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Wednesday, September 9, 2026

ज्ञान-सृजन, सामाजिक समस्याओं के समाधान एवं अकादमिक उत्कृष्टता का माध्यम बनाने पर बल दिया

 


नित्य संदेश ब्यूरो

मेरठ। महाविद्यालय में प्राचार्या प्रो. अंजू सिंह की अध्यक्षता एवं डा. गीता  चौधरी प्रभारी ,शोध एवं विकास समिति के नेतृत्व में “Building a Vibrant Research Culture” विषय पर एक महत्वपूर्ण बैठक एवं कार्यशाला आयोजन किया गया।  कार्यशाला में शोधार्थियों की नियमित उपस्थिति, सक्रिय सहभागिता, शोध की गुणवत्ता तथा नवाचारपरक एवं सामाजिक सरोकारों से जुड़े शोध को बढ़ावा देने पर विस्तार से चर्चा की गई। वक्ताओं ने शोध को केवल डिग्री अथवा प्रकाशन तक सीमित न रखते हुए ज्ञान-सृजन, सामाजिक समस्याओं के समाधान एवं अकादमिक उत्कृष्टता का माध्यम बनाने पर बल दिया।


प्राचार्या प्रो. अंजू सिंह ने अपने प्रेरणादायक संदेश में कहा कि महाविद्यालय में ऐसी शोध संस्कृति विकसित की जानी चाहिए, जहाँ प्रत्येक शिक्षक एवं शोधार्थी जिज्ञासा, नवाचार और सृजनात्मक सोच के साथ शोध कार्य करे। उन्होंने गुणवत्तापूर्ण शोध, टीमवर्क एवं शोधार्थियों के निरंतर मार्गदर्शन को संस्थान की अकादमिक प्रगति के लिए आवश्यक बताया। डॉ. गीता चौधरी, प्रभारी, शोध एवं विकास समिति ने कहा कि एक जीवंत शोध संस्कृति केवल व्यक्तिगत उपलब्धियों से नहीं, बल्कि साझा प्रयास, नियमित संवाद, सहयोग एवं शोध के परिणामों को समाज से जोड़ने से निर्मित होती है। उन्होंने शोध निदेशकों को शोधार्थियों को सक्रिय रखने , नियमित रूप से उनके शोध-कार्य की प्रगति अवलोकन करने तथा गुणवत्तापूर्ण शोध के प्रति प्रतिबद्ध रहने के लिए प्रेरित किया।


कार्यक्रम में प्रो. राधेश्याम सिंह, प्रो. भारती दीक्षित,  प्रो. लता कुमार, प्रो. मंजू रानी, प्रो. अनुजा गर्ग, प्रो० सुधा रानी सिंह, डॉ. रतन सिंह, डा० सतीश चंद, डॉ. अरविंद कुमार , डॉ. गौरी और डा० दीपा गुप्ता सहित अन्य शिक्षकों ने सक्रिय सहभागिता करते हुए महत्वपूर्ण एवं उपयोगी सुझाव प्रस्तुत किए। इस अवसर पर महाविद्यालय के समस्त शोध निदेशक, प्रो० सत्यपाल सिंह राणा, प्रो० स्वर्ण लता कदम, डा ० राधा रानी, डा० भावना सिंह, डा० मंजू रानी, डा० शालिनी वर्मा, डा ० आशीष पाठक, डा० नीता सक्सेना, डा० प्रतिभा रानी, डा० नेहा , डा० रूबी इत्यादि उपस्थित रहे ।


कार्यक्रम को सफल संचालन प्रो० आर० सी० सिंह, सह प्रभारी, शोध एवं विकास समिति के द्वार किया गया। इस आयोजन में शोध एवं विकास समिति के  सदस्य प्रो० अमित कुमार, डॉ. आवेश कुमार एवं डॉ. गौरी का महत्वपूर्ण योगदान रहा। कार्यक्रम का समापन महाविद्यालय में एक सशक्त, सक्रिय, सहयोगात्मक एवं गुणवत्तापूर्ण शोध संस्कृति विकसित करने के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ।

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