नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ। शहीद मंगल पांडे राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय माधवपुरम में सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आंतरिक परिवाद निवारण समिति के तत्वावधान में एक विधिक जागरूकता कार्यशाला विषय "दहेज व्यवस्था के कानूनी पक्ष" का आयोजन महाविद्यालय प्राचार्य प्रो डॉ अंजू सिंह के संरक्षण तथा आंतरिक परिवाद समिति की प्रभारी प्रो लता कुमार के निर्देशन में किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता और परामर्शदाता के रूप में महिला अधिवक्ता सुश्री उर्वशी सिंह, विशिष्टवक्ता श्री आशुतोष यादव एस आई थाना ब्रह्मपुरी, मिशन शक्ति प्रभारी ब्रह्मपुरी थाना एसआई सुश्री नीलम कुन्तल उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ प्राचार्य प्रो अंजू सिंह की अध्यक्षता में माँ शारदे को माल्यार्पण कर किया गया। प्राचार्य महोदया ने अपने उद्बोधन में कहा कि दहेज प्रथा एक ज्वलंत मुद्दा है और आज के समय में छात्राओं को इसके बारे में जागरूक होना चाहिए। प्राचार्य महोदया ने कार्यक्रम आयोजक प्रोफेसर लता कुमार को शुभकामनाएँ दीं एवं इस पहल की सराहना की। एस एच ओ महोदय ने अपने उद्बोधन में कहा कि सर्वप्रथम सभी को समर्पण भाव से अपनी जिम्मेदारियां निभानी चाहिए और जीवन को सफल बनाना चाहिए। मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित अधिवक्ता सुश्री उर्वशी सिंह ने अपने उद्बोधन में दहेज प्रथा से संबंधित कानूनी दांव पेच के बारे में महाविद्यालय की छात्राओं को विस्तार से समझाया।
उन्होंने बताया कि दहेज एक बीमारी है जिसने हमारे समाज को जकड़ रखा है। छात्राओं को बताया कि उन्हें अपनी स्वतंत्रता का दुरुपयोग नहीं करना चाहिए। इसी के साथ उन्होंने कर्तव्य एवं अधिकारों की परिभाषा को छात्राओं को विस्तार से समझाया। छात्राओं द्वारा उपस्थित विशेषज्ञों से संवाद स्थापित करते हुए अपने प्रश्नों को भी उठाया जिनका समाधान वक्ताओं द्वारा दिया गया । इस अवसर पर आंतरिक परिवाद निवारण समिति के सभी सदस्य एवं प्रोफेसर गीता चौधरी, प्रोफेसर अनुजा गर्ग, डॉ॰ मनीषा भूषण तथा डॉक्टर गजेन्द्र सिंह आदि उपस्थित रहे। कार्यक्रम में 50 से अधिक छात्रायें उपस्थित रहीं ।

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