एंटी करप्शन टीम ने तहसील के कमरा नंबर-18 में पकड़ा, देहली गेट थाने में 2 घंटे पूछताछ
नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ। सदर तहसील में तैनात एक कानूनगो को एंटी करप्शन टीम ने बुधवार
दोपहर करीब 2:15 बजे 30 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
आरोपी कानूनगो की पहचान धर्मपाल सिंह के रूप में हुई है। टीम ने उसे देहली गेट
थाने लाकर करीब दो घंटे तक पूछताछ की।
मुंडाली थाना क्षेत्र के ग्राम आलमपुर बुजुर्ग निवासी दल सिंह का जमीन को लेकर
विवाद चल रहा है। इस संबंध में दल सिंह ने 29 जून 2026 को एसडीएम कोर्ट में वाद
दायर किया था। एसडीएम ने रिपोर्ट के लिए मामला सदर तहसील भेजा था। काफी दिन बीतने
के बाद भी रिपोर्ट नहीं लगी तो दल सिंह तहसील पहुंचा और कानूनगो धर्मपाल सिंह से
मिला। आरोप है कि कानूनगो ने रिपोर्ट लगाने के एवज में 30 हजार रुपये की मांग की।
पीड़ित के मुताबिक, कानूनगो ने कहा था - "30 हजार दोगे तो फाइनल रिपोर्ट लगा
दूंगा, मुझे भी आगे खर्चा देना होता है। पैसा नहीं दोगे तो ऐसे ही चक्कर काटते
रहोगे।"
8 सितंबर को की थी शिकायत, पाउडर लगे नोटों से पकड़ा
परेशान होकर दल सिंह ने 8 सितंबर को एंटी करप्शन टीम से लिखित शिकायत की।
योजना के तहत बुधवार को पीड़ित अपने एक साथी के साथ दोपहर 2 बजे तहसील स्थित
कानूनगो के कमरा नंबर-18 में पहुंचा। पीड़ित ने जैसे ही 30 हजार रुपये (टीम के
अनुसार पहले 20 हजार पकड़ाने की बात सामने आई) कानूनगो को दिए, कानूनगो ने लेकर
पैंट की जेब में रख लिए। इसी दौरान पहले से घात लगाए एंटी करप्शन टीम ने कमरे में
प्रवेश कर अपना परिचय दिया। टीम को देखते ही कानूनगो ने जेब से रुपये निकालकर फेंक
दिए और गिड़गिड़ाने लगा। टीम ने जब उसका हाथ धुलवाया तो पाउडर का रंग निकल आया।
डेढ़ साल बाद होना था रिटायर
पूछताछ में सामने आया कि आरोपी कानूनगो धर्मपाल सिंह का डेढ़ साल बाद
रिटायरमेंट होना था। कुछ महीने पहले उसका तबादला सहारनपुर हो गया था, लेकिन 5
महीने बाद ही उसने अपना तबादला वापस मेरठ करा लिया था। गिरफ्तारी की सूचना से
तहसील परिसर में हड़कंप मच गया। देखते ही देखते कार्यालय खाली हो गए। टीम आरोपी को
लेकर देहली गेट थाने पहुंची। खबर मिलते ही थाने पर कानूनगो की पत्नी, बच्चे और
रिश्तेदारों का जमावड़ा लग गया। पुलिस ने उन्हें पूछताछ के दौरान दूर रखा। टीम आगे
की वैधानिक कार्रवाई कर रही है।

No comments:
Post a Comment