नवीन मौर्य
नित्य संदेश, इंदौर। मूसाखेड़ी ओवरब्रिज निर्माण के चलते मूसाखेड़ी चौराहे एवं आसपास के क्षेत्र में आने वाले मंदिरों के विस्थापन को लेकर विश्व हिंदू परिषद एवं बजरंग दल ने कड़ा विरोध दर्ज कराया। संगठन ने स्पष्ट कहा कि विकास कार्यों के साथ जन-आस्था और धार्मिक भावनाओं का सम्मान भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
विहिप बजरंग दल के विभाग मंत्री यज्ञेश राठी को मंदिरों को हटाए जाने की जानकारी मिलने के बाद संगठन के कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे। कार्यकर्ताओं के अनुसार, मंदिर की मूर्तियों को नाले के समीप बने चबूतरे पर स्थापित किए जाने की जानकारी सामने आने पर स्थानीय रहवासियों और हिंदू समाज में नाराजगी फैल गई।
विहिप बजरंग दल प्रचार प्रमुख अन्नु गेहलोत सहित कार्यकर्ताओं ने मौके पर पहुंचकर प्रशासन के समक्ष विरोध दर्ज कराया।
संगठन ने मांग रखी कि मंदिरों के विस्थापन से पहले स्थानीय मंदिर समिति एवं श्रद्धालुओं से संवाद किया जाए तथा आवश्यक होने पर धार्मिक विधि-विधान के साथ किसी पवित्र एवं उपयुक्त स्थान का चयन किया जाए। विरोध के बाद प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों ने विहिप-बजरंग दल के अधिकारियों और स्थानीय रहवासियों से चर्चा की। चर्चा के पश्चात जनभावनाओं का सम्मान करते हुए मंदिर को पास ही उपयुक्त एवं पवित्र स्थान पर विधिवत विस्थापित करने पर सहमति बनी।
इस अवसर पर प्रवीण दरेकर, लकी रघुवंशी, अन्नु गेहलोत, विवेक शर्मा, कौशल ठाकुर, रघु गुर्जर, कपिल भीलवारे, आशीष गोस्वामी सहित बड़ी संख्या में बजरंग दल कार्यकर्ता एवं हिंदू समाजजन उपस्थित रहे।



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