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Sunday, September 13, 2026

कोडिंग के हुनर से विद्यार्थियों ने दिखाई तकनीकी प्रतिभा, सुभारती में ‘कोडवार 2.0’ हैकाथॉन का शानदार आयोजन

 

सुभारती में ‘कोडवार 2.0’ हैकाथॉन में विद्यार्थियों ने दिखाई तकनीकी प्रतिभा

 


नित्य संदेश ब्यूरो


मेरठ। स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय के फैकल्टी ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी  के कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग की ओर से ‘कोडवार 2.0–हैकाथॉन’ का सफल आयोजन फैकल्टी ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी  परिसर में किया गया। कोडिंग क्लब द्वारा आयोजित इस तकनीकी प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने अपनी प्रोग्रामिंग क्षमता, नवाचार, तार्किक चिंतन और समस्या-समाधान कौशल का शानदार प्रदर्शन किया।



हैकाथॉन का आयोजन फैकल्टी ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी के डीन प्रो. (डॉ.) मनोज कपिल तथा कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. श्रवण कुमार गर्ग के मार्गदर्शन एवं निर्देशन में किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को अपनी तकनीकी प्रतिभा को रचनात्मक रूप से प्रस्तुत करने तथा वास्तविक जीवन की समस्याओं के व्यावहारिक समाधान विकसित करने के लिए मंच प्रदान करना रहा। इस अवसर पर डीन प्रो. (डॉ.) मनोज कपिल ने कहा कि आज के तकनीकी युग में केवल किताबी ज्ञान पर्याप्त नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों के लिए अपने ज्ञान को वास्तविक जीवन की समस्याओं के समाधान में बदलना बेहद आवश्यक है। ऐसे हैकाथॉन विद्यार्थियों को नए विचारों के साथ प्रयोग करने, चुनौतियों का समाधान खोजने और टीम के रूप में कार्य करने का अवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों में नवाचार, रचनात्मकता और तकनीकी दक्षता को बढ़ावा देना सुभारती विश्वविद्यालय की प्राथमिकताओं में शामिल है। ‘कोडवार 2.0’ जैसे आयोजन विद्यार्थियों को भविष्य की तकनीकी चुनौतियों के लिए तैयार करने के साथ उन्हें आत्मविश्वासी और उद्योगोन्मुख बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।



हैकाथॉन की थीम ‘कोड–नवाचार–सृजन–प्रतियोगिता’ रही। इसके माध्यम से विद्यार्थियों को अपने नए विचारों को तकनीकी समाधानों में बदलने के साथ-साथ समस्याओं की पहचान, समाधान की रूपरेखा तैयार करने और उसे कार्यशील परियोजना के रूप में प्रस्तुत करने का अवसर मिला। प्रतियोगिता में कुल 10 टीमों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। प्रतिभागी टीमों ने निर्णायक मंडल के समक्ष अपने-अपने परियोजना कार्य एवं तकनीकी समाधानों का प्रदर्शन किया। विद्यार्थियों ने अपनी परियोजनाओं के माध्यम से तकनीकी सोच, रचनात्मकता और व्यावहारिक ज्ञान का परिचय दिया।



हैकाथॉन के निर्णायक मंडल में इंजीनियर रोहन सिंह एवं इंजीनियर अंशिका शर्मा शामिल रहे। दोनों निर्णायकों ने प्रतिभागी टीमों की परियोजनाओं का तकनीकी दृष्टिकोण, नवाचार, कार्यक्षमता एवं प्रस्तुतीकरण के विभिन्न पहलुओं पर बारीकी से मूल्यांकन किया। विद्यार्थियों ने अपने विचारों और तकनीकी समाधानों को आत्मविश्वास के साथ निर्णायकों के समक्ष प्रस्तुत किया। कार्यक्रम का समन्वय डॉ. अशिमा ने किया। वहीं विवेक कुमार एवं कुमार नागेश ने कार्यक्रम के सफल संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

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