एआई मंथन 2.0 में कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला के नेतृत्व में सीसीएसयू की टीम ने किया प्रतिभाग
नित्य संदेश ब्यूरो
कानपुर। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय मेरठ लगातार अपनी पहचान मजबूत कर रहा है। इसी क्रम में विद्यार्थियों ने एआई आधारित नवाचार के क्षेत्र में विश्वविद्यालय का गौरव बढ़ाया है। AI Manthan 2.0 के लिए सीसीएसयू की ओर से छह एआई आधारित प्रोजेक्ट/प्रस्ताव प्रस्तुत किए गए, जिनमें विद्यार्थियों का ‘Road Intelligence Platform–Bolti Sadak’ (रोड इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म–बोलती सड़क) को मिला मंच। इसे एआई मंथन के इनोवेशन शोकेस में प्रदर्शित किया जा रहा है।
कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला के नेतृत्व में विश्वविद्यालय की टीम ने कानपुर पहुंचकर कार्यक्रम में सहभागिता की। विश्वविद्यालय के रिसर्च डायरेक्टर प्रो. बीरपाल सिंह, प्रो. बिंदु शर्मा, प्रो जयमाला , उपनिदेशक शोध प्रो. जितेंद्र सिंह, डॉ. सचिन कुमार (एआई कोऑर्डिनेटर, सीसीएसयू), प्रो राकेश शर्मा,रजिस्ट्रार ए के यादव, वित्त अधिकारी श्री रमेश चंद्र विद्यार्थियों के साथ मौजूद रहे और उन्हें प्रोत्साहित किया।
‘बोलती सड़क’ बताएगी सड़क की समस्या, समाधान तक पहुंचेगी सूचना:
सीसीएसयू के SCRIET के विद्यार्थियों का ‘Road Intelligence Platform–Bolti Sadak’ एक ऐसा तकनीकी समाधान है, जिसमें एआई, डेटा और नागरिक सहभागिता के माध्यम से सड़क संबंधी समस्याओं की पहचान और उनके समाधान की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने की परिकल्पना की गई है।
प्रोजेक्ट में नागरिकों के लिए Citizen-friendly Mobile एवं Web Interface तथा अधिकारियों के लिए Priority Queue और Dashboard जैसी सुविधाओं को शामिल किया गया है। इसका उद्देश्य सड़क पर गड्ढे अथवा अन्य समस्याओं की सूचना को व्यवस्थित तरीके से संबंधित तंत्र तक पहुंचाना और प्राथमिकता के आधार पर उनके निस्तारण की प्रक्रिया को बेहतर बनाना है।
प्रोजेक्ट की टीम में आर्यन विक्रम सिंह (टीम लीडर), धीरेंद्र प्रजापति, अक्षांश श्रीवास्तव और अवि राय शामिल हैं। विद्यार्थियों ने आधुनिक तकनीकों का प्रयोग करते हुए इस समाधान को विकसित किया है। प्रोजेक्ट के तकनीकी ढांचे में React, Vite, TypeScript, Tailwind, Maps तथा FastAPI, REST API, JWT और Validation जैसी तकनीकों का उपयोग किया गया है।
छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय, कानपुर में 12 और 13 सितंबर को AI Manthan 2.0 का आयोजन हो रहा है। आधिकारिक कार्यक्रम के अनुसार इसमें शिक्षा, शोध, कृषि, चिकित्सा, शासन, रोबोटिक्स और तकनीकी नवाचार सहित विभिन्न क्षेत्रों में एआई के उपयोग पर चर्चा हो रही है। कार्यक्रम में IIT Kanpur, IIT Kharagpur, IIT Mandi, BITS Pilani, AIIMS, Google, IBM और अन्य प्रमुख संस्थानों के विशेषज्ञ शामिल हैं।
आयोजन में करीब 40 राज्य विश्वविद्यालयों के कुलपति तथा आईआईटी, एम्स, कैंसर संस्थानों, प्रशासन और तकनीकी उद्योग से जुड़े विशेषज्ञ हिस्सा ले रहे हैं। शिक्षा से लेकर स्वास्थ्य, कृषि और प्रशासन तक एआई के इस्तेमाल पर विशेष चर्चा हो रही है। कार्यक्रम में विश्वविद्यालयों के प्रस्तुतिकरण के लिए भी अलग सत्र रखा गया है। उपलब्ध शेड्यूल में चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय, मेरठ का प्रस्तुतीकरण 12 सितंबर को हुआ। एआई मंथन 2.0 की अध्यक्षता उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं कुलाधिपति श्रीमती आनंदीबेन पटेल कर रही हैं। कार्यक्रम में शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, रोबोटिक्स, शासन, शोध और रोजगार में एआई के उपयोग पर मंथन किया जा रहा है।
इस अवसर पर सीसीएसयू की कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला ने कहा कि “आज के तकनीकी युग में विश्वविद्यालयों की भूमिका केवल विद्यार्थियों को पारंपरिक ज्ञान उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं रह सकती। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के माध्यम से वास्तविक सामाजिक समस्याओं के समाधान विकसित करना समय की आवश्यकता है। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय अपने विद्यार्थियों और शिक्षकों को शोध, नवाचार तथा तकनीकी उद्यमिता के लिए निरंतर प्रोत्साहित कर रहा है। ‘बोलती सड़क’ जैसे प्रोजेक्ट इस बात का उदाहरण हैं कि हमारे विद्यार्थी तकनीक को समाज की वास्तविक जरूरतों से जोड़कर समाधान विकसित करने की क्षमता रखते हैं।”
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्तर के ऐसे मंच विद्यार्थियों को अपने नवाचार को विशेषज्ञों, शिक्षाविदों, उद्योग जगत और नीति-निर्माताओं के सामने प्रस्तुत करने का अवसर देते हैं, जिससे उन्हें अपने प्रोजेक्ट की कमियों और संभावनाओं को समझने तथा उसे और बेहतर बनाने में मदद मिलती है।
AI Manthan 2.0 को केवल व्याख्यानों का कार्यक्रम नहीं, बल्कि शोध, नवाचार और उद्योग के बीच सेतु बनाने वाला मंच बनाया गया है। आयोजकों के अनुसार AI Innovation Showcase में चयनित परियोजनाओं को विशेषज्ञों, उद्योग प्रतिनिधियों, निवेशकों, शोधकर्ताओं और नीति-निर्माताओं के सामने अपना समाधान प्रदर्शित करने का अवसर मिल रहा है। चयन में नवाचार, एआई की प्रासंगिकता और प्रोटोटाइप की प्रदर्शन-तत्परता जैसे मानकों को महत्व दिया गया है।
विश्वविद्यालयों के लिए ऐसे आयोजनों का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि यहां एकेडमिक रिसर्च को वास्तविक समस्या के समाधान, प्रोटोटाइप, स्टार्टअप और संभावित उद्योग सहयोग में बदलने का अवसर मिलता है। विद्यार्थियों को विशेषज्ञों से सीधे फीडबैक मिलने के साथ भविष्य के रोजगार, इंटर्नशिप, शोध सहयोग और उद्यमिता के रास्ते भी खुल सकते हैं।
AI Manthan 2.0 में SCRIET के विद्यार्थियों के प्रोजेक्ट का चयन चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय की नवाचार आधारित शिक्षा और शोध संस्कृति को नई पहचान देने वाला कदम है। खास बात यह है कि विद्यार्थियों ने किसी काल्पनिक समस्या के बजाय आम नागरिकों से जुड़ी सड़क सुरक्षा और सड़क रखरखाव जैसी समस्या को चुना और उसे एआई, डेटा तथा डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ने का प्रयास किया।
AI Manthan 2.0 जैसे मंचों पर सीसीएसयू की यह सहभागिता यह संदेश देती है कि विश्वविद्यालय के विद्यार्थी अब केवल तकनीक के उपयोगकर्ता नहीं, बल्कि समाज की समस्याओं के लिए तकनीकी समाधान विकसित करने वाले नवाचारकर्ता भी बन रहे हैं।
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