नित्य संदेश ब्यूरो
नोएडा। भारत तेजी से इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग और इनोवेशन के वैश्विक केंद्र के रूप में अपनी पहचान मजबूत कर रहा है। इसी बढ़ती भूमिका को इलेक्ट्रॉनिका इंडिया और प्रोडक्ट्रॉनिका इंडिया 2026 में प्रमुखता से पेश किया जाएगा। मेस्से मुएनचेन ग्रुप का हिस्सा मेस्से मुएनचेन इंडिया इस आयोजन को 16 से 18 सितंबर तक बेंगलुरु के बैंगलोर इंटरनेशनल एग्ज़िबिशन सेंटर (बीआईईसी) में आयोजित करेगा।
भूपिंदर सिंह, प्रेसिडेंट – आईएमईए (इंडिया, मिडिल ईस्ट, अफ्रीका), मेस्से मुएनचेन और सीईओ, मेस्से मुएनचेन इंडिया ने कहा, “भारत का इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर
अब एक महत्वपूर्ण दौर में पहुंच गया है, जहां मैन्युफैक्चरिंग का
विस्तार, नीतिगत समर्थन और ग्लोबल वैल्यू चेन में बढ़ती
भागीदारी इसकी ग्रोथ को आगे बढ़ा रही है। इलेक्ट्रॉनिका इंडिया और प्रोडक्ट्रॉनिका
इंडिया 2026 का बड़ा स्तर और अंतरराष्ट्रीय भागीदारी इसी रफ्तार
को दिखाती है। बेंगलुरु में हमारा फोकस उद्योग की महत्वाकांक्षाओं को सही
टेक्नोलॉजी, सप्लायर्स और साझेदारियों से जोड़ना है, ताकि मजबूत मैन्युफैक्चरिंग क्षमता विकसित हो और
बेहतर बिजनेस परिणाम हासिल किए जा सकें।”
इलेक्ट्रॉनिका इंडिया और प्रोडक्ट्रॉनिका इंडिया 2026 की नेशनल एडवाइजरी कमेटी के सदस्य संजीव केसकर ने कहा, “भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर
में बड़ी संभावनाएं हैं, लेकिन इस ग्रोथ को बनाए रखने के
लिए देश में मजबूत क्षमताएं विकसित करनी होंगी और एडवांस मैन्युफैक्चरिंग
टेक्नोलॉजी को तेजी से अपनाना होगा। ये प्रदर्शनियां निर्णय लेने वाले लोगों को
अलग-अलग समाधानों की तुलना करने, भारतीय और अंतरराष्ट्रीय
सप्लायर्स से सीधे जुड़ने और अपने अगले विस्तार के लिए जरूरी टेक्नोलॉजी एवं
साझेदारियों की पहचान करने का व्यावहारिक अवसर देती हैं।”
डॉ. रेनहार्ड फाइफर, सीईओ, मेस्से मुएनचेन जीएमबीएच ने कहा, “भारत ग्लोबल इलेक्ट्रॉनिक्स
इंडस्ट्री में तेजी से प्रभावशाली भूमिका निभा रहा है। भारत न केवल तेजी से बढ़ता
बाजार है, बल्कि एक उभरता हुआ मैन्युफैक्चरिंग बेस भी है। 50 से अधिक देशों के प्रदर्शकों और विजिटर्स की भागीदारी
इस मंच की अंतरराष्ट्रीय अहमियत को दिखाती है। यह आयोजन भारतीय और ग्लोबल कंपनियों
को टेक्नोलॉजी साझा करने, साझेदारियां विकसित करने और
भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर की अगली ग्रोथ में योगदान देने के महत्वपूर्ण अवसर
भी प्रदान करता है।”
राजू गोयल, सेक्रेटरी
जनरल, ईएलसीना ने कहा, “भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर
की अगली ग्रोथ के लिए कंपोनेंट्स, प्रोडक्शन टेक्नोलॉजी और सप्लाई
चेन को और मजबूत करना जरूरी होगा। इसके लिए उद्योग, सरकार और
टेक्नोलॉजी प्रोवाइडर्स के बीच बेहतर तालमेल की जरूरत है। सीईओ फोरम और भारत
पीसीबी टेक कॉन्फ्रेंस के जरिए ईएलसीना इलेक्ट्रॉनिका इंडिया और
प्रोडक्ट्रॉनिका इंडिया 2026 में इंडस्ट्री लीडर्स के विचार
और भारत की पीसीबी मैन्युफैक्चरिंग क्षमता को मजबूत करने पर केंद्रित
चर्चा लेकर आएगा। ये मंच इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम में व्यावहारिक
सहयोग को आगे बढ़ाने में मदद करेंगे।”
कार्यक्रम में कर्नाटक सरकार के बड़े एवं मध्यम
उद्योग और बुनियादी ढांचा विकास मंत्री श्री एम.बी. पाटिल और कर्नाटक
सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स, सूचना प्रौद्योगिकी, जैव प्रौद्योगिकी एवं विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग
की सचिव डॉ. मंजुला एन., आईएएस सहित कई
प्रमुख अतिथियों के शामिल होने की उम्मीद है। ‘इलेक्ट्रॉनिक्स में भारत का पावरप्ले’ थीम के तहत आयोजित होने वाली ये दोनों प्रदर्शनियां
उन तकनीकों और औद्योगिक साझेदारियों को एक मंच पर लाएंगी, जो भारत के
इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र के अगले दौर की ग्रोथ को आगे बढ़ा रही हैं।
बेंगलुरु संस्करण 60,000 वर्ग मीटर के कुल प्रदर्शनी क्षेत्र में
आयोजित होगा। इसमें 30 से अधिक
देशों के 750+ प्रदर्शक शामिल होंगे।
साथ ही, 50 से अधिक देशों से 50,000 से ज्यादा बिजनेस विजिटर्स के आने की
उम्मीद है। कार्यक्रम के दौरान 18 कॉन्फ्रेंस, समिट और इंडस्ट्री फोरम में 150 से अधिक वक्ता हिस्सा
लेंगे। यह बड़ा आयोजन ग्लोबल इलेक्ट्रॉनिक्स वैल्यू चेन में
भारत की बढ़ती अहमियत को दिखाता है। साथ ही, यह एक ऐसे
मजबूत राष्ट्रीय मंच की जरूरत को भी सामने रखता है, जो
टेक्नोलॉजी कंपनियों, निर्माताओं, खरीदारों, नीति निर्माताओं और निवेशकों को एक साथ जोड़ सके।
भारत में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग को प्रोडक्शन
लिंक्ड इंसेंटिव (पीएलआई) योजनाओं और इलेक्ट्रॉनिक्स
कंपोनेंट्स मैन्युफैक्चरिंग स्कीम (ईसीएमएस) से लगातार बढ़ावा मिल रहा है। इसके चलते देश अब केवल
असेंबली से आगे बढ़कर कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग को मजबूत करने की दिशा में काम कर
रहा है। 17 अगस्त 2026 तक एमईआईटीवाई ने ईसीएमएस के तहत 106 परियोजनाओं को मंजूरी दी थी, जिनमें 69,548 करोड़ के
निवेश और 74,628 प्रत्यक्ष
रोजगार पैदा होने की उम्मीद है। इनमें से 38 प्लांट में उत्पादन शुरू हो चुका है।
इसी पृष्ठभूमि में इलेक्ट्रॉनिका इंडिया और प्रोडक्ट्रॉनिका इंडिया निर्माताओं, कंपोनेंट सप्लायर्स, इलेक्ट्रॉनिक्स प्रोडक्शन टेक्नोलॉजी प्रोवाइडर्स, खरीदारों और नीति निर्माताओं को अपनी क्षमताओं को समझने और नई बिजनेस साझेदारियां बनाने के लिए एक साझा मंच देंगे। बाजार के विस्तार के साथ दो शहरों का राष्ट्रीय मंच भी हुआ मजबूत : इलेक्ट्रॉनिका इंडिया और प्रोडक्ट्रॉनिका इंडिया पहले दिल्ली-एनसीआर और बेंगलुरु में बारी-बारी से आयोजित किए जाते थे। 2026 से दोनों शहरों में इन प्रदर्शनियों को हर साल आयोजित करने की शुरुआत की गई है। इस विस्तारित दो-शहर मॉडल के तहत आयोजन में 50% की वृद्धि हुई है।
इस बदलाव से यह मंच भारत के दो प्रमुख इलेक्ट्रॉनिक्स
मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्रों के और करीब पहुंचा है। इससे उद्योग को सप्लायर्स, नई तकनीकों और बिजनेस निर्णय लेने वाले प्रमुख लोगों
से जुड़ने के ज्यादा अवसर मिलेंगे। बेंगलुरु संस्करण दक्षिण भारत
के मजबूत इलेक्ट्रॉनिक्स इकोसिस्टम को ध्यान में रखते हुए आयोजित किया जा रहा है, जिसमें इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सर्विस
कंपनियां, कंपोनेंट निर्माता, सेमीकंडक्टर
कंपनियां, रिसर्च संस्थान, स्टार्टअप्स
और ग्लोबल टेक्नोलॉजी कंपनियां शामिल हैं। इस आयोजन के राष्ट्रीय और
अंतरराष्ट्रीय स्तर के कारण कंपनियों को अलग-अलग सोर्सिंग विकल्पों की तुलना करने, प्रोडक्शन टेक्नोलॉजी को समझने और संभावित बिजनेस एवं
टेक्नोलॉजी पार्टनर्स से सीधे जुड़ने का अवसर मिलेगा।

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