नित्य संदेश ब्यूरो
मेरठ। सिविल लाइन पुलिस और स्वाट टीम नगर की संयुक्त कार्रवाई में प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक कराने और सॉल्वर गैंग के माध्यम से अभ्यर्थियों को फर्जी तरीके से पास कराने वाले गिरोह के 20 हजार रुपये के इनामी वांछित अभियुक्त को गिरफ्तार किया गया है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एसपी सिटी के निर्देशन और सीओ सिविल लाइन के पर्यवेक्षण में पुलिस टीम ने 7 सितंबर को अभियुक्त मोनू उर्फ प्रशांत कुमार सिंह पुत्र ओमपाल सिंह / रामअवतार निवासी ग्राम खटाना, थाना जारचा, जनपद गौतमबुद्धनगर को दिल्ली के निजामुद्दीन क्षेत्र से गिरफ्तार किया। बता दें कि 28 जून 2023 को एसटीएफ फील्ड यूनिट मेरठ के निरीक्षक सुनील कुमार ने थाना सिविल लाइन में तहरीर दी थी कि एक संगठित गिरोह परीक्षार्थियों से अवैध रूप से मोटी रकम लेकर प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर आउट कराता है और फर्जी तरीके से पास कराता है। तहरीर के आधार पर थाना सिविल लाइन पर मुकदमा संख्या 197/2023 धारा 419/420/467/468/471/120बी/34 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था।
विवेचना में मोनू उर्फ प्रशांत का नाम प्रकाश में आया था, जो लगातार फरार चल रहा था। उसकी गिरफ्तारी पर 20 हजार का इनाम घोषित था। पुलिस के अनुसार अभियुक्त शातिर किस्म का है और पूर्व में गिरफ्तारी के दौरान अपने पिता का नाम बदलकर बताता रहा है। इसके खिलाफ गाजियाबाद, मुजफ्फरनगर, गौतमबुद्धनगर और देहरादून में पेपर लीक से संबंधित कई मुकदमे दर्ज हैं। थाना रायपुर देहरादून में दर्ज मुकदमे की जांच फिलहाल सीबीआई उत्तराखंड कर रही है। पुलिस ने अभियुक्त के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई कर उसे न्यायालय में पेश कर दिया है।
गिरफ्तार करने वाली टीम में थाना प्रभारी अरुण भाटी, स्वाट टीम प्रभारी मनीष शर्मा, उप निरीक्षक अमित कुमार, उप निरीक्षक शुभम पचौरी और हेड कांस्टेबल कृष्ण प्रताप सिंह शामिल रहे।

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