-शासन स्तर से जिले के लिए 60 लाख रुपये की मार्जिन मनी तय, योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया जारी
नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ। मेरठ की रेवड़ी और गजक की मिठास अब कारोबार के विस्तार की नई कहानी
लिखने की तैयारी में है। पारंपरिक उत्पादों से जुड़े उद्यमियों को पूंजी की कमी के
कारण कारोबार सीमित न रखना पड़े, इसके लिए सरकार ने ओडीओसी (एक जिला एक व्यंजन)
वित्तपोषण सहायता योजना के तहत मेरठ के लिए लक्ष्य निर्धारित कर दिया है। शासन
स्तर से जिला उद्योग केंद्र को 20 उद्यमियों का चयन करने का लक्ष्य दिया गया है,
जिसके लिए आवेदन प्रक्रिया जारी है।
ओडीओसी योजना के तहत मेरठ जिले में 60 लाख रुपये की मार्जिन मनी निर्धारित की
गई है। इस योजना के तहत नए कारोबार की शुरुआत करने के साथ पहले से चल रही इकाइयों
को भी विस्तार दिया जा सकेगा। इस पहल से रेवड़ी, गजक और नानखटाई जैसे मेरठ की
पहचान वाले उत्पादों को छोटे स्तर के कारोबार से आगे ले जाने का अवसर मिलेगा।
उत्पादन बढ़ाने, कारोबार में निवेश करने और बाजार का दायरा बढ़ाने के इच्छुक
उद्यमियों को बैंक ऋण के साथ सरकारी सब्सिडी का लाभ भी दिया जाएगा। इससे स्थानीय
उत्पादों की बिक्री को नए बाजारों तक पहुंचाने की संभावना भी मजबूत होगी।
नए लोगों को भी मिलेगा उद्यम स्थापित करने का अवसर
ओडीओसी योजना का लाभ उठाने के लिए किसी खास शैक्षणिक डिग्री की शर्त नहीं रखी
गई है। यानी वर्षों से रेवड़ी, गजक या नानखटाई तैयार करने वाले कारोबारी अपने
पारंपरिक अनुभव को व्यवसाय विस्तार में बदल सकते हैं। नए लोग भी संबंधित इकाई
स्थापित करने के लिए योजना के तहत आगे बढ़ सकते हैं। आवेदन के लिए न्यूनतम आयु 18
वर्ष निर्धारित है। हालांकि एक परिवार से केवल एक व्यक्ति को ही योजना का लाभ दिया
जाएगा। इसके साथ ही यदि आवेदक या उसके परिवार के किसी सदस्य ने पहले किसी अन्य
सरकारी स्वरोजगार योजना का लाभ लिया है तो उसके संबंध में योजना में निर्धारित
नियमों के आधार पर पात्रता तय होगी।
60 लाख तक मिलेगी मार्जिन मनी
उत्तर प्रदेश सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 में मेरठ जिले के उद्यमियों के लिए
60 लाख रुपए की मार्जिन मनी निर्धारित की है। कारोबार के आकार के अनुसार सरकार ने
अलग-अलग स्तर पर सब्सिडी तय की है। 25 लाख रुपये तक की परियोजना में लागत का 25
प्रतिशत या अधिकतम 6.25 लाख रुपये तक सहायता मिलेगी। 25 से 50 लाख रुपये की
परियोजना के लिए 10 प्रतिशत या अधिकतम 6.25 लाख रुपये की सब्सिडी निर्धारित की गई
है, जबकि 50 लाख से 1.5 करोड़ रुपये तक की परियोजना पर लागत का 20 प्रतिशत या
अधिकतम 10 लाख रुपये और 1.5 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजना पर 10 प्रतिशत या
अधिकतम 50 लाख रुपये तक की सब्सिडी दी जाएगी।
महिलाओं के लिए सिर्फ 5 प्रतिशत अंशदान
योजना में सामान्य श्रेणी के लाभार्थी को परियोजना लागत का 10 प्रतिशत अंशदान
देना होगा। वहीं अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक,
महिला और दिव्यांगजन के लिए यह हिस्सेदारी पांच प्रतिशत रखी गई है।
ये कहना है उपायुक्त उद्योग का
उपायुक्त उद्योग अमरेश कुमार पांडे ने कहा कि 20 उद्यमियों के चयन और 60 लाख
रुपये की मार्जिन मनी के साथ ओडीओसी योजना मेरठ के पारंपरिक खाद्य कारोबार को
संगठित रूप से आगे बढ़ाने का अवसर दे रही है। इससे छोटे कारोबारियों को विस्तार के
लिए वित्तीय आधार मिलने के साथ स्थानीय उत्पादों को बड़े बाजार में स्थापित करने
की राह आसान होगी।

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