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Monday, September 14, 2026

स्कूलों में चमकेंगे पढ़ाई से मैदान तक के सितारे



परिषदीय विद्यालयों में 15 फरवरी से 15 मार्च 2027 तक आयोजित होंगे वार्षिकोत्सव


नित्य संदेश ब्यूरो

मेरठ। योगी सरकार में परिषदीय विद्यालयों को बेहतर शिक्षा के साथ बच्चों की प्रतिभाओं को निखारने और उन्हें प्रोत्साहन देने पर भी जोर दिया जा रहा है। इसी कड़ी में अब सरकारी स्कूलों में पढ़ाई, खेल, सांस्कृतिक गतिविधियों और नियमित उपस्थिति में बेहतर प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को वार्षिकोत्सव में सम्मानित किया जाएगा। इससे बच्चों में प्रतिस्पर्धा की भावना बढ़ाने के साथ उनकी उपलब्धियों को विद्यालय स्तर पर पहचान मिलेगी। बेसिक शिक्षा विभाग ने सत्र 2026-27 के लिए वार्षिकोत्सव की रूपरेखा और बजट तय कर दिया है। इसके लिए  15 फरवरी से 15 मार्च 2027 के बीच परिषदीय विद्यालयों में आयोजन किए जाएंगे।


राज्य परियोजना निदेशक मोनिका रानी की ओर से जारी निर्देशों के मुताबिक प्रत्येक कक्षा से पिछली परीक्षा में सर्वाधिक अंक पाने वाले एक छात्र और एक छात्रा का चयन किया जाएगा। पीएमश्री विद्यालयों को फिलहाल इस व्यवस्था से अलग रखा गया है। योजना के तहत पूरे विद्यालय में सबसे अधिक उपस्थिति वाले विद्यार्थी को भी पुरस्कार मिलेगा। खेल, सांस्कृतिक कार्यक्रम और अन्य गतिविधियों में उल्लेखनीय प्रदर्शन करने वाले एक विद्यार्थी को भी सम्मानित किया जाएगा। बच्चों की सफलता में योगदान देने वाले अभिभावकों को शॉल, मोमेंटो या पौधा देकर सम्मानित किया जा सकेगा। ग्राम पंचायत के जनप्रतिनिधियों, एसएमसी सदस्यों और अभिभावकों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए उन्हें कम से कम दो दिन पहले निमंत्रण देना होगा। शिक्षक व्यक्तिगत संपर्क के साथ बच्चों से तैयार कराए गए हस्तनिर्मित निमंत्रण कार्ड भी भेजेंगे। आयोजन की गुणवत्ता पर नजर रखने के लिए डायट प्राचार्य और बीएसए कम से कम चार-चार, बीईओ पांच तथा एसआरजी और एआरपी कम से कम तीन विद्यालयों का औचक निरीक्षण करेंगे। समारोह के बाद प्रधानाध्यापकों को जियो-टैग तस्वीरें प्रेरणा पोर्टल के एसएमसी मॉड्यूल पर अपलोड करनी होंगी।


पांच हजार रुपये में होगा आयोजन, पुरस्कार में मिलेंगी उपयोगी सामग्री

प्रत्येक विद्यालय को समारोह के लिए पांच हजार रुपये का बजट मिलेगा। इसमें आगंतुकों के बैठने, लाउडस्पीकर आदि की व्यवस्था पर अधिकतम 1500 रुपये, अभिभावकों के जलपान पर 1500 रुपये और पुरस्कार सामग्री पर दो हजार रुपये खर्च किए जा सकेंगे। पुरस्कार में लंच बाक्स, पानी की बोतल, ट्राफी, ड्राइंग नोटबुक, कंपास, वाटर कलर, स्टेशनरी और कहानी अथवा महान विभूतियों के जीवन से जुड़ी प्रेरक पुस्तकें दी जा सकेंगी।

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