• डिजिटल दुनिया ने परिवार तोड़े पर विश्व को जोड़ा
नवीन मौर्य
नित्य संदेश, इंदौर। अभ्यास मण्डल द्वारा अपने 68वें स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में अन्तर विद्यालयीन वाद-विवाद प्रतियोगिता डिजिटल दुनिया से ही मानवीय संवेदनाएं कम हो रही है, विषय पर वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन देवी अहिल्या शिशु विहार विद्यालय छत्रीबाग में रखा जिसमें 40 विद्यार्थियों ने तर्कपूर्ण अपने विचार रखे विषय के पक्ष में बोले गए वक्तव्यों का सारांश, डिजिटल दुनिया ने इंसान को एक कमरे में बन्द कर दिया। मानसिक व भावनात्मक कमजोर बना दिया। डिजिटल के आँखें नहीं होती। संवेदना के अश्रु वहाँ नहीं होते। तकनीक से फायदे तो हुये पर मानवीय दूरियाँ बढ़ गई। परिवार डिजिटल में समा गए। मैं तुम्हारे साथ हूँ कहने वाला नहीं रहा .... मानव सेवा, संस्कार राष्ट्र-प्रेम डिटिजल से नहीं सीखी जा सकती। पेपरलीक होना, छात्रों का निराश होना, जानलेवा खेल, साइबर अपराध इसी क्षेत्र में हिस्से है, यहाँ मानवता नहीं है। विपक्ष के कुछ सारांश... सोच हमारी दृष्टि का, हमारी जीवन शैली का है, डिजिटल से फायदे है, ये व्यवस्था दुश्मन नहीं है, हमें उपयोग कितना किस सन्दर्भ करना चाहिए ये भी विचारणीय है। बाढ़, तूफान, भूकम्प, इजराइल, युद्ध आदि के समय यहीं व्यवस्था थी, जिससे दुनिया जुड़ी हुयी थी। हम जिससे लाभ उठा रहे है, उसी की बुराई का मतलब, जिस थाली में खा रहे उसी में छेद करना है। संवेदनाएं दिल में होती है। मशीन में नहीं ये भी याद रखना चाहिए।
आरम्भ में दीप प्रज्जवलन पश्चात स्कूल अतिथि ट्रस्टी हंसराज जैन, शम्भु कुमार नेमा, चन्द्रप्रकाश गंगवाल, भानु कुमार जैन, सुभाष गंगवाल का स्वागत, हरेराम वाजपेयी, वैशाली खरे, शफी शेख, प्रणीता दीक्षित, मुरली खण्डेलवाल, अजेश सिंह तोमर ने किया।
निर्णायक की भूमिका में संदीप पारे, विशम्भर तिवारी व कुणाल भंवर थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्या सुश्री अर्पणा व्यास ने की। संचालन मयंक शर्मा ने किया। सचिव डॉ माला सिंह ठाकुर ने संस्था की गतिविधियों व कार्यक्रम के बारे में बताया। प्रतियोगिता के परिणाम इस प्रकार से है।
पक्षः-
प्रथम - अदिति अग्रवाल, विंध्याजली इंटरनेशनल
द्वितीय - मुद्रिका दुबे, एडवांस एकेडमी
तृतीय - रजत रघुवंशी, पिंक फ्लावर स्कूल
विपक्ष:-
प्रथम - कु. श्रीजी पंडित, रविशंकर विद्या मंदिर
द्वितीय - कनिष्का शर्मा - पिंक फ्लावर स्कूल
तृतीय - वैष्णवी सोलंकी, वैष्णव कन्या विद्यालय।
अंत में आभार एन.के. उपाध्याय ने व्यक्त किया। कार्यक्रम में श्याम पाण्डे, मनीष भालेराव, बाबूलाल अग्रवाल, आदि एवं विद्यालयों के गुरुजन उपस्थित थे। पुरस्कार 12 सितम्बर को स्थापना दिवस के मुख्य कार्यक्रम में दिया जायेगा।

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