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Friday, September 4, 2026

सरधना सीट पर रालोद की पैरवी से भाजपाई परेशान

 


-शहर सीट पर कई भाजपाइयों की सांसें अटकीं, धर्मेंद्र भारद्वाज खेमा एक्टिव मोड़ में


सलीम सिद्दीकी

नित्य संदेश, मेरठ। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में मिली जादुई जीत भाजपाइयों को अभी तक भी फीलगुड करा रही है। इसके चलते भाजपाइयों के चेहरे खिले हुए हैं, लेकिन इसके उलट मेरठ में कई भाजपाइयों और उनके समर्थकों के चेहरे उतरे हुए हैं।


दरअसल, शहर और सरधना सहित मेरठ जिले की सभी विधानसभा सीटों पर कई-कई भाजपा नेता दावेदारी जता रहे हैं। इनमें कमल दत्त शर्मा से लेकर सुनील भराला, ठाकुर संगीत सोम, पूर्व राज्यसभा सांसद ठाकुर विजयपाल सिंह तोमर, मेरठ से दो बार जिला अध्यक्ष रहे शिवकुमार राणा, छात्र राजनीति से निकलकर आए आशीष प्रताप सिंह सोम, दिल्ली हाईकोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता ठाकुर यशपाल सिंह सोम और पूर्व विधायक प्रोफेसर रविंद्र पुंडीर के बेटे डॉ. उत्कर्ष पुंडीर सहित कई और नेता शामिल हैं। उधर, राजनीतिक हलकों में एनडीए गठबंधन से सरधना सीट के इस बार रालोद के खाते में जाने की चर्चा ने कई भाजपाइयों के होश उड़ा दिए हैं। हालांकि, इसकी अभी किसी भी स्तर पर कोई पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन सिर्फ चर्चाओं ने ही भाजपा खेमे को हिलाकर रख दिया है।


काफी समय से सक्रिय है कमलदत्त शर्मा

शहर सीट पर कमल दत्त शर्मा पिछले काफी समय से सक्रिय हैं, लेकिन कुछ समय पूर्व एक मीडिया संस्थान द्वारा कराए गए राजनीतिक सर्वेक्षण में विधान परिषद सदस्य धर्मेंद्र भारद्वाज को शहर के लोगों ने खासी तरजीह दी। इसके अलावा कुछ प्रतिशत लोगों ने सुनील भराला और कमल दत्त शर्मा के पक्ष में अपनी राय का इजहार किया। उक्त मीडिया संस्थान द्वारा कराए गए सर्वेक्षण में लोगों की पहली पसंद बनने के साथ-साथ पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनावों में धर्मेंद्र भारद्वाज की संगठनात्मक कुशलता को देखते हुए उनके समर्थकों में खासा उत्साह है।


2027 में धर्मेंद्र भारद्वाज को मिल सकता है टिकट

बता दें कि भाजपा हाईकमान ने धर्मेंद्र भारद्वाज को पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव में खास जिम्मेदारी सौंपी थी। धर्मेंद्र भारद्वाज ने पश्चिम बंगाल में अपनी प्रबंधन क्षमता का लोहा मनवाया। उन्होंने वहां प्रत्येक बूथ पर संगठन को सक्रिय किया। इससे पूर्व भी धर्मेंद्र भारद्वाज ने मेरठ महापौर और मेरठ-हापुड़ लोकसभा सीट पर हुए लोकसभा चुनाव में सक्रिय भूमिका निभाई थी। इसके साथ-साथ नमो भारत ऐप अभियान के अंतर्गत भी उन्हें ब्रांड एंबेसडर के लिए चुना गया था। भाजपा के यूपी में माइक्रोडोनेशन अभियान में भी उनका सराहनीय योगदान रहा। इन सब बिंदुओं को मद्देनजर रखते हुए शहर में अब इस बात की चर्चा है कि मिशन 2027 के लिए पार्टी उन्हें शहर से टिकट दे सकती है।


मेहनत कर रहे समर्थक परेशान

उधर, इन सब चर्चाओं के बीच शहर सीट पर मेहनत कर रहे दूसरे भाजपा नेताओं और उनके समर्थकों की नींद उड़ी हुई है। हालांकि, अभी यह सब चर्चाएं हैं, लेकिन यह चर्चाएं ही कई भाजपाइयों की नींद उड़ाने के लिए काफी हैं।

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