉ. त्यागी का आभार व्यक्त किया।

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