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Wednesday, September 23, 2026

विषुव पर छात्रों ने छड़ से मापी पृथ्वी की परिधि, ग्लोबल एराटोस्थनीज प्रयोग में लिया हिस्सा



नित्य संदेश ब्यूरो

खरखौदा। शरद विषुव के ऐतिहासिक खगोलीय अवसर पर मेजर आशा राम इंटर कॉलेज, पंछी (खरखौदा) के विद्यार्थियों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर के ग्लोबल एराटोस्थनीज प्रयोग में भाग लेकर पृथ्वी की परिधि मापी। यह अंतरराष्ट्रीय खगोलीय एवं शैक्षणिक अभियान है, जिसमें विषुव के अवसर पर दुनिया के 50 से अधिक देशों के हजारों छात्र, विद्यालय और खगोलप्रेमी एक साथ हिस्सा लेते हैं। विद्यालय में यह गतिविधि प्रधानाचार्य नरेश के मार्गदर्शन में विज्ञान शिक्षक दीपक शर्मा के निर्देशन में आयोजित हुई।


2200 साल पुरानी पद्धति से की गणना

विद्यार्थियों ने प्राचीन यूनानी वैज्ञानिक एराटोस्थनीज की उसी ऐतिहासिक पद्धति को अपनाया, जिसके द्वारा उन्होंने आज से लगभग 2200 वर्ष पूर्व पृथ्वी की परिधि का अनुमान लगाया था। विद्यालय की भौगोलिक स्थिति 28.82 डिग्री उत्तर अक्षांश और 77.74 डिग्री पूर्व देशांतर है, इसी मान को गणना में उपयोग किया गया।

छात्रों ने एक सीधी छड़ को समतल भूमि पर लंबवत गाड़ा और स्थानीय दोपहर में जब सूर्य अपनी सर्वोच्च स्थिति पर था, छड़ की परछाई की लंबाई और कोण को मापा। विषुव के दिन सूर्य भूमध्य रेखा के ठीक ऊपर होता है, इसलिए वहां परछाई नहीं बनती, जबकि अन्य अक्षांशों पर परछाई का कोण वहां के अक्षांश के लगभग बराबर होता है। इसी सिद्धांत पर गणना की गई।

वैश्विक स्तर पर यूरोपीय संघ की ओपन डिस्कवरी स्पेस और एलिनोगर्मनिकी एगोगी (EA) जैसी संस्थाएं इस प्रयोग के डेटा-शेयरिंग का समन्वय करती हैं, जिसमें विभिन्न देशों के विद्यालय परछाई के कोण संबंधी डेटा साझा कर पृथ्वी की परिधि का सटीक आकलन करते हैं।


बालिकाओं की टीम रही प्रथम

इस प्रयोग में बालिकाओं की टीम ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। टीम ने छड़ की लंबाई 94 सेमी तथा परछाई की लंबाई 50 सेमी मापी, जिससे परछाई का कोण 28.01 डिग्री प्राप्त हुआ। विजेता टीम में वैशाली, करिश्मा, विधि, प्राची एवं अनुराधा शामिल रहीं।

प्रधानाचार्य नरेश ने कहा कि इस प्रकार के अंतरराष्ट्रीय स्तर के व्यावहारिक प्रयोग विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करते हैं और उन्हें वैश्विक वैज्ञानिक समुदाय से जोड़ते हैं। शिक्षक दीपक शर्मा ने प्रयोग की वैज्ञानिक पृष्ठभूमि और गणना विधि के बारे में विस्तार से समझाया।

इस अवसर पर शिक्षक जितेन्द्र कुमार, योगेश कुमार, वीरेन्द्र कुमार यादव, रविन्द्र कुमार, बीरेन्द्र कुमार त्यागी, पुष्पा यादव एवं आरती त्यागी भी मौजूद रहे।

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